फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   तारादेवी गोलीकांड

सीबीआई ने दो साल बाद की पेश की तारादेवी गोलीकांड की चार्जशीट

Mon, 06 Aug 2018 11:34 AM IST
देवेंद्र ठाकुर, अमर उजाला, शिमला
देवेंद्र ठाकुर, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 06 Aug 2018 11:34 AM IST
विज्ञापन
तारादेवी गोलीकांड

बहुचर्चित उदयवीर गोलीकांड मामले में सीबीआई ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। साल 2013 में टुटू तारादेवी बाईपास रोड पर पुलिस कांस्टेबल की गोली से हुई उदयवीर की मौत के मामले में सीबीआई ने दो साल की लंबी जांच के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर कर दी है। इस मामले में सीबीआई ने गहनता से जांच पड़ताल के बाद पुलिस कांस्टेबल रणबीर सिंह को आईपीसी की धारा 304 के पार्ट टू के तहत आरोपी बनाया है।

विज्ञापन


जांच के दौरान सीबीआई ने मृतक उदयवीर सिंह पंवर के परिजनों समेत मेडिकल ऑफिसर, एसआईटी और सीआईडी के जांच अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए थे। पुलिस और सीआईडी की जांच से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल के बाद सीबीआई ने पाया कि उन्होंने मामले की उचित जांच नहीं की है जबकि आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन


इसेे देखते हुए सीबीआई ने एसआईटी और सीआईडी के तत्कालीन अन्वेषण अधिकारियों के खिलाफ मामले की उचित जांच न करने पर प्रदेश सरकार से विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की है। इस मामले में पुलिस ने गोली चलाने वाले पुलिस कर्मचारी पर कार्रवाई करने की जगह मामले की क्लोजर रिपोर्ट बनाकर निचली अदालत में सौंप दी थी। इस पर मृतक उदयवीर की मां कमला पंवर ने प्रदेश उच्च न्यायालय में मामले की जांच सीबीआई से करवाने की गुहार लगाई थी। इसे देखते हुए 12 दिसंबर 2015 को प्रदेश उच्च न्यायालय ने युवकों की ओर से दर्ज प्राथमिकी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को मामले की जांच करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस की जांच पर उठे थे सवाल
उदयवीर की मौत के बाद पुलिस के विरोध में लोगों ने बालूगंज थाने का घेराव तक किया था। इसको देखते हुए पुलिस ने एसआईटी का गठन कर मामले की जांच सौंपी थी, लेकिन उस दौरान भी पुलिस की जांच को लेकर लोगों ने सवाल उठाए थे। इसकी वजह यह थी कि मामले की सबसे अहम कड़ी मेडिकल अफसर के बयान जांच टीम ने सबसे आखिर में दर्ज किए थे।

यह है मामला
9 जनवरी साल 2013 की रात उदयवीर सिंह पंवर, हर्ष शर्मा और नितिन ने शोघी में खाना खाया। यहां से शिमला लौटते समय वह टुटू-तारादेवी बाईपास सड़क पर बने पुलिस जंकयार्ड में दोस्तों के साथ अपनी जब्त गाड़ी को देखने चला गया। यहां उन्होंने अपनी गाड़ी पुलिस ड्यूटी पर तैनाती के लिए बने तंबू के सामने खड़ी कर दी। जब वे गाड़ी को देख रहे थे तो इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मी सतर्क हो गए और बाहर निकले। इस दौरान दोनों पक्षों में झड़प हो गई।


इसके बाद पुलिस कांस्टेबल रणवीर सिंह की बंदूक से गोली चल गई और यह उदयवीर सिंह के पेट के निचले हिस्से में लग गई जबकि हर्ष शर्मा की टांग में चोटें आई थी। मामले में आरोप था कि पुलिस ने जानबूझ कर गोली से घायल युवक को देरी से अस्पताल पहुंचाया और इससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने बालूगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की थी। पूरे मामले में लेकर पुलिस की कार्रवाई से नाराज मृतक की मां कमला पंवर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी। क्योंकि पुलिस ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट बनाकर निचली अदालत में पेश कर दी थी।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed