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भंडारी बन गए आरोपी, बाकी अफसरों को दी क्लीन चिट

Wed, 28 May 2014 12:36 PM IST
Updated Wed, 28 May 2014 12:36 PM IST
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tapping case vigilence made ex DGP ID Bhandari main accused

फोन टैपिंग मामले में विजिलेंस ने केवल पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी के खिलाफ ही अभियोजन मंजूरी मांगी है।

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जांच एजेंसी ने हालांकि अपनी रिपोर्ट में गृह विभाग और सीआईडी के कुछ अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश तो की है, लेकिन इन्हें आरोपी नहीं बनाया है।

अब इन पर कार्रवाई करना या न करना सरकार पर निर्भर करता है। जिस फोन टैपिंग प्रकरण के कारण पुलिस प्रमुख भंडारी को अपने पद से हाथ धोना पड़ा था, उसमें विजिलेंस को हालांकि पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

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अवैध टैपिंग के लिए बनाया है आरोपी

tapping case vigilence made ex DGP ID Bhandari main accused

विजिलेंस के जांच अधिकारी इस बात को मान रहे हैं कि जांच में कुछ राजनेताओं की बातचीत की रिकॉर्डिंग हाथ आई तो है, लेकिन यह रिकॉर्डिगिं वैध थी या अवैध, यह साबित करने के सबूत नहीं हैं।

ऐसे में विजिलेंस ने ड्राफ्ट चार्जशीट में 6 महीने से पुरानी रिकॉर्डिंग रखने के लिए सीआईडी के पूर्व प्रमुख आईडी भंडारी को मुख्य आरोपी बनाया है।

विजिलेंस ने भंडारी को इंडियन टेलीग्राफ एक्ट की धारा 26 के तहत आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामला बनाने की सिफारिश की है। विजिलेंस का दावा है कि जांच के दौरान उन्हें 2009 से 30 जून 2012 के मध्य की कई रिकॉर्डिगिं मिली है।

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