बिना पंजीकरण हिमाचल में नहीं खुलेंगे क्रेच-प्ले स्कूल
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प्रदेश में अब बिना पंजीकरण हिमाचल क्रेच और प्ले स्कूल नहीं खुलेंगे। वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में पारित राज्य के क्रेच और प्ले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के बिल को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है।
अब हिमाचल प्रदेश मेें नया कानून लागू हो गया है। वीरवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। कानून तोड़ने पर 15 हजार से 25 हजार तक का जुर्माना और ब्लैक लिस्ट करने की व्यवस्था होगी।
प्रदेश में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा केंद्र (रजिस्ट्रीकरण एवं विनियमन) विधेयक 2017 पारित किया था। समवर्ती सूची का विषय होने के कारण यह विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति को भेजा गया।
राष्ट्रपति ने 17 नवंबर 2018 को इसे अनुमोदित कर दिया है। अब इसे अधिसूचित कर वीरवार से लागू कर दिया गया है। राज्य में छह साल से कम आयु के बच्चों की क्रेच, आंगनबाड़ियों, बालबाड़ियों, प्ले स्कूल मेें उचित देखरेख होगी।
अब ये करना होगा
- केंद्र में आउटडोर और इंडोर आवास और पर्याप्त खिलौने
- कर्मचारी जमा दो पास हों
- नर्सरी अध्यापक प्रशिक्षण डिप्लोमा वालों की ही नियुक्ति
- राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा नीति 2013 के अनुरूप आयु के अनुुकूल बालक केंद्रित पाठ्यक्रम रहेगा
- इंडोर और आउटडोर क्रियाकलापों को संचालित करने के लिए पर्याप्त खिलौने हों
- सुगम्य पहुंच वाला सुरक्षित भवन हो, स्वच्छ पेयजल सुविधा
- स्वच्छ पेयजल की सुविधा हो
- बालकों के लिए अलग से शौचालय। उपयोगी बेसिन, हाथ धोने की सुविधा और तौलिए हों
- प्राथमिक उपचार के लिए तत्काल स्वास्थ्य एवं चिकित्सा किट
- तीन से छह बालकों की देखरेख के लिए 1:20 के हिसाब से वयस्क नियुक्त हों।