'राज्यसभा सांसद ने किए एक हजार करोड़ के बेनामी सौदे'
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद और हिमाचल प्रभारी रहे केडी सिंह ने एक हजार करोड़ से अधिक के बेनामी सौदे किए हैं। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने केडी सिंह पर हिमाचल में एक हजार करोड़ से अधिक के बेनामी सौदे करने का आरोप लगाया है।
पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य एवं पश्चिम बंगाल से सांसद मोहम्मद सलीम ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से केडी सिंह के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच मांगी है। सांसद ने सोमवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद दावा किया है कि उन्होंने केडी के बेनामी सौदों से जुड़े बैंक अकाउंट नंबर, चेक, सौदे करने वाले लोगों के नाम और मोबाइल नंबर भी सौंपे हैं।
शिमला में मीडिया से बातचीत में सांसद ने बताया कि केडी सिंह ने राजधानी के पर्यटन स्थल कुफरी से लेकर चौपाल के बीच, तारादेवी, सोलन और औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला में बेनामी सौदे किए हैं। इस शिकायत की कॉपी माकपा ने ईडी, सेबी और हिमाचल के राजस्व मंत्री, शहरी विकास मंत्री और मुख्य सचिव को सौंपकर बेनामी सौदों की जांच की मांग की है। मोहम्मद सलीम ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी इस मामले की सीबीआई जांच मांगी है।
जांच न हुई तो हाईकोर्ट जाएगी पार्टी : टिकेंद्र
केडी सिंह की अल्केमिस्ट कंपनी के बारे में भी वह अरुण जेटली को बता चुके हैं। वित्त मंत्री ने उन्हें बताया कि वे इस मामले को प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और आर्थिक मामलों संबंधी विभाग को भेज चुके हैं। माकपा सांसद ने हिमाचल के रियल इस्टेट से जुड़े स्थानीय नेताओं पर इन बेनामी सौदों में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं की मिलीभगत के बिना प्रदेश में इतने बड़े स्तर पर खरीद-फरोख्त मुमकिन नहीं है।
उनके साथ पार्टी के पूर्व राज्य सचिव राकेश सिंघा, नगर निगम शिमला के महापौर संजय चौहान और डॉ. कुलदीप सिंह तंवर भी मौजूद रहे। माकपा के राज्य सचिवालय सदस्य और नगर निगम शिमला के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा अगर सरकार ने सांसद केडी सिंह के खिलाफ जांच नहीं खोली तो पार्टी इस मामले को प्रदेश हाईकोर्ट में ले जाएगी।