हिमाचल का 41,440 करोड़ रुपये का बजट पेश, सबके लिए कुछ न कुछ देने का किया प्रयास
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अपने पहले टैक्स फ्री बजट में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हर वर्ग को कुछ न कुछ देने का प्रयास किया है। किसानों-बागवानों पर खास मेहरबानी दिखाते हुए कई योजनाओं का एलान किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को अपना पहला टैक्स फ्री बजट पेश किया। ‘मुझे ऊंचाइयों पर देख कर, हैरान हैं कुछ लोग। पर उन्होंने, मेरे पैरों के छाले नहीं देखे।’ शे’यर से बजट सत्र की शुरुआत करते हुए हर वर्ग को खुश करने का प्रयास किया।
नए मुख्यमंत्री ने बजट में किसानों-बागवानों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, विकलांगों और समाज के तमाम वर्गों पर फोकस किया है। जयराम बुजुर्गों को ‘देवभूमि दर्शन’ योजना से मंदिरों में घुमाएंगे।
किसानों-बागवानों को कई तोहफे दिए
नई भाजपा सरकार ने हिंदुत्व कार्ड भी खेला है। सूबे में गोसेवा आयोग का गठन होगा। गोवंश विकास के लिए शराब की हर बोतल पर सेस लगाया जाएगा। गोसदन के लिए सरकारी भूमि एक रुपये के पट्टे पर देने और बेसहारा पशु रहित पंचायत को 10 लाख रुपये देेने की घोषणा की है।
सीएम ने अगले पांच साल का लक्ष्य लेकर 27 नई योजनाएं शुरू करने का एलान किया है। सीएम ने जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान घटने से सबक लेते हुए किसानों-बागवानों को कई तोहफे दिए हैं।
कर्मचारियों-पेंशनरों को चार फीसदी अंतरिम राहत देने, विभिन्न जन प्रतिनिधियों और अस्थायी कर्मचारियों के मानदेय बढ़ाने के अलावा हर वर्ग को वित्तीय लाभ देने की घोषणाएं की हैं। नए उद्योगों को आमंत्रित करने के लिए बिजली की दरें घटाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 41,440 करोड़ रुपये के बजट अनुमानों को सदन के पटल पर रखा। उन्होंने 11 बजे बजट भाषण शुरू किया जो 2:45 बजे संपन्न हुआ। अपने पहले बजट भाषण में जयराम ठाकुर ने कई नई घोषणाएं कीं।
आमदनी बढ़ाने के उपायों को तलाशेगी सरकार
शुरुआत विधायक निधि और ग्रांट बढ़ाने के एलान और कृषि क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाओं से की गई। इसके बाद उन्होंने हर क्षेत्र के लिए सिलसिलेवार तोहफे दिए। तीन दिन से सदन में हो हल्ला करने वाला विपक्ष बजट पेश करने के दौरान शांत रहा। बजट भाषण का समापन अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘हम
पड़ाव को समझें मंजिल...’ कविता से किया। इसके बाद पत्रकार वार्ता में सीएम ने राज्य सरकार के पास संसाधनों की कमी को स्वीकार किया। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग और राज्य में आमदनी बढ़ाने के उपायों को तलाशकर सरकार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ेगी।
बेटियों वाले परिवारों को स्वास्थ्य बीमा में बड़ा लाभ
इसके अलावा 75 हजार रुपये केवल बालिकाओं को देय होगा। सरकार की इस योजना से बालिकाओं को और अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में सशक्त महिला योजना शुरू करने की घोषणा भी की।
यह योजना महिला मंडलों में सशक्त स्त्री केंद्र स्थापित कर चलाई जाएगी। इन केंद्रों पर ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना व उन्हें प्रशिक्षित कर सशक्त करना होगा। यह केंद्र किशोरियों को व्यक्तिगत स्वच्छता और आत्म सम्मान बढ़ाने के विषयों पर भी जागरूक करेंगे।
मदर टेरेसा मातृ आश्रय संबल योजना में बढ़ोतरी
मदर टेरेसा मातृ आश्रय संबल योजना के तहत दो बच्चियों वाली परित्यक्ता/विधवाओं को दी जानी वाली चार हजार रुपये की प्रतिवर्ष प्रति बच्चा सहायता राशि को एक हजार रुपये बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दिया है। इसके लिए सरकार ने दस करोड़ के बजट का प्रावधान किया है।
बीपीएल को अब बेटी है अनमोल में मिलेंगे 12 हजार
शिमला। प्रदेश सरकार ने बेटी है अनमोल योजना के तहत बीपीएल परिवारों में कन्या जन्म पर दी जाने वाली दस हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया है। इस योजना के लिए सरकार ने 12 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।
खेतीबाड़ी की कई योजनाओं के लिए 1160 करोड़ का प्रावधान
घटती विकास दर के बीच जयराम सरकार ने कृषि और बागवानी क्षेत्र का खास ध्यान रखा है। खेतीबाड़ी की कई योजनाओं के लिए सरकार ने 1160 करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें 685 करोड़ के बजट की कृषि और 475 करोड़ बागवानी के लिए घोषणा की गई है।
कई नई योजनाएं शुरू करने के अलावा पुरानी स्कीमों में नए बजट प्रावधान करने का एलान भी किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का प्रयास किया जाएगा।
बजट में किसानों के लिए सिंचाई को बिजली का प्रबंध करने को बिजली की दर एक रुपये से घटाकर 75 पैसे प्रति यूनिट की गई है। सीएम ने कहा कि इसका लाभ लाखों किसानों को मिलेगा।
सेब, अन्य फल और सब्जियों पर हिमाचल प्रदेश सर्टेन गुड्स कैरीड ऑन रोड टैक्स बैरियर पर लगाया जाता रहा है। इसे भी खत्म कर दिया गया है। जैविक कीटनाशक संयंत्र की स्थापना को 50 प्रतिशत निवेश उपदान देने का एलान किया है। किसानों को जैविक कीटनाशक, उपकरण और अन्य सुविधाएं देने को 25 करोड़ खर्चे जाएंगे।
नई सौर सिंचाई योजना को 200 करोड़ का बजट
सरकार ने नई सौर सिंचाई योजना के लिए पांच साल के लिए 200 करोड़ के बजट का एलान किया है। इस योजना में सौर पंपों से सिंचाई जल को उठाया जाएगा। इस तरह की योजना शिमला के जुब्बड़हट्टी के निकट कलहोग गांव में बनाई गई है।
इस सफल प्रयोग के बाद बजट प्रावधान किया है। नई फ्लो इरिगेशन योजना भी शुरू की जा रही है। इसमें पांच साल में 150 रुपये खर्चे जाएंगे। इसके तहत कूहल स्रोतों का नवीकरण किया जाएगा और सामुदायिक क्षेत्रों में कूहलों के नवीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।
एक अन्य योजना जल में कृषि को बल शुरू की गई है। इसमें आगामी पांच साल के लिए 250 करोड़ खर्च कर चेक डैम और तालाब बनाए जाएंगे। एफिशियेंट इरिगेशन थ्रू माइक्रो इरिगेशन सिस्टम योजना में 2018-19 के लिए 15 करोड़ का प्रावधान होगा।
बोरवेल के लिए 10 करोड़ का बजट घोषित किया है। लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 277 करोड़ का एलान हुआ है। कमांद क्षेत्र का विकास कर खेतों के लिए पानी का प्रावधान करने को 130 करोड़ के बजट का प्रावधान प्रस्तावित किया है।
बागवानी विकास परियोजना में होंगे कई काम
जयराम ठाकुर ने कहा कि बागवानी विकास परियोजना में 100 करोड़ से आगामी वित्तीय वर्ष में कई काम किए जाएंगे। उन्होंने एलान किया कि 2600 सेब बगीचों में क्लोनल रूट स्टॉक पर उच्च पैदावार किस्मों की कलमें की जाएंगी।
उष्ण कटिबंधीय फल जैसे आम, लीची, अमरूद और नींबू प्रजाति के फलों के बगीचों को 400 हेक्टेयर में समूह के आधार पर लगाया जाएगा। न्यूजीलैंड के विशेषज्ञों की ओर से विभाग के तकनीकी कर्मचारियों को कैनोपी और फ्लोर मैनेजमेंट में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अंगीकृत कृषकों को छंटाई, पोषण और फ्लोर प्रबंधन में प्रशिक्षण देंगे। 3.70 लाख अधिक पैदावार वाली सेब किस्मों के क्लोनल रूट स्टॉक का आयात करेंगे। शिलारू और पालमपुर में दो श्रेष्ठ केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सीए शीत भंडारण केंद्र, ग्रेडिंग और पैकिंग घरों का निर्माण तथा मार्केट यार्डों का विकास किया जाएगा।
हिमाचल में खत्म होगी लो वोल्टेज की समस्या,
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या को दूर कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में बिजली बोर्ड को वोल्टेज सुधार के लिए 50 करोड़ रुपये इक्विटी के तौर पर देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली बोर्ड ने प्रदेश के सुदूर कोनों में प्रत्येक घर में बिजली पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। ऐसे में अब वोल्टेज में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के लिए 1219 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान करने की बात कहते हुए बताया कि ग्रिड से जुड़ी सौर ऊर्जा परियोजनाओं में 15 मेगावाट की क्षमता जोड़ी जाएगी।
प्रदेश सरकार ग्रिड से जुड़े छत पर लगे ऊर्जा संयंत्रों को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाएगी। इससे बिजली उपभोक्ताओं का बिजली बिल कम होगा।
घरेलू तथा कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत उपदान के लिए इतना बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल को बढ़ावा देने के लिए लाभार्थियों को 10 प्रतिशत किलोवॉट अधिकतम चार हजार रुपये प्रति किलोवॉट की सहायता प्रदेश सरकार की ओर से दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के घरेलू तथा कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत उपदान के लिए 475 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की समृद्धि पन विद्युत परियोजनाओं के शीघ्र दोहन में ही निहित है।
प्रदेश में विकास के लिए पन विद्युत विकास अत्यावश्यक है। 27 हजार मेगावाट की कुल दोहन क्षमता में से 20,912 मेगावाट पहले ही विभिन्न क्षेत्रों को आवंटित किया जा चुका है। वर्ष 2018-19 के दौरान 182 मेगावाट की पन विद्युत परियोजनाएं शुरू करने का लक्ष्य है।
50 करोड़ से संवारी जाएंगी ‘नई राहें नई मंजिलें’
प्रदेश में अनछुए पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘नई राहें नई मंजिलें’ योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत 50 करोड़ की राशि से चयनित अनछुए क्षेत्रों में सड़क, परिवहन, पार्किंग एवं मूलभूत सुविधाओं की संरचना की जाएगी।
सरकार इन स्थानों पर बड़े पर्यटक रिजॉर्ट, स्की, साहसिक गतिविधियां, इको पर्यटक पार्क, रज्जू मार्ग स्थापित करेगी। इन सभी परियोजनाओं को एकल खिड़की के माध्यम से अनुमोदित किया जाएगा। इस योजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यटन महत्व के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के स्थलों में आधारभूत अधोसंरचना में विशेष सुधार किया जाएगा। प्रदेश सरकार एशियन विकास बैंक परियोजना के दूसरे चरण में नए क्षेत्रों में पर्यटन अधोसंरचना के विकास के लिए विशेष प्रस्ताव वित्तीय सहायता के लिए
भारत सरकार को भेजेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2017 में करीब दो करोड़ पर्यटकों का हिमाचल में आगमन हुआ। साल 2018 में और अधिक पर्यटकों को हिमाचल लाने के लिए सरकार विशेष प्रयास करेगी।
शिमला से शुरू होगी हेली टैक्सी सेवा
उच्च श्रेणी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश में हवाई सेवाओं में सुधार किया जाएगा। चंडीगढ़ से शिमला और शिमला से राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए हेली टैक्सी सेवा शुरू की जाएगी। उड़ान-दो योजना के तहत प्रदेश में अतिरिक्त हैलीपैड का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में धार्मिक सर्किट की अधोसंरचना विकसित करने के लिए भारत सरकार को स्वदेश दर्शन कार्यक्रम के तहत 100 करोड़ रुपये की परियोजना भेजी जाएगी।
इस कार्यक्रम के तहत धार्मिक पर्यटन स्थलों पर पार्किंग, स्वच्छ शौचालय, कैफेटेरिया और यात्री निवास सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा।
पर्यटन दृष्टि से विकसित होंगे बांधों के जलाशय
प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इको पर्यटन और होम स्टे को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य में राफ्टिंग, ट्रैकिंग, बर्ड वाचिंग, पर्वतारोहण की अपार संभावनाएं हैं।
जंजैहली से शिकारी माता तक बनाएंगे रोप-वे
मुख्यमंत्री ने कहा है कि जंजैहली से शिकारी माता, धर्मकोट से त्रियुंड सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर रोप-वे निर्माण किया जाएगा। बीते कई सालों से प्रस्तावित आनंदपुर से नैना देवी तक के रोप-वे निर्माण को दोबारा शुरू करने के लिए पंजाब सरकार से बात की जाएगी।
पर्यटकों की सुविधा को बनाएंगे मोबाइल एप
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में इस रोप वे को लेकर पंजाब सरकार के साथ समझौता किया था लेकिन कांग्रेस ने 2013 में समझौता रद्द कर दिया था। पर्यटकों के लिए सभी सूचनाओं वाला मोबाइल ऐप शुरू किया जाएगा। पर्यटन विभाग की वेबसाइट को विकसित करेंगे।
होम स्टे, पाक कला, संचार एवं विपणन, व्यवहार कुशलता, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत व पर्यावरण संरक्षण का युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रैकिंग गाइडों, पर्यटन गाइडों और टैक्सी ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जाएगा।
दूध का खरीद मूल्य एक रुपये बढ़ा
जयराम ठाकुर ने सहकारी दुग्ध संघों को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार एक रुपये प्रति लीटर भाड़ा उपदान देने की घोषणा की। इसके अलावा एक रुपये प्रति लीटर की दर से दूध के खरीद मूल्य में भी बढ़ोतरी का एलान किया गया।
दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और उत्पादक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लगभग 7.78 लाख नकुल स्वास्थ्य पत्र जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रधानमंत्री जयराम ठाकुर की घोषणा के अनुरूप वर्ष 2022 तक हिमाचल प्रदेश में किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा।
सेब, सब्जियों पर टैक्स माफ किया
इसी के लिए कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस किया गया है। बजट में सेब, अन्य फलों और सब्जियोें पर सीजीसीआर कर माफ किया गया है। आगामी वित्त वर्ष में सेब, अन्य फल और सब्जियों पर हिमाचल प्रदेश सर्टेन गुड्स कैरीड ऑन रोड टैक्स बैरियर पर नहीं लगेगा। इससे लाखों कि सानों-बागवानोें को राहत दी गई है।
पांच साल में हिमाचल को बनाएंगे जैविक राज्य
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को आगामी पांच वर्षों में जैविक कृषि राज्य बनाने की परिकल्पना को साकार करने का निर्णय लिया है। कीटनाशक संयंत्र की स्थापना को 50 प्रतिशत निवेश उपदान देने का एलान किया है। इसके लिए प्राकृतिक खेती खुशहाल खेती नाम से नई योजना शुरू की जाएगी। किसानों को जैविक कीटनाशक, उपकरण और अन्य सुविधाएं देने को 25 करोड़ खर्चे जाएंगे।
एक लाख नवजात शिशु को मिलेगी 1500 रुपये की किट
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी बजट में कई एलान किए गए हैं। मुख्यमंत्री नवांगतुक योजना के तहत नवजात शिशुओें को 1500 रुपये की किट दी जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना की घोषणा की गई।
इससे हर साल एक लाख नवजात शिशुओं को लाभ मिलेगा। वर्ष 2018-19 के लिए 15 करोड़ रुपये इस प्रयोजन से खर्च होंगे। जमा दो तक की सभी छात्राओं को अब तक पांच रुपये की दर से सेनीटरी नेपकिल मिलता रहा है। अब ये एक रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से दिए जाएंगे।
शिमला के आईजीएमसी में गुर्दा प्रत्यारोपण शुरू किया जाएगा। इसके लिए चार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला बिलासपुर के कोठीपुरा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना के लिए 1351 करोड़ रुपये की घोषणा की।
ये उत्तर भारत का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान होगा। नई स्वास्थ्य में सहभागिता योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति या चिकित्सक चुने हुए ग्रामीण क्षेत्र मेें एलोपैथी निजी अस्पताल की स्थापना करता है तो उसे एक करोड़ रुपये तक के निवेश पर 25 प्रतिशत निवेश उपदान तथा तीन वर्षों तक पांच प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा।
स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए ये घोषणा की
दूरदराज के 50 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को टेलीमेडिसिन के तहत लाने की घोषणा की गई। भारत सरकार ने केंद्रीय बजट में महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना के तहत सेकेंडरी और टर्शरी देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति परिवार पांच लाख रुपये प्रति वर्ष तक की स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी।
ये विश्व की सबसे बड़ी हेल्थ केयर योजना होगी। मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य देखभाल योजना के लाभार्थियों को भी भारत सरकार की तर्ज पर स्वास्थ्य सुरक्षा दी जाएगी। ये योजना हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के लाभार्थियों पर भी लागू होगी।
मुख्यमंत्री निरोग योजना को लागू कर इसमें सामान्य परीक्षण की सुविधा होगी। 108 एंबुलेंस सेवा के आपरेशन व्यय की पूर्ति के लिए शराब की एक बोतल पर एक रुपये का सेस लगाया जाएगा। इससे आठ करोड़ रुपये मिलेंगे।
रोगियों की मदद को नई योजना शुरू
गरीब लोगों को चिकित्सा मदद दिलाने के लिए नई योजना मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष शुरू की गई। इसके लिए 10 करोड़ रुपये के बजट का प्रबंध किया गया।
करसोग, कसौली और ठियोग में अनीमिया की रोकथाम के लिए पायलट परियोजना शुरू की जाएगी। राष्ट्रीय पोषण मिशन को चंबा, सोलन और शिमला में राष्ट्रीय पोषण मिशन लागू होगा।
अब 330 दवाएं मिलेंगी मुफ्त
निशुल्क दवा नीति के तहत 66 मुफ्त दवाएं अस्पतालों में दी जा रही हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर 330 कर दी जाएगी। 18 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क हेमोफि लिया तथा इन्सुलिन की दवाएं भी प्रदान करेंगे। मीजल और रूबेला की टीकाकरण प्रतिशतता को सौ फीसदी किया जाएगा।