सीबीआई की आपत्ति के बाद अटकी छात्रवृत्ति घोटाले की जांच
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कथित छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई जांच अब अधर में लटक गई है। सीबीआई ने गृह विभाग को फाइल लौटाते हुए एक प्रोफार्मा दिया है, जिसमें मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करानी जरूरी है।
इन जानकारियों में राज्य की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर का नंबर भी मांगा गया है। चूंकि, प्रदेश सरकार ने बिना एफआईआर दर्ज कराए सीधे सीबीआई को जांच के लिए मामला भेज दिया था।
ऐसे में अब एफआईआर दर्ज कराने को लेकर मामला अधर में लटक गया है। दरअसल, सीबीआई को जब भी कोई मामला राज्य से भेजा जाता है तो उसमें राज्य की ओर से एक एफआईआर दर्ज की जानी होती है।
इसी एफआईआर नंबर का उल्लेख सीबीआई को भेजी जाने वाली जांच के प्रोफार्मा में दिया जाता है, लेकिन हिमाचल के शिक्षा विभाग ने मामले में बिना एफआईआर दर्ज कराए ही गृह विभाग के जरिये सीबीआई को जांच की सिफारिश कर दी। हाल यह है कि पिछले दो हफ्ते के दौरान गृह और शिक्षा विभाग एफआईआर को लेकर निर्णय नहीं कर पाए हैं।
सूत्रों के अनुसार गृह विभाग ने शिक्षा विभाग को एफआईआर नंबर उपलब्ध कराने को कहा है, लेकिन शिक्षा विभाग यह निर्णय नहीं कर पा रहा कि एफआईआर कौन कराएगा। इसके बाद सीबीआई के फाइल लौटाने पर अब मामला अधर में लटक गया है।