पहाड़ पर हांफ रहा भाजपा का संपर्क फॉर समर्थन अभियान
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2019 के लोकसभा चुनाव के लिए मिशन रिपीट के तहत शुरू हुआ भाजपा का संपर्क फॉर समर्थन अभियान पहाड़ पर हांफता दिख रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को छोड़ दें तो प्रदेश के नेता न तो अभियान के तहत प्रबुद्ध लोगों से मुलाकात में रुचि दिखा रहे हैं और न ही सोशल मीडिया पर इसका प्रचार प्रसार कर रहे हैं।
हाल यह है कि प्रदेश के कई नेता तो ट्विटर और फेसबुक जैसे पारंपरिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही एक्टिव नहीं हैं। ऐसे में अभियान हिमाचल में हवा हवाई बनकर रह गया है। केंद्र सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं के प्रसार प्रचार के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने संपर्क फॉर समर्थन नाम से एक अभियान की शुरुआत की।
तय हुआ कि हर नेता समाज के दर्जन भर गैर राजनीतिक व गैर भाजपाइयों से मिलकर मोदी सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देगा। इन मुलाकातों की जानकारी और फोटो फेसबुक तथा ट्विटर जैसे सोशल मीडिया के माध्यमों के जरिये जन-जन तक पहुंचाना था।
इससे समाज के प्रबुद्ध और सामान्य वर्ग में मोदी सरकार के प्रति छवि बनाने की योजना थी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने अभियान को आगे बढ़ाया, लेकिन सूबे के ज्यादातर नेता इस अभियान से दूर हैं।
हाल यह है कि प्रदेश सरकार के ज्यादातर मंत्री व नेता आवभगत और समारोहों में ही व्यस्त हैं। इसके अलावा जिन्हें लोग मिल भी रहे हैं, वह गैर राजनीतिक नहीं हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव के लिए सभी नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे मोदी सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं। संपर्क फॉर समर्थन अभियान भी इसी का हिस्सा है। नेताओं को लोगों से संपर्क करने के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। - सतपाल सिंह सत्ती, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा