हिमाचल: कंगना रणाैत बोलीं- कुल्लू में युवाओं का नशे की गिरफ्त में आना पुलिस की बड़ी नाकामी
कुल्लू में दिशा की बैठक के बाद सांसद कंगना रणाैत ने सोमवार को कुल्लू में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जिले में बढ़ते नशे के मामलों को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
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सांसद कंगना रणाैत ने सोमवार को कुल्लू में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जिले में बढ़ते नशे के मामलों को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं का नशे की गिरफ्त में आना पुलिस प्रशासन की बड़ी नाकामी है। सांसद ने पुलिस अधीक्षक कुल्लू अभिषेक एस को नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबारियों को गिरफ्तार करने के साथ ही नियमानुसार उनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जानी चाहिए। कंगना रणाैत ने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ ऐसी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे नशे के धंधे में उतरने वालों में कानून का डर पैदा हो। उन्होंने कहा कि कुल्लू शहर और आसपास के क्षेत्रों में नशे की सप्लाई और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है। सांसद ने पुलिस अधिकारियों को नशे के कारोबारियों के खिलाफ लगातार और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे।
प्रदेश सरकार ऐसे ही कर्ज लेती रही तो डूब जाएंगे हम : कंगना
कुल्लू जिले में दिशा की बैठक के बाद सांसद कंगना रणौत ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ऐसे ही कर्ज लेती रही तो हम सब जल्द डूब जाएंगे। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय कर्ज में डुबोया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में सांसद निधि से जुड़े कार्यों और विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। कुछ विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत है। जिले में सांसद निधि के तहत करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों को शेष कार्य भी जल्द पूरा कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। कंगना ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि अधिकारी लकीर का फकीर बनना छोड़ दें। वे सरकार की तरफ ही न देखते रहें, स्वयं भी जिले को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास करें ताकि लोगों को सुविधाएं स्थानीय स्तर पर भी उपलब्ध करवाई जा सके। संवाद
कंगना में राजनीतिक अनुभव की कमी : चौहान
उधर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भाजपा सांसद कंगना रनौत के अधिकारियों को फटकार लगाने वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सिस्टम में कमी हो सकती है और किसी अधिकारी से भी गलती हो सकती है, लेकिन अधिकारियों से काम लेने का भी एक मर्यादित तरीका होता है। सोशल मीडिया पर कंगना की ओर से अधिकारियों को लताड़ने का वीडियो उन्होंने भी देखा है और व्यक्तिगत तौर पर वह इस तरह के व्यवहार का समर्थन नहीं करते। चौहान ने कहा कि बैठक का उद्देश्य अधिकारियों से बातचीत करना, सरकार की योजनाओं पर फीडबैक लेना और यह पता करना होता है कि किस योजना में किस स्तर पर दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत को राजनीति का अनुभव कम होने के कारण राजनीतिक परिपक्वता की कमी नजर आती है।
वह जिस क्षेत्र से आई हैं, वहां और राजनीति में काफी अंतर है। लोगों की सेवा करना और उनसे जुड़े काम करवाना उतना आसान नहीं है, जितना बाहर से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि कंगना ने अपनी सांसद निधि के करीब 11 करोड़ रुपये खर्च नहीं होने को लेकर अधिकारियों पर नाराजगी जताई। अगर काम नहीं हो रहा है तो जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों का अपना सम्मान और स्वाभिमान भी होता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी काम में देरी कर रहा है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए, लेकिन उसकी भी एक मर्यादा और तरीका है। प्रदेश में अधिकारी और कर्मचारी विकास कार्यों में सरकार का सहयोग करते हैं। ऐसे में यह कहना कि हिमाचल में अधिकारी काम नहीं करते, बिल्कुल गलत है। उन्होंने कंगना पर लगातार विवादों के जरिए सुर्खियों में रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी की जनता को इसका नुकसान भुगतना पड़ रहा है।