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शिमला: विक्रमादित्य ने कंगना पर साधा निशाना, बोले- बात मनवाने के लिए आवाज ऊंची करने की जरूरत नहीं
Mon, 07 Sep 2026 07:15 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 07 Sep 2026 07:15 PM IST
सार
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बिना नाम लिए अधिकारियों से संवाद और प्रशासन चलाने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में एक पोस्टर साझा किया है।
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंडी में अधिकारियों को फटकार लगाने के सांसद कंगना रणौत के अंदाज को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बिना नाम लिए अधिकारियों से संवाद और प्रशासन चलाने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक पोस्ट साझा की है। विक्रमादित्य सिंह ने पोस्ट के जरिये कहा कि कानून और कलम की ताकत रखने वालों को अपनी बात मनवाने के लिए आवाज ऊंची करने की जरूरत नहीं होती। कलम की स्याही ही काफी होती है। पोस्टर में लिखा है कि जिन्हें कलम की ताकत और कानून का इल्म होता है, उन्हें चिल्लाकर किसी का अपमान करने की आवश्यकता नहीं होती।
आवाज ऊंची करने से आदेश सख्त नहीं बनते, बल्कि कलम की एक स्याही ही काफी होती है। मंत्री की यह पोस्ट मंडी में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद सामने आई। अधिकारियों को फटकार लगाने का अंदाज इंटरनेट मीडिया पर चर्चा में रहा। इसी बीच विक्रमादित्य की पोस्ट को उनके तेवरों पर परोक्ष राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। पोस्ट में संविधान का भी उल्लेख किया गया है और कहा गया है कि प्रशासन गूंजती आवाजों से नहीं, बल्कि शांत और कठोर फैसलों से चलता है।
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आवाज ऊंची करने से आदेश सख्त नहीं बनते, बल्कि कलम की एक स्याही ही काफी होती है। मंत्री की यह पोस्ट मंडी में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद सामने आई। अधिकारियों को फटकार लगाने का अंदाज इंटरनेट मीडिया पर चर्चा में रहा। इसी बीच विक्रमादित्य की पोस्ट को उनके तेवरों पर परोक्ष राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। पोस्ट में संविधान का भी उल्लेख किया गया है और कहा गया है कि प्रशासन गूंजती आवाजों से नहीं, बल्कि शांत और कठोर फैसलों से चलता है।
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