सोलन दौरे में कई नेताओं की धुकधुकी बढ़ा गए शांता कुमार
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सक्रिय राजनीति से संन्यास के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार की मौजूदगी ने सोलन में कई नेताओं की धुकधुकी बढ़ा दी है। भाजपा-कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में शांता के दौरे की चर्चा है। शांता कुमार के नजदीक और दूर रहने वाले नेताओं में रस्साकशी का खेल शुरू हो गया है। शांता कुमार के दौरे से बने इस ध्रुवीकरण को भविष्य में भाजपा के संगठनात्मक चुनाव की रणनीति भी माना जा रहा है।
जेपी नड्डा की ताजपोशी के बाद प्रदेश, जिला और मंडल स्तर तक कई बदलाव आगामी महीनों में होने वाले हैं। ऐसे में पार्टी के कुछ नेता इस जुगलबंदी को अपनी टीम के पुराने खिलाड़ियों को सही क्रम में रखने की प्रक्रिया के रूप में देख रहे हैं। शांता कुमार के सोलन आने के बाद ताजा-ताजा पार्टी में लौटे पूर्व मंत्री महेंद्र नाथ सोफत उनके काफी करीब नजर आ रहे हैं।
सोलन से विधायक और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के समर्थक गायब हो गए हैं। शांता कुमार के आने से कुछ नेताओं को संजीवनी मिल गई है तो कुछ ऐसे नेता भी हैं जो खुद के वजूद के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। विस चुनाव के बाद सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं के लिए अचानक मैदान दूसरे के हवाले करना आसान नहीं है। हालांकि शांता कुमार ने इस दौरे को राजनीति से परे करार दिया है।
जो मुझे जानते हैं मिलने आए : शांता कुमार
पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि उनके इस दौरे को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। वे परिवार के साथ आए हैं। सक्रिय राजनीति से दूर हैं और उनका पूरा ध्यान पालमपुर में कायाकल्प पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि वे अरसे तक पार्टी से जुड़े रहे हैं। ऐसे में किसी दूसरे क्षेत्र में जाने पर नेताओं की प्रतिक्रिया रहती है। जो उनके कार्यों को जानते हैं वे उनसे मिलने पहुंच गए हैं। इनमें कुछ पुराने साथी हैं तो कुछ नए चेहरे हैं।
कांग्रेस की सभा छोड़ शांता से मिलने पहुंच गए कर्नल
पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार के दौरे से कांग्रेस में भी उस समय खूब खलबली मच गई जब सदर से मौजूदा विधायक व पूर्व मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल सर्किट हाउस में उनसे मिलने पहुंच गए। शांता कुमार से उन्होंने कई विकासात्मक मुद्दों पर चर्चा की। कर्नल धनी राम शांडिल को सर्किट हाउस के ही ग्राउंड फ्लोर पर हो रही कांग्रेस की ब्लॉक स्तर की बैठक में हिस्सा लेना था और यहां कार्यकर्ता उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
लेकिन कर्नल धनी राम शांडिल को जैसे ही शांता कुमार की सूचना मिली वे कार्यक्रम में जाने से पहले उनके पास पहुंच गए और काफी देर तक चर्चा करते रहे। जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी का माहौल रहा।