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दो हिमाचलियों ने तैयार किया बायो रैपर, बर्गर के साथ खा सकेंगे

Tue, 16 Jul 2019 11:22 AM IST
अरविन्द ठाकुर सुरेंद्र जम्वाल, अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर)
सुरेंद्र जम्वाल, अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Tue, 16 Jul 2019 11:22 AM IST
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Bilaspur Himachal Pradesh Experts prepared bioplastic You can eat with burgers
- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के दो विशेषज्ञों ने एक ऐसा बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक ईजाद किया है जो आपकी सेहत के लिए बिल्कुल हानिकारक नहीं होगा। इस बायो प्लास्टिक का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए किया जा सकता है। सामान्य प्लास्टिक की तरह यह उत्पादों को खराब होने से बचाएगा।

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यहां तक कि इसे आप बर्गर या अन्य खाद्य पदार्थों के साथ खा भी सकते हैं। मुख्यमंत्री स्टार्ट अप योजना से मिले प्रोजेक्ट के तहत करीब एक साल के शोध के बाद दो विशेषज्ञों को यह सफलता मिली है।
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घुमारवीं स्थित बायोसाइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार और डॉ. विकेश कुमार ने प्राकृतिक पॉलिमर से बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक तैयार किया है।
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टमाटर, स्टार्च और माइक्रोबियल बायोपॉलिमर से एक ऐसा प्लास्टिक तैयार किया है जो खाद्य सामग्री की पैकिंग को ईको फ्रेंडली तरीके से सुरक्षित रखेगा।

पौधों और सूक्ष्मजीवों से निकाले गए इस पॉलिमर में हानिकारक प्लास्टिक पैकेजिंग से छुटकारा मिलेगा। खाद्य बायो प्लास्टिक निश्चित रूप से प्लास्टिक जनित प्रदूषण से छुटकारा दिलाएगा। इसे इंस्टेंट खाद्य उत्पादों की पैकिंग के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

2025 तक 80 फीसदी बढ़ जाएगी प्लास्टिक खपत

Bilaspur Himachal Pradesh Experts prepared bioplastic You can eat with burgers
बायोसाइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार और डॉ. विकेश कुमार - फोटो : अमर उजाला

दुनिया में प्लास्टिक सामग्री की वार्षिक खपत लगातार बढ़ रही है। वैश्विक वैज्ञानिकों के अनुसार 2025 तक एशिया में प्लास्टिक की खपत 80 फीसदी बढ़कर 200 मिलियन टन को पार कर जाएगी। 2050 तक दुनिया के महासागरों में मछली की तुलना में अधिक प्लास्टिक होगा। अधिकांश प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए उपयोग किए जाते हैं।

खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए उपयोग की जाने वाली पारंपरिक प्लास्टिक फिल्म पैकेजिंग सामग्री पर्यावरण प्रदूषण उत्पन्न करती है। पर्यावरण प्रदूषण में वृद्धि के कारण हिमाचल ने देश में सबसे पहले प्लास्टिक बैग के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।

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