अब मरीज को पर्ची बनाते समय देनी होगी ये जानकारी, अपना अस्पताल योजना शुरू
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सूबे के जोनल अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार की अपना अस्पताल योजना शुरू की है। पहले चरण में जोनल अस्पताल धर्मशाला, मंडी और दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला में यह योजना शुरू की है।
इसके तहत मरीजों को अब पर्ची बनाते समय अपना मोबाइल नंबर भी बताना होगा। मरीजों की पर्ची में दिये गया नंबर केंद्र सरकार के अपने साफ्टवेयर से जोड़ेगा और उसके बाद मरीज से ही स्वास्थ्य सुविधाओं की फीडबैक ली जाएगी।
जिसमें बीमारी का इलाज करवाने के लिए अस्पतालों में आने वाले मरीजों को वहां के स्टाफ से लेकर अस्पताल के डॉक्टर का कैसा व्यवहार है। इसके अलावा डिस्पेंसरी में मिलनी वाली निशुल्क दवाईयों की क्या स्थिति है
और अस्पताल के स्टाफ का मरीजों और उनकी तीमारदारों के प्रति का व्यवहार है। इस बात को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों और मरीजों से सीधी बात होगी। जिसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्देशों के अनुसार जोनल अस्पताल धर्मशाला में अपना अस्पताल योजना शुरू कर दी है।
मरीज की ऑनलाइन पर्ची के लिए ये व्यवस्था
जिसके तहत पर्ची काउंटर पर बनने वाली मरीज की ऑनलाइन पर्ची में उनका नंबर भी लिया जा रहा है, जोकि सीधे मंत्रालय के सोफ्टवेयर के साथ जुड़ा हुआ है। इसके बाद मंत्रालय कुछ समय के बाद सीधे मरीज के बात करेगा कि वह अस्पताल की व्यवस्था से कितने संतुष्ट हैं।
इसके बाद ही अस्पतालों की ग्रेडिंग की जाएगी और लाभ भी मिलेंगे। अस्पताल से प्राप्त होने वाले आंकड़ों में से कुछेक नंबर छांटकर मंत्रालय के अधिकारी सीधे मरीज से बात करें कि क्या वह उनके जोनल अस्पताल में मिल रही सुविधाओं से संतुष्टि हैं या नहीं।
मरीजों से मिलने वाली फीडबैक के अनुपात का आंकलन करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय अस्पताल को जरूरी दिशा निर्देश जारी करेगा। जोनल अस्पताल धर्मशाला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा दिनेश महाजन ने बताया कि अपना अस्पतालयोजना शुरू कर दी गई है, जिसमें मरीजों को मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा।