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डॉ. मोक्टा को अमेरिकन कॉलेज ऑफ क्लीनिकल एंडोक्रीनोलॉजी सर्विस अवॉर्ड
Sat, 27 Apr 2019 01:33 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहड़ू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहड़ू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 27 Apr 2019 01:33 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
आईजीएमसी के मेडिसन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र मोक्टा को अमेरिकन कॉलेज ऑफ क्लीनिकल एंडोक्रीनोलॉजी सर्विस अवॉर्ड मिला है। एंडोक्राइन हेल्थ में बेहतर सेवाओं के चलते उन्हें यह अवॉर्ड मिला है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ क्लीनिकल एंडोक्रीनोलॉजी की ओर से लॉस एंजल्स में डॉ. मोक्टा को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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यह पुरस्कार हासिल करने वाले पहले भारतीय और गैर अमेरिकी चिकित्सक हैं। डॉ. मोक्टा को यह पुरस्कार अमेरिकन कॉलेज ऑफ क्लीनिकल एंडोक्रीनोलॉजी के अध्यक्ष की ओर से प्रदान किया गया। पिछले साल डॉ. मोक्टा को अमेरिकन कॉलेज ऑफ फजीशियन अवॉर्ड भी मिल चुका है। डॉ. मोक्टा शिमला के जुब्बल क्षेत्र के रहने वाले हैं। पिछले तीन साल में इनके 15 शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। इनमें दस शोधपत्र मधुमेह, विटामिन-डी सहित अन्य बीमारियों पर आधारित हैं।
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वर्ष 2018 और 2019 में एड्रेनल ग्रंथि तपेदिक और विटामिन-डी में मांसपेशियों की कमजोरी पर डॉ. मोक्टा के पत्र को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा पुरस्कार मिल चुका है। डॉ. मोक्टा लोगों को मधुमेह के प्रति जागरूक करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर शिविर लगाते रहते हैं। इस क्षेत्र में सराहनीय सेवाओं के लिए डॉ. मोक्टा को इससे पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने इस पुरस्कार पुरस्कार को परिवार के सदस्यों और गुरुजनों को समर्पित किया है।
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