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Shimla News: एसएफआई ने निकाली स्कूल बचाओ, एनईपी-2020 हटाओ रैली

Sat, 22 Nov 2025 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Nov 2025 11:55 PM IST
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agitation of sfi in shimla
जिला सम्मेलन शुरू होने से पूर्व पंचायत भवन से लेकर बाजार होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक निकाली रैली
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई की जिला कमेटी के राजधानी शिमला के कालीबाड़ी हॉल में शुरू हुए सम्मेलन से पूर्व एसएफआई ने प्रदेश भर में सरकार की ओर से बंद किए जा रहे सरकारी स्कूलों के विरोध और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के खिलाफ सार्वजनिक शिक्षा बचाओ नारे के साथ विरोध रैली निकाली। पुराना बस अड्डे में पंचायत भवन से शुरू हुई इस विरोध रैली में शामिल सैकड़ों एसएफआई कार्यकर्ताओं ने स्कूल बचाओ,राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 हटाओ, सार्वजनिक शिक्षा बचाओ व प्रदेश में बढ़ते सांप्रदायिकता पर रोक के नारे लगाते हुए लोअर बाजार होते हुए उपायुक्त कार्यालय के बाहर तक रैली निकाली।
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर, राज्य सचिव सन्नी सेकटा, शिमला जिला सचिव पवन ने कहा कि देश व प्रदेश में लगातार सार्वजनिक शिक्षा को समाप्त करने की साजिश के तहत कार्य किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी मोदी सरकार की भांति शिक्षा का निजीकरण, बाजारीकरण कर रही है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) का विरोध कर रही है, वहीं दूसरी ओर तीन वर्षों में प्रदेश सरकार ने ‎818 स्कूलों को डीनोटिफ़ाई किया, 535 स्कूलों को मर्ज किया है। सरकार ने 100 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने का निर्णय लिया है।
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‎अनिल ने कहा कि सरकारी स्कूल में ड्रॉप आउट लगातार बढ़ रहा है। गलत नीतियों के कारण ड्राप आउट एक लाख तक पहुंच गया है। वर्ष 2022-23 के मुकाबले 2024-25 के आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है। इस अवधि में 57,290 लड़कों और 46,368 लड़कियों ने सरकारी स्कूल छोड़कर निजी संस्थानों में प्रवेश लिया है। 2022-23 में स्कूलों मेंं विद्यार्थियों का नामांकन 8,0900, यह अब 7,05342 रह गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के इस बाजारीकरण, निजी करण का विरोध न हो इसके लिए भाजपा और कांग्रेस की रही दोनों सरकारों ने छात्रों के जनवादी अधिकार छात्र संघ चुनावों पर प्रतिबंध लगा रखा है। 2012 के बार से प्रत्यक्ष चुनाव नहीं करवाए गए। 2020 के बाद से 2022 तक विवि में हुई शिक्षकों की भर्तियों में 70 फ़ीसदी से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियों में भाई भतीजावाद हुआ है। यह आरटीआई में जुटाए दस्तावेजों में खुलासा हुआ है। एसएफआई के राज्य सचिव सन्नी ने कहा कि 22 और 23 नवंबर को हो रहे जिला सम्मेलन में सार्वजनिक शिक्षा के ढांचे को बचाए रखने और शिक्षा और छात्र विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
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