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केनरा बैंक फर्जीवाड़ा: 11 दोषियों को चार-चार साल की कैद, 19.75 लाख जुर्माना; यहां जानिए पूरा मामला

Thu, 15 Oct 2026 05:15 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 15 Oct 2026 05:15 AM IST
सार

शिमला की विशेष सीबीआई अदालत ने 11 दोषियों को चार-चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में एक निजी कंपनी, केनरा बैंक के दो तत्कालीन अधिकारी और आठ अन्य निजी व्यक्ति शामिल हैं। 

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Canara Bank Fraud: 11 convicts sentenced to four years in prison and fined ₹19.75 lakh; here are the details o
सीबीआई कोर्ट का फैसला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जाली दस्तावेजों से बैंक से करोड़ों रुपये के ऋण हासिल करने और विदेशी विनिमय बिलों की वसूली न होने के मामले में शिमला की विशेष सीबीआई अदालत ने 11 दोषियों को चार-चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में एक निजी कंपनी, केनरा बैंक के दो तत्कालीन अधिकारी और आठ अन्य निजी व्यक्ति शामिल हैं। अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 19 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला बद्दी स्थित केनरा बैंक शाखा से जुड़ा है, जहां कथित आपराधिक साजिश के तहत बैंक को करोड़ों रुपये की वित्तीय क्षति पहुंचाई गई थी।

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सीबीआई जांच के अनुसार, अक्टूबर 2008 से मार्च 2009 के बीच आरोपियों ने मेसर्स कलर कैंप इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में जाली दस्तावेजों के आधार पर ऋण मंजूर करवाए। इनमें सात करोड़ रुपये का वर्किंग कैपिटल लोन और 91 लाख रुपये का टर्म लोन शामिल था। इस तरह कंपनी के पक्ष में कुल 7.91 करोड़ रुपये के ऋण मंजूर और वितरित करवाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि बैंक ने कंपनी के 4.87 करोड़ रुपये के विदेशी विनिमय बिल डिस्काउंट किए थे, लेकिन संबंधित आयातकों से इनकी राशि की वसूली नहीं हो सकी। ऋण और बिल डिस्काउंटिंग से जुड़े इन लेनदेन के कारण बैंक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में आठ मई 2012 को एफआईआर दर्ज की थी। जांच पूरी करने के बाद एजेंसी ने विशेष सीबीआई अदालत, शिमला में आरोपपत्र दाखिल किया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने 30 सितंबर 2026 को सभी 11 आरोपियों को दोषी करार दिया। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने सजा का ऐलान करते हुए प्रत्येक दोषी को चार साल के कठोर कारावास और कुल 19.75 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
सजा पाने वालों में मैसर्स कलर कैंप इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, केनरा बैंक की बद्दी शाखा के तत्कालीन चीफ मैनेजर डीएसएस रविंद्र और तत्कालीन अधिकारी सीएस वर्मा शामिल हैं। इनके अलावा राकेश नरूला, सोनल नरूला, संजीव बहल, हरभजन सिंह, सुखदेव सिंह, प्यारा सिंह, सुमन नरूला और सुनील कुमार गोयल को भी दोषी ठहराया गया है।

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