श्रम बाजार रिपोर्ट: हिमाचल प्रदेश के शिमला ने देश की राजधानियों को पछाड़ा, श्रम बल सहभागिता दर 70 फीसदी
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की पहली जिला स्तरीय श्रम बाजार रिपोर्ट के अनुसार, शिमला रोजगार और श्रम बल सहभागिता के प्रमुख संकेतकों में देश की राज्य राजधानियों से आगे रहा है। राजधानी में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की आबादी की श्रम बल सहभागिता दर 70 फीसदी और श्रमिक जनसंख्या अनुपात 65.1 फीसदी दर्ज किया गया।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला रोजगार और श्रम बल में भागीदारी के मामले में देश की अन्य राज्य राजधानियों में सबसे आगे है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से सितंबर 2026 में जारी पहली जिला स्तरीय श्रम बाजार रिपोर्ट के अनुसार शिमला में 15 वर्ष और इससे अधिक आयु की आबादी की श्रम बल सहभागिता दर 70 फीसदी दर्ज है। श्रमिक जनसंख्या अनुपात 65.1 फीसदी रहा है।
श्रम बल सहभागिता दर के मामले में केरलम की राजधानी तिरुवनंतपुरम 64.4 फीसदी के साथ दूसरे और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर 61.5 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है। श्रमिक जनसंख्या अनुपात में भी शिमला 65.1 फीसदी के साथ इन दोनों राजधानियों से आगे रहा। तिरुवनंतपुरम में यह अनुपात 63.2 फीसदी और रायपुर में 59.4 फीसदी दर्ज किया गया।
रिपोर्ट के राष्ट्रीय निष्कर्षों के अनुसार देश के 98.8 फीसदी जिलों में श्रम बल सहभागिता दर 40 से 70 फीसदी के बीच दर्ज की गई। वहीं, 98.3 फीसदी जिलों में श्रमिक जनसंख्या अनुपात इसी दायरे में रहा। बेरोजगारी दर के मामले में करीब 77.8 फीसदी जिलों में यह 0.5 से 5.5 फीसदी के बीच दर्ज की गई। देश के 100 सर्वाधिक आबादी वाले जिलों में गुजरात का सूरत जिला उल्लेखनीय रहा। यहां श्रम बल सहभागिता दर 68.6 फीसदी और श्रमिक जनसंख्या अनुपात 67.8 फीसदी दर्ज किया गया। दूसरी ओर, बिहार के दरभंगा में इन दोनों संकेतकों का स्तर सबसे कम रहा।