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Shimla News: बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास, जुर्माना भी देना होगा

Wed, 14 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 11:59 PM IST
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The person convicted of raping a girl will be sentenced to 20 years rigorous imprisonment and a fine.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चिल्ड्रन्स कोर्ट विवेक शर्मा की अदालत का फैसला, जुर्माना न देने पर होगा अतिरिक्त कारावास
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5 लाख रुपये के मुआवजे की भी की है सिफारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो/दुष्कर्म) शिमला ने सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (चिल्ड्रन्स कोर्ट) विवेक शर्मा की अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को छह माह की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। इसके अतिरिक्त अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए 5 लाख रुपये के मुआवजे की भी सिफारिश की है। आदेश के तहत मुआवजे की 80 फीसदी राशि पीड़िता के बालिग होने तक राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडी के रूप में सुरक्षित रखी जाएगी जबकि शेष 20 फीसदी राशि तुरंत पुनर्वास के लिए पीड़िता के पिता को प्रदान की जाएगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 13 फरवरी 2021 की है। चौपाल क्षेत्र में रहने वाली सात साल की बच्ची अपने घर के पास रहने वाले एक किशोर के घर खेलने गई थी। दोषी उसे पास की गोशाला और अपने कमरे में ले गया जहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घर लौटने पर जब बच्ची के पेट में असहनीय दर्द हुआ और पेशाब करने में गंभीर तकलीफ हुई तब उसने अपनी मां को पूरी बात बताई। इसके बाद 14 फरवरी 2021 को परिजन बच्ची को नागरिक अस्पताल चौपाल ले गए और चिकित्सकों को घटना की जानकारी दी जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
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दोषी किशोर पर वयस्क
की तरह चला मुकदमा

वारदात के समय दोषी की आयु 16 वर्ष से अधिक थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) शिमला ने प्राथमिक आकलन के बाद आरोपी पर बालिग की तरह मुकदमा चलाने के लिए केस चिल्ड्रन्स कोर्ट शिमला को स्थानांतरित कर दिया था। वर्तमान में दोषी की उम्र 21 वर्ष से अधिक हो चुकी है। अदालत में 20 गवाह पेश किए गए थे। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट तथा राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) जुन्गा की डीएनए रिपोर्ट आरोपी को दोषी ठहराने में अहम कड़ी साबित हुए। अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाते हुए 20 साल की सजा सुनाई और तुरंत हिरासत में भेज दिया।
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