पानी में डूबने से मौत हुई या हत्या, दो घंटे में चलेगा पता
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पानी में मिलने वाले शवों की मौत के रहस्य से पर्दा अब दो घंटों में उठेगा। मात्र दो घंटे में रिपोर्ट बता देगी कि व्यक्ति की मौत डूबने से हुई या किसी ने हत्या कर शव पानी में फेंका है। इसके लिए क्षेत्रीय फोरेंसिक लैब धर्मशाला की टीम ने एक दुनिया का पहला ऐसा एडवांस उपकरण तैयार किया है, जो पानी में हुई मौतों की रिपोर्ट दो से तीन घंटे में उपलब्ध करवा देगा। आरएफएसएल धर्मशाला की टीम की ओर से तैयार किया यह मैथड दुनिया भर में केवल धर्मशाला टीम के पास ही है।
दुनिया भर की लैबों में अभी भी पुराने ढर्रे पर ही पानी में डूबने से होने वाली मौतों की जांच होती है। इस डिवाइस से आरएफएसएल धर्मशाला की टीम 200 के करीब केस सुलझा चुकी है। इससे पहले पानी में डूबकर होने वाली मौतों की रिपोर्ट आने में छह से सात दिन लगते थे। वहीं पानी में मिले शवों से निकलने वाली गैसों का फोरेंरिक वैज्ञानिकों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता था, जिससे अब उन्हें निजात मिल जाएगी।
वियतनाम में दुनिया के विशेषज्ञ जानेंगे तकनीक
एशियन फोरेंसिक साइंस नेटवर्क 17 से 20 सितंबर तक वियतनाम में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। इसमें हिमाचल फोरेंसिक लैब की टीम भी पानी में डूबने से होने वाली मौतों पर एक शोध प्रस्तुत करेगी।
इस शोध में आरएफएसएल धर्मशाला की टीम की ओर से तैयार डिवाइस को दुनिया भर से आए फोरेंसिक विशेषज्ञों के समक्ष रखा जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एशियन फोरेंसिक साइंस नेटवर्क की सदस्य एवं फोरेंसिक लैब धर्मशाला की उपनिदेशक डॉ. मीनाक्षी महाजन भी भाग लेंगी।
ये लोग शामिल हैं टीम में
डिवाइस को निदेशक राज्य फोरेंसिक लैब जुन्गा डॉ. अरुण शर्मा, फोरेंसिक लैब धर्मशाला के सहायक निदेशक डॉ. एसके पाल, अजय सहगल और अजय राणा ने पानी में मिले शवों पर शोध करके तैयार किया है। टीम अब तक पानी में मिले 200 से अधिक व्यक्तियों की मौत की रिपोर्ट दो-तीन घंटे में तैयार भी कर चुकी है।