ट्रांसफार्मर पर बिल्ली, चूहे की हरकत से गुल नहीं होगी बत्ती
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बिजली ट्रांसफार्मर के पास या फिर ऊपर चाहे बिल्ली गिरे, चूहे या फिर पेड़ों से पत्ते, अब किसी भी सूरत में विद्युत आपूर्ति में बाधा नहीं आएगी। ट्रांसफार्मर के ऊपर जीव-जंतु गिरते भी हैं तो उनकी जान भी नहीं जाएगी।
मंडी जिले की डबरोट पंचायत के बाझ गांव की प्रतिभा ठाकुर ने ट्रांसफार्मर से एलटी के लिए एक ऐसा इंसुलेटर तैयार किया है, जो इन परिस्थितियों में शटडाउन नहीं होने देगा। प्रतिभा के इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड मिल चुका है। अब इसका प्रदर्शन जापान के टोक्यो में किया जाएगा।
दिल्ली की बिजली वितरण कंपनी टाटा पावर में सीनियर एक्जीक्यूटिव के पद पर तैनात प्रतिभा और उनकी टीम की ओर से तैयार इंसुलेटर को सालाना ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस के दौरान आसानी से हटाया भी जा सकता है। यही नहीं, इसे बार-बार उपयोग में भी लाया जा सकता है। इस इंसुलेटर के दोबारा इस्तेमाल के चलते पैसों की बचत तो होगी ही
उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। इससे विद्युत उपकरणों का जीवन बढ़ेगा और जानवरों की जान भी बचेगी। प्रतिभा और उसकी टीम ने इस प्रोजेक्ट को टाटा पावर कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरेंद्र कुमार सिंह की देखरेख में तैयार किया है। टीम में शामिल अमित और राम नारायण ने भी इसमें योगदान दिया।
एचडीपीई और केबल टाई से तैयार हुआ इंसुलेटर
टीम ने भूमिगत केबल को यांत्रिक शक्ति प्रदान करने के लिए उपयोग होने वाले हाई डेनसिटी पोलीथाईलीन (एचडीपीई) पाइप और केबल टाई की मदद से ट्रांसफार्मर की एलटी के लिए अपने जोन में इंसुलेशन तैयार किया है। क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया की ओर से 20 से 24 दिसंबर तक ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में आयोजित राष्ट्रीय
प्रतियोगिता में क्षेत्रीय स्तर पर उनकी टीम को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। इसमें प्रतिभा के नेतृत्व वाली टीम को एक्सीलेंट अवार्ड से नवाजा गया। प्रोजेक्ट के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इंसुलेटर को राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड मिल चुका है। जल्द इसका प्रदर्शन जापान के टोक्यो में होगा।