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नगर निगम का मुद्दा
Updated Sat, 20 Jan 2018 10:17 PM IST
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अब नए मुख्यमंत्री से होगी नगर निगम की मांग
सोलन संघर्ष समिति की बैठक में सोलन नप को नगर निगम बनाने के लिए सीएम से मुलाकात करने का फैसला
सदस्यों सहित वार्ड के लोगों से भी मांगे सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
नगर परिषद सोलन को नगर निगम बनाने की कवायद तेज होने लगी है। सोलन संघर्ष समिति ने अब यह मांग मुख्यमंत्री जयराम के समक्ष उठाने का फैसला लिया है। संघर्ष समिति के संस्थापक कुल राकेश पंत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें संस्थापक सदस्यों और नए सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान सभी ने सदस्यों ने कहा कि नई सरकार में नए अधिकारी और नए मुख्यमंत्री बने हैं इसलिए इस मांगों को इनके समक्ष रखा जाए। इसलिए सबसे पहले समिति उपायुक्त सोलन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राजीव सैजल, नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मुलाकात करेगी। इन्हें सोलन की पूरी स्थिति से अवगत करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा गया कि भाजपा ने अपने स्थानीय घोषणा पत्र में नगर निगम बनाने के मुद्दे को शामिल किया था। इसलिए उम्मीद है कि भाजपा जल्द ही इस दिशा में कार्य करेगी। बैठक में संघर्ष समिति के संस्थापक ने कहा कि सभी से विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया कि एक बार समिति के सदस्य नए प्रतिनिधियों से मुलाकात कर इस पूरे मामले उठाएगी। इसके बाद ही यदि सोलन को नगर निगम नहीं बनाया गया तो रणनीति तय करके अगला कदम उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही समिति पूरे सोलन शहर के वार्डों और आसपास के क्षेत्रों की अन्य समस्याओं को लेकर भी लोगों से चर्चा करेगी।
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सोलन संघर्ष समिति की बैठक में सोलन नप को नगर निगम बनाने के लिए सीएम से मुलाकात करने का फैसला
सदस्यों सहित वार्ड के लोगों से भी मांगे सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
नगर परिषद सोलन को नगर निगम बनाने की कवायद तेज होने लगी है। सोलन संघर्ष समिति ने अब यह मांग मुख्यमंत्री जयराम के समक्ष उठाने का फैसला लिया है। संघर्ष समिति के संस्थापक कुल राकेश पंत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें संस्थापक सदस्यों और नए सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान सभी ने सदस्यों ने कहा कि नई सरकार में नए अधिकारी और नए मुख्यमंत्री बने हैं इसलिए इस मांगों को इनके समक्ष रखा जाए। इसलिए सबसे पहले समिति उपायुक्त सोलन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राजीव सैजल, नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मुलाकात करेगी। इन्हें सोलन की पूरी स्थिति से अवगत करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा गया कि भाजपा ने अपने स्थानीय घोषणा पत्र में नगर निगम बनाने के मुद्दे को शामिल किया था। इसलिए उम्मीद है कि भाजपा जल्द ही इस दिशा में कार्य करेगी। बैठक में संघर्ष समिति के संस्थापक ने कहा कि सभी से विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया कि एक बार समिति के सदस्य नए प्रतिनिधियों से मुलाकात कर इस पूरे मामले उठाएगी। इसके बाद ही यदि सोलन को नगर निगम नहीं बनाया गया तो रणनीति तय करके अगला कदम उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही समिति पूरे सोलन शहर के वार्डों और आसपास के क्षेत्रों की अन्य समस्याओं को लेकर भी लोगों से चर्चा करेगी।
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