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शिमला को जल्द मिलेगा भरपूर पानी, 292 करोड़ की पहली किस्त मिलेगी
Sat, 16 Feb 2019 11:51 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 16 Feb 2019 11:51 AM IST
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शहरवासियों को 24 घंटे पानी देने के लिए तैयार किए 986 करोड़ के सतलुज वाटर प्रोजेक्ट का काम जल्द शुरू हो जाएगा। यही नहीं, शहर के सभी इलाके भी सीवरेज लाइन से जुड़ सकेंगे। हिमाचल और केंद्र सरकार की शुक्रवार को विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में हुई संयुक्त बैठक में ग्रेटर शिमला क्षेत्र में सीवरेज सेवाएं एवं जलापूर्ति में सुधार लाने को लेकर अहम चर्चा की गई। इस दौरान 986 करोड़ रुपये समझौता ऋ ण राशि में से 292 करोड़ के विकास नीति पर हस्ताक्षर भी किए।
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काम शुरू करने के लिए यह पैसा पहली किस्त के तौर पर जल्द ही पेयजल कंपनी को मिल जाएगा।
प्रधान सचिव, शहरी विकास प्रबोध सक्सेना ने राज्य सरकार की ओर से ऋण समझौते और कार्यक्रम समझौते पर हस्ताक्षर किए। अतिरिक्त सचिव आर्थिक मामले विभाग (डीईए) समीर खरे, वित्त मंत्रालय केंद्र सरकार ने कानूनी और कार्यक्रम समझौते पर हस्ताक्षर किए। निदेशक डीईए बंदना प्रेयसी भी इस बैठक में मौजूद रहीं। कंट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद और टीम लीडर स्मिता मिश्रा ने बैठक में विश्व बैंक का प्रतिनिधित्व किया।
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इन प्रोजेक्टों पर खर्च होगा पैसा
इस प्रोजेक्ट से शिमला जलापूर्ति और सीवरेज परियोजना के तहत कवर किया जाएगा। इसमें सतलुज से जल आपूर्ति प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। साथ ही गिरि और गुम्मा पंपिग सिस्टम दुरुस्त किया जाएगा। 270 करोड़ रुपये जल वितरण प्रणाली दुरुस्त करने पर खर्च किए जाएंगे। 246 करोड़ रुपये से सीवरेज और नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। 104 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट संयंत्रों का पुनर्वास और क्षमता वृद्धि की जाएगी।
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हजारों लोगों को मिलेगा 24 घंटे पानी
प्रोजेक्ट के पूरा होने पर लोगों को 24 घंटे मिलेगा पानी। इस पूरे प्रोजेक्ट से शिमला को सभी परियोजनाओं से 107 एमएलडी पानी मिलने लगेगा। वर्तमान में शिमला को करीब 45 एमएलडी पानी मिल रहा है। परियोजना से प्रति व्यक्ति को 135 लीटर प्रतिदिन पानी की आपूर्ति की जाएगी। यह जलापूर्ति से संबंधित पहला विकास नीति ऋण है।
इसमें राज्य सरकार अपने नागरिकों को पेयजल और सीवरेज सेवाओं में विश्व स्तरीय सेवा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, संस्थागत सुधार, वल्यूमेट्रिक टैरिफ , पानी के कनेक्शन, ऊर्जा क्षमता और उपभोक्ता संतुष्टि से संबंधित नीतिगत स्तर के फैसले ले सकती है। बैठक में विश्व बैंक के साथ बातचीत द्वारा समय सीमा का निर्धारण किया जाएगा। उप आवासीय आयुक्त विवेक महाजन, शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र गिल समझौते पर हस्ताक्षर के अवसर पर मौजूद रहे।