कर्मचारियों को मिलने वाली है सौगात, वित्त विभाग ने दी अनुमति
तीन वर्ष की अनुबंध सेवाएं पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित करने के लिए वित्त विभाग ने स्वीकृति दे दी। अब सरकार को यह निर्णय लेना है कि नियमित होने वाले कर्मचारियों को किस तिथि से लाभ दिया जाए।
यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से होनी थी, लेकिन सरकार के स्तर पर हुई देरी से सैकड़ों कर्मचारी एक माह से इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारी तय तिथि से लाभ चाहते हैं, जिसके चलते यह मसला कैबिनेट में जा सकता है।
हर वर्ष 1 अप्रैल और 1 अक्तूबर तक तीन वर्ष पूरा करने वाले अनुबंध कर्मचारी नियमित किए जाते हैं। वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में यह व्यवस्था बनाई गई, लेकिन सरकार बदलने के बाद समय रहते प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। तमाम औपचारिकताएं पूरी करने में तय तिथि से एक माह अधिक हो चुका है।
इससे लाभान्वित होने वाले कर्मचारियों को नियमितीकरण के लाभ देरी से मिलेंगे। वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद अब कार्मिक विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को फाइल स्वीकृति के लिए भेजी है। मुख्यमंत्री अपने स्तर से प्रस्ताव को अनुमोदन दे सकते हैं, लेकिन अगर बैकडेट यानी 1 अप्रैल से लाभ देना है तो मामला कैबिनेट मंजूरी के लिए जा सकता है।