Kullu: प्रदेश के 2,200 प्रधानाचार्यों को मिलेगा पाठशाला नेतृत्व का प्रशिक्षण
कार्यशाला में नई शिक्षा नीति के सिद्धांत, डिजिटल तकनीक, गूगल वर्कस्पेस, माइक्रोसॉफ्ट वर्कस्पेस, ऑडियो-वीडियो संपादन और शिक्षा को प्रभावी और सरल बनाने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
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प्रदेश में स्टार्स प्रोजेक्ट में 2,200 प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों, बीआरसी और सीएचटी को प्रौद्योगिकी क्षमता और नेतृत्व प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए स्कूल नेतृत्व विकास कार्यक्रम के में शेड्यूल के हिसाब से प्रशिक्षण कार्यशाला करवाई जा रही है। कार्यशाला में नई शिक्षा नीति के सिद्धांत, डिजिटल तकनीक, गूगल वर्कस्पेस, माइक्रोसॉफ्ट वर्कस्पेस, ऑडियो-वीडियो संपादन और शिक्षा को प्रभावी और सरल बनाने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। लाहौल-स्पीति और किन्नौर में 100-100 और अन्य जिलों में 200-200 को प्रशिक्षण मिलेगा।
तीन-तीन जिलों के प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों, सीएचटी और बीआरसी को एक स्थान पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हर जिले से चार प्रधानाचार्य, चार मुख्याध्यापक, चार सीएचटी और चार बीआरसी को चयनित किया गया है। प्रशिक्षण पाने के बाद यह अपने-अपने जिलों में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से खंड स्तर पर प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों, सीएचटी और बीआरसी को प्रशिक्षित करेंगे। इस संबंध में स्कूल नेतृत्व विकास कार्यक्रम के प्रदेश समन्वयक सुनील शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 2,200 प्रधानाचार्यों मुख्याध्यापकों, सीएचटी और बीआरसी को प्रौद्योगिकी क्षमता एवं नेतृत्व प्रशिक्षण दिया जाएगा। डाइट धर्मशाला में चंबा, सोलन और कांगड़ा, डाइट कुल्लू में मंडी, कुल्लू और सिरमौर के चयनित प्रधानाचार्यों को प्रशिक्षण दिया गया है।