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पार्षदों ने खोला मेयर डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्चा

Tue, 11 Jun 2019 10:18 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2019 10:18 AM IST
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पार्षदों ने खोला मेयर डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्चा
फाइल फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। नगर निगम के पार्षदों ने मेयर और डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों का आरोप है कि सैहब कर्मियों की मांगों को लेकर चल रहे विवाद को हल करने के लिए रविवार को आयोजित बैठक में मेयर तथा डिप्टी मेयर मौजूद नहीं थे। निगम आयुक्त के प्रयास से ही विवाद हल हुआ। मेयर बिना वजह इसका श्रेय लेने का प्रयास कर रही हैं। बैठक खत्म होने के बाद मेयर आयुक्त कार्यालय पहुंची थी।
नगर निगम के कसुम्पटी वार्ड से पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि रविवार को हुई बैठक में मेयर डिप्टी मेयर की अनुपस्थिति में करीब दो घंटे चर्चा के बाद सैहब कर्मियों को 20 फीसदी वेतन बढ़ोतरी देने का फैसला किया गया। इसके बाद सैहब कर्मी भी काम छोड़ कर न जाने को लेकर राजी हो गए। मेयर डिप्टी मेयर अपने दायित्व निभाने में पूरी तरह फेल हो गए हैं। मेयर अपने छह पार्षदों के साथ बैठक करती हैं सभी पार्षदों को विश्वास में नहीं लिया जाता। लोअर बाजार वार्ड से पार्षद इंद्रजीत सिंह का कहना है कि मेयर, डिप्टी मेयर राजनीति कर रहे हैं।
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लोगों को सुविधा देने के स्थान पर श्रेय लेने की होड़ मची है। इंद्रजीत ने कहा कि लोअर बाजार वार्ड को उनकी स्वीकृति के बिना ही पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है। लोअर बाजार वार्ड में सबसे अधिक ढाबे और होटल हैं। कारोबारियों के लिए एक मुश्त एडवांस गारबेज फीस चुकाना संभव नहीं है। नगर निगम की भाजपा पार्षद आरती चौहान ने भी अपनी ही मेयर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निगम के हितों से खिलवाड़ का आरोप लगाया है। आरती ने कहा कि मेयर डिप्टी मेयर निगम आयुक्त को बेवजह बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। सैहब कर्मियों के वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी का फैसला आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्षदों की मंजूरी से लिया गया था। बिना कुछ किए मेयर श्रेय लेने की कोशिश कर रही हैं। समरहिल वार्ड से माकपा पार्षद शैली शर्मा का कहना है कि रविवार को आयोजित बैठक में सभी पार्षदों को बुलाया गया था लेकिन मेयर डिप्टी मेयर सहित कुछ पार्षद बैठक में नही आए। आयुक्त की मध्यस्थता के बाद ही मामला सुलझा। बैठक के बाद मेयर पहुंची और हंगामा कर चली गईं। मेयर शहर के आम लोगों से विश्वासघात कर रही हैं। संजौली चौक वार्ड से भाजपा पार्षद सत्या कौंडल ने कहा कि सैहब सोसायटी से संबंधित कोई भी फैसला वार्षिक आम सभा में लिया जाना चाहिए।
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मेरे आदेश पर ही की थी कमिश्नर ने बैठक
नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि उन्होंने ही कमिश्नर पंकज राय को बैठक करने के आदेश दिए थे। कमिश्नर अपने स्तर पर वेतन बढ़ोतरी का फैसला नहीं ले सकते। केंद्र से आए अधिकारियों के साथ एक अन्य बैठक के कारण आयुक्त कार्यालय की बैठक में पहुंचने में देरी हो गई। निगम पहुंचने के बाद सैहब कर्मचारी नेताओं से भी बात की गई।


भाजपा शिमला शहरी महामंत्री का मांगा इस्तीफा
लोस चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़े रवि कुमार ने नगर निगम आयुक्त पर टिप्पणी करने के मामले में शिमला शहरी भाजपा महामंत्री संजीव सूद का इस्तीफा मांगा है। रवि कुमार ने कहा कि संजीव सूद ने जो आरोप लगाए हैं उसके सबूत सामने लाए या फिर झूठे आरोप लगाने पर पद त्याग दें।
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