हिमाचल: दिवाली के लिए 4500 अग्निशमन कर्मी अलर्ट पर; छुट्टियां रद्द, सतर्कता बरतने के निर्देश
सभी दमकल कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें विभिन्न शिफ्टों में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। शिमला समेत प्रदेश के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले बाजारों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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दीपावली पर आग की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने पूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेशभर में 4500 से अधिक अग्निशमन और होमगार्ड कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी दमकल कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें विभिन्न शिफ्टों में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। शिमला समेत प्रदेश के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले बाजारों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग का लक्ष्य आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जन-धन के नुकसान को न्यूनतम करना है। दीपावली के दौरान बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। वहीं, पटाखों की आतिशबाजी के कारण आग लगने का खतरा भी अधिक रहता है।
घनी आबादी और सटकर बने भवनों के चलते आग तेजी से फैलने की आशंका
शिमला जैसे शहरों में घनी आबादी और सटकर बने भवनों के चलते आग तेजी से फैलने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए अग्निशमन विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। दमकल कर्मी सुबह से देर रात तक अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी देंगे। नियमित अवकाश पर रोक लगाई गई है। केवल अत्यंत आपात स्थिति में ही कर्मचारियों को छुट्टी की अनुमति मिलेगी। दमकल बल के साथ अतिरिक्त होमगार्ड जवानों को भी तैनात किया गया है। प्रदेश के प्रमुख पटाखा बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं।
आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए पाइपलाइन बिछाने की व्यवस्था
आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए पाइपलाइन बिछाने की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। विभाग के सामने इस बार भी आग लगने की घटनाओं पर कम से कम समय में काबू पाने की चुनौती है। बीते एक दशक के आंकड़े भी दीपावली के दौरान आग की घटना के खतरे को दर्शाते हैं। विभाग के अनुसार इस अवधि में दीपावली के दौरान आग की घटनाओं में 20 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर नष्ट हो चुकी है। हालांकि, अग्निशमन दल की समय पर कार्रवाई से इससे कई गुना अधिक संपत्ति को बचाया गया है। इस बार भी विभाग रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखने पर जोर दे रहा है।