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शहर में बंद होगी कीमैन की मनमानी, सबको अब बराबर मिलेगा पानी
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शहर में अब सभी को मिल सकेगा बराबर पानी
पेयजल के वितरण में कीमैन की मनमानी का खेल होगा खत्म, पानी का प्रेशर एक समान करने के लिए लगेंगे प्रेशर वॉल्व
नहीं रहेगी पाइप की चाबियां खोलने-बंद करने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में अब सभी को बराबर पानी मिल सकेगा। कई इलाकों में पानी के कम प्रेशर की शिकायत भी नहीं रहेगी। इसके लिए शहर में बिछी पेयजल पाइपलाइनों में आधुनिक प्रेशर वाल्व लगाए जा रहे हैं।
विकासनगर और संजौली में ट्रायल आधार पर इस योजना को शुरू कर दिया है। प्रेशर वाल्व लगने से आम जनता को फायदा होगा। वहीं मनमर्जी से चाबियां घुमाकर होटल वालों और रसूखदारों को आम जनता से ज्यादा पानी देने का कीमैनों का खेल भी बंद हो जाएगा। पेयजल कंपनी ने शहर में 50 से अधिक स्थान चिन्हित कर लिए हैं जहां ये वाल्व लगने हैं।
यह वाल्व प्रेशर की सटीक जानकारी देते हैं। इसमें प्रेशर दिखाने के लिए एक मीटर लगा होता है। पाइपलाइन में जहां भी यह वाल्व लगेगा, वहां पता चल सकेगा कि वाल्व से पीछे और आगे की लाइन में पानी का कितना प्रेशर है। अभी कीमैन महज अंदाजा लगाकर चाबियां खोल देते हैं। इससे कई लाइनों में ज्यादा पानी चला जाता है जबकि बाकियों में कम। अब यह प्रेशर वाल्व बताएंगे कि किस लाइन में कितना प्रेशर है। वाल्व में प्रेशर सेट भी किया जा सकता है। शहर के कई इलाकों में कम प्रेेशर की शिकायतें आती हैं। साथ ही कीमैनों पर आरोप लगते रहे हैं कि वह गर्मियों के दिनों में होटल वालों को ज्यादा पानी देते हैं।
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सभी स्टोरेज टैंकों में लगेंगे सेंसर
पेयजल कंपनी शहर के सभी 43 स्टोरेज टैंकों में सेंसर लगाने जा रही है। इसका कंट्रोल रूम संजौली में बनाया जा रहा है। सेंटर की मदद से जहां हर टैंक का जलस्तर चेक किया जा सकेगा। वहीं, पानी में क्लोरीन की कितनी मात्रा है, इस पर भी नजर रहेगी। इससे पेयजल वितरण बेहतर करने में भी मदद मिलेगी। हालांकि, अभी सेंसर लगाने के लिए बिजली के कनेक्शन नहीं मिल पा रहे। कंपनी ने सभी टैंकों की फेंसिंग भी कर दी है।
ट्रायल शुरू कर दिया है
दो जगह पर इसका ट्रायल शुरू कर दिया है। वाल्व लगने से उन इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी फायदा होगा जहां पानी का प्रेेशर कम रहता है। वाल्व प्रेशर बढ़ाने और समान वितरण में मदद करेगा।
-धर्मेंद्र गिल, प्रबंध निदेशक शिमला जल प्रबंध निगम
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पेयजल के वितरण में कीमैन की मनमानी का खेल होगा खत्म, पानी का प्रेशर एक समान करने के लिए लगेंगे प्रेशर वॉल्व
नहीं रहेगी पाइप की चाबियां खोलने-बंद करने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में अब सभी को बराबर पानी मिल सकेगा। कई इलाकों में पानी के कम प्रेशर की शिकायत भी नहीं रहेगी। इसके लिए शहर में बिछी पेयजल पाइपलाइनों में आधुनिक प्रेशर वाल्व लगाए जा रहे हैं।
विकासनगर और संजौली में ट्रायल आधार पर इस योजना को शुरू कर दिया है। प्रेशर वाल्व लगने से आम जनता को फायदा होगा। वहीं मनमर्जी से चाबियां घुमाकर होटल वालों और रसूखदारों को आम जनता से ज्यादा पानी देने का कीमैनों का खेल भी बंद हो जाएगा। पेयजल कंपनी ने शहर में 50 से अधिक स्थान चिन्हित कर लिए हैं जहां ये वाल्व लगने हैं।
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यह वाल्व प्रेशर की सटीक जानकारी देते हैं। इसमें प्रेशर दिखाने के लिए एक मीटर लगा होता है। पाइपलाइन में जहां भी यह वाल्व लगेगा, वहां पता चल सकेगा कि वाल्व से पीछे और आगे की लाइन में पानी का कितना प्रेशर है। अभी कीमैन महज अंदाजा लगाकर चाबियां खोल देते हैं। इससे कई लाइनों में ज्यादा पानी चला जाता है जबकि बाकियों में कम। अब यह प्रेशर वाल्व बताएंगे कि किस लाइन में कितना प्रेशर है। वाल्व में प्रेशर सेट भी किया जा सकता है। शहर के कई इलाकों में कम प्रेेशर की शिकायतें आती हैं। साथ ही कीमैनों पर आरोप लगते रहे हैं कि वह गर्मियों के दिनों में होटल वालों को ज्यादा पानी देते हैं।
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सभी स्टोरेज टैंकों में लगेंगे सेंसर
पेयजल कंपनी शहर के सभी 43 स्टोरेज टैंकों में सेंसर लगाने जा रही है। इसका कंट्रोल रूम संजौली में बनाया जा रहा है। सेंटर की मदद से जहां हर टैंक का जलस्तर चेक किया जा सकेगा। वहीं, पानी में क्लोरीन की कितनी मात्रा है, इस पर भी नजर रहेगी। इससे पेयजल वितरण बेहतर करने में भी मदद मिलेगी। हालांकि, अभी सेंसर लगाने के लिए बिजली के कनेक्शन नहीं मिल पा रहे। कंपनी ने सभी टैंकों की फेंसिंग भी कर दी है।
ट्रायल शुरू कर दिया है
दो जगह पर इसका ट्रायल शुरू कर दिया है। वाल्व लगने से उन इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी फायदा होगा जहां पानी का प्रेेशर कम रहता है। वाल्व प्रेशर बढ़ाने और समान वितरण में मदद करेगा।
-धर्मेंद्र गिल, प्रबंध निदेशक शिमला जल प्रबंध निगम