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Live: कृषि विधेयकों के विरोध में आज 'भारत बंद', पंजाब में ट्रैक पर किसान, बाजार सुनसान

हाल ही में संसद में पास हुए तीन कृषि विधेयकों के विरोध में किसान संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद का आह्वान किया हुआ है। जिसका सबसे ज्यादा असर पंजाब में देखने को मिला। पिछले कई दिन से सड़क पर प्रदर्शन कर रहे पंजाब के किसान बृहस्पतिवार को रेल ट्रैक पर बैठ गए हैं।

पंजाब में किसान मजदूर संघर्ष समिति ने तीन दिन के रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया, जिसे अन्य किसान संगठनों ने भी समर्थन दिया है। रेल रोको आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने शनिवार तक 20 विशेष ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द और पांच को गंतव्य से पहले रोक दिया है।

किसानों ने अमृतसर और फिरोजपुर में रेल पटरियों पर कब्जा किया। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहन) के कार्यकर्ताओं ने बरनाला और संगरूर में रेल पटरियों को जाम किया। वहीं रेल ट्रैक की सुरक्षा हेतु सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों के साथ ही सादी वर्दी में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
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पंजाब में सुनसान पड़े बाजार पंजाब में सुनसान पड़े बाजार

बठिंडाः फंदे पर लटके मिला नाबालिग जोड़ा, लड़की की मौत और लड़के पर हत्या का केस दर्ज

बठिंडा के थाना नथाना के अधीन आते एक गांव में पेड़ पर फंदे से दो नाबालिग लड़का-लड़की लटके मिले। ग्रामीणों ने जब दोनों को उतारा तो लड़के (17) की हालत गंभीर थी, जबकि लड़की (14) की सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर लड़के के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।

पुलिस को दी शिकायत में नाबालिग लड़की के पिता ने लड़के पर आरोप लगाया है कि उसकी बेटी की गला दबाकर हत्या की है। लड़की के पिता ने कहा कि हत्या के बाद आरोपी लड़के ने शव को खेत में लगे एक पेड़ से टांगकर फंदा लगाकर खुदकुशी का मामला बनाने का प्रयास किया।

पुलिस ने लड़के पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, थाना नथाना अधीन आते एक गांव में वीरवार को सुबह एक किशोरी का शव एवं एक लड़का पेड़ से फंदे पर लटका मिला। मामले सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में गांववासी एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी।

मौके पर एकत्र ग्रामीणों ने किशोरी और लड़के को फंदे से उतारा। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों में लड़की की सांसें थम चुकी थीं। सूचना पर पहुंची भुच्चो पुलिस ने किशोरी को सिविल अस्पताल बठिंडा भेजा, जहां उसे मृत बता दिया।
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कैप्टन और रंधावा ने साधा नरेंद्र सिंह तोमर पर निशाना, सुनील जाखड़ बोले- बंद को कामयाब बनाए पंजाबी

कृषि विधेयकों के संबंध में पंजाब सरकार और कांग्रेस पार्टी पर लगाए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आरोपों को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने झूठा करार दिया। उन्होंने हैरानी हैरानी जताते हुए कहा कि एनडीए सरकार की किसानों को बर्बाद करने की साजिश को आगे बढ़ाने में तोमर ने तहजीब और अदब को बिलकुल ही त्याग दिया है। कृषि मंत्री कांग्रेस के खिलाफ खासकर उनके खिलाफ गुमराह करने वाले प्रचार में व्यस्त हैं। कैप्टन ने कहा कि एक इंटरव्यू का हिस्सा रहा कृषि मंत्री का बयान बेतुका है।

तोमर द्वारा किए गए इस सवाल कि क्यों उन्होंने (कैप्टन ने) अपने मैनिफेस्टो में एपीएमसी को बदले जाने की बात कही, का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साफ तौर पर जाहिर होता है कि केंद्रीय मंत्री ने पंजाब कांग्रेस का 2017 का मैनिफेस्टो पढ़ने का भी प्रयास नहीं किया। मैनिफेस्टो में साफ तौर पर यह वादा किया गया था कि एपीएमसी एक्ट को नया रूप दिया जाएगा। इसमें एमएसपी प्रणाली के साथ छेड़छाड़ किए बिना किसानों  की उपज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंडियों तक पहुंचने में मदद करने की बात थी। 

किसानों को मूर्ख बनाने के लिए कोरा झूठ बोल रहे तोमर : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के 2019 के चुनावी घोषणा पत्र में भी स्पष्ट तौर पर दर्ज है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को हर कीमत पर सुरक्षित रखा जाएगा और राज्य सरकारों द्वारा हजारों मार्केट/मंडियां स्थापित की जाएंगी। इनसे किसानों को अपना उत्पाद लाभ के साथ बेचने के लिए आसान पहुंच मुहैया करवाई जा सके। मुख्यमंत्री ने तोमर को चुनौती देते हुए कहा कि आप यह बताओ कि आपके तीन कृषि विधेयकों में कहीं भी किसानों के साथ ऐसे वादे का जिक्र क्यों नहीं किया गया? उन्होंने किसानों को मूर्ख बनाने के लिए कोरा झूठ फैलाने पर मंत्री की कड़ी आलोचना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तोमर के आरोपों के उलट कांग्रेस का अपने वादों से पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता, चाहे यह राष्ट्रीय स्तर पर हों या राज्य स्तर पर।
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पंजाब बंद: जारी रहेगी इंटरनेट सेवा, एसजीपीसी दफ्तर रहेंगे बंद, रेल ट्रैक-सड़कों पर किसानों का डेरा

पंजाब में कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा घोषित पंजाब बंद और रेल रोको आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर गुरुवार को एक खबर वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि पंजाब में गुरुवार शाम से कल रात तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। यह खबर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार की तरफ से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि इंटरनेट बंद होने की झूठी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जबकि सरकार की तरफ से इंटरनेट सेवा बंद करने के बारे में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब में इंटरनेट सेवाएं बंद करने का एलान नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर भरोसा न किया जाए।

अमृतसर: किसान-मजदूर रेल ट्रैक पर लेटे
कृषि विधेयकों के विरोध में किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के सैकड़ों सदस्य गुरुवार को जंडियाला के गांव देवीदासपुर के पास अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर लेट गए। गांव के रेलवे स्टेशन पर भी किसानों ने कब्जा कर लिया। किसानों ने रेलवे ट्रैक के आसपास टेंट लगा लिए हैं। किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर के अनुसार यह धरना-प्रदर्शन अनिश्चितकालीन है। प्रदर्शन में आने वाले किसानों के लिए लंगर का भी प्रबंध हैं।

प्रदर्शन के कारण अमृतसर से चलने वाली 12 गाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। अमृतसर से कोई भी गाड़ी रवाना नहीं हुईं। जिन गाड़ियां को दिल्ली से अमृतसर पहुंचना था, उन्हें अंबाला में रोक दिया गया। कुछ गाड़ियों के रूटों में परिवर्तन कर उन्हें गंतव्य स्टेशन तक पहुंचाया गया। वैसे कोरोना के कारण अमृतसर रेलवे स्टेशन से 12 गाड़ियां ही चल रही थी।

वहीं गुरुवार को ट्रेनें रद्द रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। झारखंड जाने वाले चेतन ने बताया कि उनकी टिकट बुक थी लेकिन यहां आकर पता चला कि सभी ट्रेन रद्द हो गई हैं। एक अन्य यात्री कुलदीप का कहना था कि रेलवे को इस बात की जानकारी पहले देनी चाहिए थी। 
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वित्तमंत्री का आरोप- किसानों को एमएसपी से वंचित करना चाहता है केंद्र, शिअद ने किया पलटवार

पंजाब बंद आज
पंजाब सरकार के किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहने का भरोसा देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा है कि किसान विरोधी कृषि विधेयकों के खिलाफ खिलाफ वह आखिरी दम तक लड़ेंगे।वीरवार को पंजाब भवन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि विधेयकों का मुख्य मकसद किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के सुरक्षा कवच से वंचित करना और देश के अन्नदाता को बर्बाद करना है।

यह विधेयक केवल किसानों को ही नहीं बल्कि सभी पंजाबियों को बुरी तरह प्रभावित करेंगे। संकट की इस घड़ी में सभी पंजाबियों को समझदारी से काम लेने की अपील करते हुए मनप्रीत बादल ने कहा कि पंजाबियों को सख्त मेहनत और किसी भी जबर, अन्याय और बेइंसाफी के खिलाफ संघर्ष में निर्भिक रहने का वरदान है।

किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले कदमों को कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे और पंजाब सरकार की तरफ से भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों का डट कर विरोध करेगी। उन्होंने किसी को भी किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने की आज्ञा नहीं दी जाएगी।
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हरसिमरत कौर बादल ने केंद्र सरकार को घेरा, बोलीं- दिल्ली की ईंट से ईंट बजाने का समय आ गया

शिरोमणि अकाली दल सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और सांसद सुखबीर सिंह बादल ने एलान किया कि जब तक किसान विरोधी कृषि विधेयक वापस नहीं लिए जाते तब तक शिअद किसानों के साथ लड़ाई लडे़गी। तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होने के बाद हरसिमरत कौर बादल ने सभी राजनीतिक दलों को आह्वान किया कि पार्टी बाजी से ऊपर उठकर किसानों के समर्थन में दिल्ली की ईंट से ईंट बजाने का समय आ गया। 

उन्होंने कहा कि अगर पंजाबी कौम देश के लिए जान कुर्बान कर सकती है तो वो अपने हक के लिए कुछ भी कर सकती है। अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए हरसिमरत बादल ने कहा कि उन्हें इस कृषि विधेयक के बारे में तीन माह पहले ही पता चला था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपना विरोध जताया था और अपने मंत्रालय की डायरी पर भी विरोध दर्ज किया है। उन्होंने कभी इन विधेयकों की हिमायत नहीं की। विरोधी दल झूठा प्रचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वे तो किसानों के समर्थन में आवाज बुलंद करने अपनी मां को आईसीयू में छोड़कर संसद पहुंची थी। वहां जब उनकी सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

कैप्टन और मनप्रीत तो मंजूरी दे चुके अब विरोध का ड्रामा क्यों- सुखबीर
श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होने के बाद सांसद सुखबीर बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल पहले ही कृषि विधेयक के हक में मंजूरी दे चुके हैं फिर अब इसके विरोध का ड्रामा क्यों कर रहे हैं।

सुखबीर बादल ने मंच से 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र को दिखाते हुए राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने तो अपने घोषणा पत्र में पहले ही इन कानूनों को शामिल किया था। अब कांग्रेसी विरोध करने का ड्रामा कर रहे हैं।

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किसान बोले- मक्की का एमएसपी 1835 रुपये... बिक रही 600 में, कैसे करें केंद्र सरकार पर भरोसा

पंजाब में नहीं थम रहा कोरोना, 76 की और जान गई, 1793 नए पॉजिटिव मिले

पंजाब में कोरोना से मौतों के आंकड़ों में कोई गिरावट नहीं आ रही है। गुरुवार को राज्य में कोरोना संक्रमण से 76 लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही सूबे में अब तक वायरस से मरने वालों की संख्या 3066 हो गई है। इसके अलावा 1793 नए मामले भी सामने आए हैं। राज्य में अब तक 105220 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक पंजाब में संदिग्ध मामलों की संख्या 1682723 पहुंच गई है। इनमें पॉजिटिव मरीजों की संख्या 105220 दर्ज की गई है। 81475 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से मौतों के मामले में लुधियाना नंबर वन बना हुआ है। यहां अब तक सबसे ज्यादा 695 लोग संक्रमण से मौत का शिकार हो चुके हैं। जालंधर में अब तक 351 और पटियाला में 302 लोग संक्रमण से दम तोड़ चुके हैं। 

गुरुवार को कोरोना संक्रमण से एसएएस नगर में 9, बठिंडा में 8, जालंधर में 8, कपूरथला में 8, लुधियाना में 7, अमृतसर में 6, होशियारपुर में 6, गुरदासपुर में 5, रोपड़ में 5, पटियाला में 4, संगरूर में 4, फरीदकोट में 2, तरनतारन में 2, मनसा में 1 और एसबीएस नगर में 1 की मौत हो गई।

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