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मानसा की कुदाल का जलवा: पीएम मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन ने लगाए पौधे, इंस्टाग्राम पर वीडियो देख मिला था ऑर्डर
Fri, 18 Sep 2026 08:41 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा
Published by: Nivedita
Updated Fri, 18 Sep 2026 08:41 AM IST
सार
गुरनाम सिंह के बेटे जतिन ने जनवरी में इंस्टाग्राम पर अपना पेज बनाया था। उसने औजारों के वीडियो डाले। वीडियो देखकर ब्रिक्स सम्मेलन की टीम ने उनसे संपर्क किया और 11 कुदाल का ऑर्डर दिया।
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मानसा के गुरनाम सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मानसा की मंडी बरेटा के मिस्त्री गुरनाम सिंह रामगढ़िया की बनाई कुदाल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स सम्मेलन में पौधे लगाए। खास बात यह है कि यह किसी कंपनी की कुदाल नहीं बल्कि बरेटा में छोटी सी दुकान चलाने वाले गुरनाम सिंह के हाथों से तैयार हुई है।
50 वर्षीय गुरनाम सिंह तीन पीढ़ियों से खेती के औजार बनाने का काम कर रहे हैं। उनके दादा और पिता भी यही काम करते थे। गुरनाम मुख्य रूप से लकड़ी और पीतल के सुंदर औजार बनाते हैं जो दिल्ली तक बिकते हैं। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में उनकी कुदाल का इस्तेमाल होना उनके वर्षों के परिश्रम की बड़ी पहचान है।
गुरनाम सिंह के 23 वर्षीय बेटे जतिन ने जनवरी में इंस्टाग्राम पर जीएस एग्रीकल्चर फैब्रिकेशन वर्क्स का पेज बनाया था। उसने पिता के बनाए औजारों के वीडियो डाले। वीडियो देखकर ब्रिक्स सम्मेलन की टीम ने संपर्क किया और पहले दो नमूने मंगवाए। पसंद आने पर 8 सितंबर तक 11 कुदालें तैयार करने का ऑर्डर दिया गया। कम समय के बावजूद परिवार ने ऑर्डर पूरा कर भेज दिया।
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गुरनाम ने बताया कि एक कुदाल की कीमत करीब दो हजार रुपये है। इसमें मोल्डिंग, नक्काशी और लकड़ी का काम किया गया है। जतिन ने बताया कि कुदाल के चर्चित होने के बाद देश-विदेश से ऑर्डर मिल रहे हैं। बरेटा की मिट्टी से बनी कुदाल का मोदी, शी और पुतिन के हाथों तक पहुंचना उनके लिए गर्व की बात है।
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50 वर्षीय गुरनाम सिंह तीन पीढ़ियों से खेती के औजार बनाने का काम कर रहे हैं। उनके दादा और पिता भी यही काम करते थे। गुरनाम मुख्य रूप से लकड़ी और पीतल के सुंदर औजार बनाते हैं जो दिल्ली तक बिकते हैं। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में उनकी कुदाल का इस्तेमाल होना उनके वर्षों के परिश्रम की बड़ी पहचान है।
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गुरनाम सिंह के 23 वर्षीय बेटे जतिन ने जनवरी में इंस्टाग्राम पर जीएस एग्रीकल्चर फैब्रिकेशन वर्क्स का पेज बनाया था। उसने पिता के बनाए औजारों के वीडियो डाले। वीडियो देखकर ब्रिक्स सम्मेलन की टीम ने संपर्क किया और पहले दो नमूने मंगवाए। पसंद आने पर 8 सितंबर तक 11 कुदालें तैयार करने का ऑर्डर दिया गया। कम समय के बावजूद परिवार ने ऑर्डर पूरा कर भेज दिया।
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गुरनाम ने बताया कि एक कुदाल की कीमत करीब दो हजार रुपये है। इसमें मोल्डिंग, नक्काशी और लकड़ी का काम किया गया है। जतिन ने बताया कि कुदाल के चर्चित होने के बाद देश-विदेश से ऑर्डर मिल रहे हैं। बरेटा की मिट्टी से बनी कुदाल का मोदी, शी और पुतिन के हाथों तक पहुंचना उनके लिए गर्व की बात है।