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मोहालीः लाखों रुपये की ठगी मामले में भगोड़ा शिव सेना नेता गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
Sat, 22 Feb 2020 12:56 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मोहाली
अमर उजाला नेटवर्क, मोहाली
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2020 12:56 PM IST
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साल-2015 में अपने ही एक रिश्तेदार के साथ लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में कई महीनों से भगोड़े चल रहे शिव सेना के नेता अमित शर्मा को मटौर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया और यहां से उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया गया है। मटौर थाने के एसएचओ राजीव कुमार ने बताया कि यह ठगी का केस 2015 में मटौर थाने में दर्ज किया गया था। अमित ने यह लाखों रुपये की ठगी अपने ही फेज-7 में रहने वाले एक रिश्तेदार रविंदर शर्मा से की थी।
शिकायतकर्ता रविंदर शर्मा ने बताया कि आरोपी काफी शातिर है और उसने उनके साथ 23 लाख रुपये की ठगी की है। उन्होंने बताया कि 2008 में उनका एक्सीडेंट हो गया था और इस दौरान उनके एक रिश्तेदार के साथ आरोपी अमित का भी उनके घर आना-जाना शुरू हुआ था। कभी वह फ्रूट तो कभी जूस लेकर पहुंच जाते थे और ऐसा करके उन्होंने मेरा दिल जीत लिया था। इसी बीच मैंने अपने बच्चों को विदेश भेजने की सोची थी और इस बारे में अमित शर्मा से बात की।
इस पर अमित ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि उसे आसानी से बाहर भिजवा देंगे तो इसके लिए अमित को 11 लाख रुपये दे दिए थे। लेकिन आरोपी ने उन्हें बाहर नहीं भेजा और न ही उनके पैसे वापिस किए। जबकि उसके साथ ही एक रिश्तेदार ने मकान के नाम पर और अन्य काम के लिए उनसे 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। उन्होंने बताया कि 2011 से वह शिकायत लेकर मोहाली पुलिस के पीछे घूमते रहे, लेकिन किसी ने उनकी सुनवाई नहीं की।
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उन्होंने इसी मामले को लेकर डीजीपी से मुलाकात की। 2015 में जब अमित पर मुल्लांपुर और बलौंगी में केस दर्ज हुए तो वह दोबारा एसएसपी से मिले। इसके बाद उनकी शिकायत पर मटौर थाने में अमित शर्मा और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। लेकिन यह सभी आरोपी अदालत से भगोड़ा करार देने के बाद पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। इसके बाद उन्होंने अदालत में एक और अर्जी लगाई तो कई बार उनके समन भी हुए, लेकिन आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ और इसके बाद अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
एमएलए का चुनाव भी लड़ चुका आरोपी
मिली जानकारी के मुताबिक अमित शर्मा 2017 मेें मोहाली से एक पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुका है। भले ही इस चुनाव में उसे कामयाबी नहीं मिली है। पीड़ित ने बताया कि आरोपी अमित अपने आपको हिंदू नेताओं का बड़ा जिम्मेदार बताता है। यह जानकारी उसने चुनाव आयोग को दी थी। लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं है। वह कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं।
खुद सीनियर अधिकारियों से भी मिला था
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी अदालत से भगोड़ा घोषित हो चुका था, लेकिन इसके बाद भी वह लगातार खुलेआम घूम रहा था। और इस दौरान वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहता था। कुछ समय पहले पंजाब में हुई हिंदू नेताओं की हत्या के बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिला था। उनके दफ्तर के बाहर की फोटो तक उसने सोशल मीडिया पर शेयर की थी।
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शिकायतकर्ता रविंदर शर्मा ने बताया कि आरोपी काफी शातिर है और उसने उनके साथ 23 लाख रुपये की ठगी की है। उन्होंने बताया कि 2008 में उनका एक्सीडेंट हो गया था और इस दौरान उनके एक रिश्तेदार के साथ आरोपी अमित का भी उनके घर आना-जाना शुरू हुआ था। कभी वह फ्रूट तो कभी जूस लेकर पहुंच जाते थे और ऐसा करके उन्होंने मेरा दिल जीत लिया था। इसी बीच मैंने अपने बच्चों को विदेश भेजने की सोची थी और इस बारे में अमित शर्मा से बात की।
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इस पर अमित ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि उसे आसानी से बाहर भिजवा देंगे तो इसके लिए अमित को 11 लाख रुपये दे दिए थे। लेकिन आरोपी ने उन्हें बाहर नहीं भेजा और न ही उनके पैसे वापिस किए। जबकि उसके साथ ही एक रिश्तेदार ने मकान के नाम पर और अन्य काम के लिए उनसे 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। उन्होंने बताया कि 2011 से वह शिकायत लेकर मोहाली पुलिस के पीछे घूमते रहे, लेकिन किसी ने उनकी सुनवाई नहीं की।
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उन्होंने इसी मामले को लेकर डीजीपी से मुलाकात की। 2015 में जब अमित पर मुल्लांपुर और बलौंगी में केस दर्ज हुए तो वह दोबारा एसएसपी से मिले। इसके बाद उनकी शिकायत पर मटौर थाने में अमित शर्मा और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। लेकिन यह सभी आरोपी अदालत से भगोड़ा करार देने के बाद पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। इसके बाद उन्होंने अदालत में एक और अर्जी लगाई तो कई बार उनके समन भी हुए, लेकिन आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ और इसके बाद अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
एमएलए का चुनाव भी लड़ चुका आरोपी
मिली जानकारी के मुताबिक अमित शर्मा 2017 मेें मोहाली से एक पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुका है। भले ही इस चुनाव में उसे कामयाबी नहीं मिली है। पीड़ित ने बताया कि आरोपी अमित अपने आपको हिंदू नेताओं का बड़ा जिम्मेदार बताता है। यह जानकारी उसने चुनाव आयोग को दी थी। लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं है। वह कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं।
खुद सीनियर अधिकारियों से भी मिला था
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी अदालत से भगोड़ा घोषित हो चुका था, लेकिन इसके बाद भी वह लगातार खुलेआम घूम रहा था। और इस दौरान वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहता था। कुछ समय पहले पंजाब में हुई हिंदू नेताओं की हत्या के बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिला था। उनके दफ्तर के बाहर की फोटो तक उसने सोशल मीडिया पर शेयर की थी।