{"_id":"59b7e9b74f1c1beb7f8b64df","slug":"71505225143-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच साल पहले अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पांच साल पहले अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई
Updated Tue, 12 Sep 2017 07:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच साल पहले हुए कत्ल के आरोप में दो गिरफ्तार
कोठी में चोरी करना चाहते थे, रास्ते में रोड़ा बनने पर किया था नेपाली नौकर का कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
जिला पुलिस ने चंद्रलोक पाश एरिया में पांच साल पहले हुए नेपाली नौकर की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कत्ल का मामला दर्ज कर लिया गया है। कत्ल जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन जोगिंदरपाल सिंगला निवासी मंडी गोबिंदगढ़ की कोठी में हुआ था।
एसएसपी अलका मीना ने बताया कि मामला 17 फरवरी 2012 का है। दो लोगों ने राम बहादुर पुत्र देव सुनार निवासी नेपाल को इसलिए मार दिया था कि वह कोठी में चोरी करना चाहते थे और उससे चार-पांच महीनों से जानने लगे थे।
एसएसपी के अनुसार घटना के समय घर के लोग बाहर गए हुए थे। दूसरे नौकर ने घटना की सूचना कोठी मालिक को दी कि चौकीदार राम बहादुर अपने कमरे में नहीं है। बाद में उसकी लाश बेसमेंट में खून से सनी मिली। उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और पास ही तेजधार हथियार खून से लथपथ पड़ा था। घटना के बाद मंडी गोबिंदगढ़ पुलिस ने मालिक जोगिंदरपाल सिंगला के बयान पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था।
विज्ञापन
एसएसपी ने बताया कि आठ सितंबर को किसी मुखबिर ने एसएचओ महिंदर सिंह को इस मामले में लिप्त दो लोगों के नाम बताए। सीआईए और गोबिंदगढ़ पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की तो 11 सितंबर को आरोपी गोपाल शर्मा और उसके साथी सन्नी कुमार को मंडी गोबिंदगढ़ के गुरु की नगरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार प्राथमिक पूछताछ के दौरान आरोपी गोपाल शर्मा ने माना कि उसका घर घटनास्थल से कुछ दूरी पर है। वह राम बहादुर को करीब 4-5 महीने से जानता था और उससे मिलने के लिए जोगिंदरपाल सिंगला के घर चला जाता था। वह अकसर राम बहादुर से घर के सदस्यों के बाहर जाने और घर की चाबियों के बारे में पूछता रहता था। गोपाल ने अपने दोस्त सन्नी से मिलकर कोठी में लूट की योजना बनाई और रास्ते में रोड़ा बने नौकर को मौत के घाट उतार दिया। जब वह राम बहादुर को मारकर कोठी में दाखिल होने गए तो पालतू कुत्तों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद वह अपने दोस्त चेतन निवासी गोबिंदगढ़ की बाइक से फरार हो गए।
एसएसपी के अनुसार मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है। मुख्य आरोपी गोपाल शर्मा के पास 32 बोर का पिस्तौल भी था जिसके बाबत 14 दिसंबर 2012 को खन्ना पुलिस में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। सन्नी कुमार पर भी खन्ना पुलिस स्टेशन में आपराधिक मामला दर्ज था। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा।
फोटो कैप्शन:12जीबीजीपी01: एसएसली अल्का मीना मंडी गोबिंदगढ़ में हुए अंधे कत्ल की जानकारी देते हुए।
विज्ञापन
कोठी में चोरी करना चाहते थे, रास्ते में रोड़ा बनने पर किया था नेपाली नौकर का कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
जिला पुलिस ने चंद्रलोक पाश एरिया में पांच साल पहले हुए नेपाली नौकर की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कत्ल का मामला दर्ज कर लिया गया है। कत्ल जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन जोगिंदरपाल सिंगला निवासी मंडी गोबिंदगढ़ की कोठी में हुआ था।
एसएसपी अलका मीना ने बताया कि मामला 17 फरवरी 2012 का है। दो लोगों ने राम बहादुर पुत्र देव सुनार निवासी नेपाल को इसलिए मार दिया था कि वह कोठी में चोरी करना चाहते थे और उससे चार-पांच महीनों से जानने लगे थे।
विज्ञापन
एसएसपी के अनुसार घटना के समय घर के लोग बाहर गए हुए थे। दूसरे नौकर ने घटना की सूचना कोठी मालिक को दी कि चौकीदार राम बहादुर अपने कमरे में नहीं है। बाद में उसकी लाश बेसमेंट में खून से सनी मिली। उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और पास ही तेजधार हथियार खून से लथपथ पड़ा था। घटना के बाद मंडी गोबिंदगढ़ पुलिस ने मालिक जोगिंदरपाल सिंगला के बयान पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था।
विज्ञापन
एसएसपी ने बताया कि आठ सितंबर को किसी मुखबिर ने एसएचओ महिंदर सिंह को इस मामले में लिप्त दो लोगों के नाम बताए। सीआईए और गोबिंदगढ़ पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की तो 11 सितंबर को आरोपी गोपाल शर्मा और उसके साथी सन्नी कुमार को मंडी गोबिंदगढ़ के गुरु की नगरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार प्राथमिक पूछताछ के दौरान आरोपी गोपाल शर्मा ने माना कि उसका घर घटनास्थल से कुछ दूरी पर है। वह राम बहादुर को करीब 4-5 महीने से जानता था और उससे मिलने के लिए जोगिंदरपाल सिंगला के घर चला जाता था। वह अकसर राम बहादुर से घर के सदस्यों के बाहर जाने और घर की चाबियों के बारे में पूछता रहता था। गोपाल ने अपने दोस्त सन्नी से मिलकर कोठी में लूट की योजना बनाई और रास्ते में रोड़ा बने नौकर को मौत के घाट उतार दिया। जब वह राम बहादुर को मारकर कोठी में दाखिल होने गए तो पालतू कुत्तों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद वह अपने दोस्त चेतन निवासी गोबिंदगढ़ की बाइक से फरार हो गए।
एसएसपी के अनुसार मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है। मुख्य आरोपी गोपाल शर्मा के पास 32 बोर का पिस्तौल भी था जिसके बाबत 14 दिसंबर 2012 को खन्ना पुलिस में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। सन्नी कुमार पर भी खन्ना पुलिस स्टेशन में आपराधिक मामला दर्ज था। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा।
फोटो कैप्शन:12जीबीजीपी01: एसएसली अल्का मीना मंडी गोबिंदगढ़ में हुए अंधे कत्ल की जानकारी देते हुए।