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आर्मी कैप्टन ने खुद को अगवा करने की फैलाई थी अफवाह
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आर्मी कैप्टन ने खुद को अगवा करने की फैलाई थी अफवाह
कीरतपुर साहिब से लौटते समय कैप्टन की कार की सेंट्रो गाड़ी से हुई थी टक्कर
दूसरी कार के सवारों को पैसे न देने पड़े, इसलिए रचा था ड्रामा, कैप्टन समेत दस लोगों पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोपड़। पुलवामा आतंकी हमले के बाद शुक्रवार देर रात आर्मी कैप्टन के अगवा होने की जिस सूूचना से आर्मी अधिकारियों में हड़कंप मच गया था, वह झूठी निकली। हादसे के कारण हुए नुकसान के पैसे न देने पड़े, इसके लिए कैप्टन ने यह सारा ड्रामा रचा था। कैप्टन की मोबाइल लोकेशन रोपड़ में मिलने के बाद जिला पुलिस ने नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी थी। खुलासा होने पर पुलिस ने कैप्टन विशाल सोलंकी समेत उसके पांच साथियों और अन्य गाड़ी में सवार पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। सूत्रों के अनुसार यह मामला गृह मंत्रालय तक भी पहुंच गया है और कैप्टन के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
जानकारी के अनुसार 22 सिख रेजीमेंट के कैप्टन विशाल सोलंकी वासी मेरठ (यूपी) एक सप्ताह की छुट्टी पर थे। वह अपने दोस्त की पोलो कार में अपने दोस्तों के साथ कसौल (हिमाचल प्रदेश) में घूमने गए थे। लौटते समय कीरतपुर साहिब के पास पोलो गाड़ी की एक सेंट्रो कार के साथ टक्कर हो गई और सेंट्रो गाड़ी का नुकसान हो गया। पोलो कार सवार कैप्टन सोलंकी ने सेंट्रो कार सवार लोगों को चंडीगढ़ में गाड़ी ठीक करवाने की बात कही और दोनों पक्ष चंडीगढ़ की ओर निकल पड़े। रास्ते में एक ढाबे पर सभी ने चाय भी पी। इस दौरान कैप्टन सोलंकी ने आर्मी के सीनियर अधिकारियों से संबंधित दो वाट्सऐप ग्रुपों में अपने अगवा होने की सूचना डाल दी। इस पर आर्मी के सीनियर अधिकारी सतर्क हो गए। कैप्टन की मोबाइल लोकेशन रोपड़ की आने पर जिला पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया। पुलिस ने आनंदपुर साहिब और रोपड़ के डीएसपी की अगुवाई में नाकाबंदी कर दी गई, वहीं पर टीमें बनाकर तलाश शुरू कर दी गई। इस दौरान गश्त टीम जब रोपड़-चंडीगढ़ मार्ग पर गांव बन्नमाजरा के पास पहुंची तो वहीं पर पोलो और सेंट्रो गाड़ियां मिल गई। पुलिस ने जब जांच की तो अगवा करने की खबर झूठी निकली। इस दौरान देर रात को चंडीमंदिर से आर्मी के सीनियर अधिकारी भी मामले की जांच के लिए रोपड़ पहुंच गए।
इसके बाद थाना सिंह भगवंतपुरा में कैप्टन विशाल सोलंकी वासी मेरठ (यूपी), अरविंद कुमार वासी गांव बरोट जिला बागपत (यूपी), बाल इंदू राय वासी शहादरा दिल्ली, रिशव उज्जवल वासी गांव बरोट जिला बागपत (यूपी) और रमन कुमार सिंह वासी मेरठ (यूपी) के खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई की गई। वहीं सेंट्रो कार में सवार दीपक सिंह, धरमिंदर सिंह, नीरज कुमार, विशाल कुमार और संदीप सिंह सभी वासी गांव राजपुर थाना मुरथल जिला सोनीपत के खिलाफ धारा 107-51 की कार्रवाई अमल में लाई गई।
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--कोट--
आर्मी और पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दे दी गई है और दोनों पक्षों के खिलाफ बनती कार्रवाई की गई है।
स्वप्न शर्मा, एसएसपी
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कीरतपुर साहिब से लौटते समय कैप्टन की कार की सेंट्रो गाड़ी से हुई थी टक्कर
दूसरी कार के सवारों को पैसे न देने पड़े, इसलिए रचा था ड्रामा, कैप्टन समेत दस लोगों पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोपड़। पुलवामा आतंकी हमले के बाद शुक्रवार देर रात आर्मी कैप्टन के अगवा होने की जिस सूूचना से आर्मी अधिकारियों में हड़कंप मच गया था, वह झूठी निकली। हादसे के कारण हुए नुकसान के पैसे न देने पड़े, इसके लिए कैप्टन ने यह सारा ड्रामा रचा था। कैप्टन की मोबाइल लोकेशन रोपड़ में मिलने के बाद जिला पुलिस ने नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी थी। खुलासा होने पर पुलिस ने कैप्टन विशाल सोलंकी समेत उसके पांच साथियों और अन्य गाड़ी में सवार पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। सूत्रों के अनुसार यह मामला गृह मंत्रालय तक भी पहुंच गया है और कैप्टन के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
जानकारी के अनुसार 22 सिख रेजीमेंट के कैप्टन विशाल सोलंकी वासी मेरठ (यूपी) एक सप्ताह की छुट्टी पर थे। वह अपने दोस्त की पोलो कार में अपने दोस्तों के साथ कसौल (हिमाचल प्रदेश) में घूमने गए थे। लौटते समय कीरतपुर साहिब के पास पोलो गाड़ी की एक सेंट्रो कार के साथ टक्कर हो गई और सेंट्रो गाड़ी का नुकसान हो गया। पोलो कार सवार कैप्टन सोलंकी ने सेंट्रो कार सवार लोगों को चंडीगढ़ में गाड़ी ठीक करवाने की बात कही और दोनों पक्ष चंडीगढ़ की ओर निकल पड़े। रास्ते में एक ढाबे पर सभी ने चाय भी पी। इस दौरान कैप्टन सोलंकी ने आर्मी के सीनियर अधिकारियों से संबंधित दो वाट्सऐप ग्रुपों में अपने अगवा होने की सूचना डाल दी। इस पर आर्मी के सीनियर अधिकारी सतर्क हो गए। कैप्टन की मोबाइल लोकेशन रोपड़ की आने पर जिला पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया। पुलिस ने आनंदपुर साहिब और रोपड़ के डीएसपी की अगुवाई में नाकाबंदी कर दी गई, वहीं पर टीमें बनाकर तलाश शुरू कर दी गई। इस दौरान गश्त टीम जब रोपड़-चंडीगढ़ मार्ग पर गांव बन्नमाजरा के पास पहुंची तो वहीं पर पोलो और सेंट्रो गाड़ियां मिल गई। पुलिस ने जब जांच की तो अगवा करने की खबर झूठी निकली। इस दौरान देर रात को चंडीमंदिर से आर्मी के सीनियर अधिकारी भी मामले की जांच के लिए रोपड़ पहुंच गए।
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इसके बाद थाना सिंह भगवंतपुरा में कैप्टन विशाल सोलंकी वासी मेरठ (यूपी), अरविंद कुमार वासी गांव बरोट जिला बागपत (यूपी), बाल इंदू राय वासी शहादरा दिल्ली, रिशव उज्जवल वासी गांव बरोट जिला बागपत (यूपी) और रमन कुमार सिंह वासी मेरठ (यूपी) के खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई की गई। वहीं सेंट्रो कार में सवार दीपक सिंह, धरमिंदर सिंह, नीरज कुमार, विशाल कुमार और संदीप सिंह सभी वासी गांव राजपुर थाना मुरथल जिला सोनीपत के खिलाफ धारा 107-51 की कार्रवाई अमल में लाई गई।
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आर्मी और पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दे दी गई है और दोनों पक्षों के खिलाफ बनती कार्रवाई की गई है।
स्वप्न शर्मा, एसएसपी