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निगम में ठेके पर काम कर रहे सफाई सेवकों को लेकर विजिलेंस और निगम अफसर आमने सामने
Updated Mon, 19 Nov 2018 10:51 PM IST
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विजिलेंस और निगम अफसर आमने-सामने
डीसी रेट पर काम कर रहे सफाई सेवकों को लेकर डाली गई थी आरटीआई
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मांग निगम से सफाई सेवकों का रिकॉर्ड
निगम अफसर बोले, खुद कर लेंगे जांच, विजिलेंस का कहना जांच तो जारी रहेगी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। निगम में डीसी रेट पर काम कर रहे सफाई सेवकों की जांच को लेकर विजिलेंस और निगम अफसर आमने सामने आ चुके हैं। हेडक्वार्टर से जांच के आदेश मिलने के बाद स्थानीय विजिलेंस अफसरों ने 16 नवंबर को मामले की जांच शुरू कर निगम से पांच दिन में रिकॉर्ड देने के लिए कहा था। यह समय पूरा हो चुका है, लेकिन निगम ने विजिलेंस को रिकॉर्ड नहीं दिया है। निगम मुलाजिम यूनियन इस जांच को निगम कार्य में हस्तक्षेप बता निगम कमिश्नर को रिकॉर्ड नहीं देने की मांग कर रहे हैं।
यह है मामला
लुधियाना निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल ने 17 सितंबर 2018 को विजिलेंस हेड क्वार्टर चंडीगढ़ में शिकायत दी थी कि लुधियाना निगम में कई मुलाजिमों को ठेके पर रखा गया है लेकिन यह मुलाजिम सिर्फ कागजों में काम करते हैं। इन्हें निगम में तैनात अधिकारियों ने अपने स्तर पर रखा है। हर महीने इनका वेतन इन अधिकारियों की जेबों में जा रहा है। ऐसा कर निगम खजाने को चूना तो लगाया जा रहा है, वही शहर की सफाई व्यवस्था पर भी उल्टा असर पड़ रहा है। इस मामले को लेकर उन्होंने आरटीआई के तहत ठेके पर रखे मुलाजिमों को रिकॉर्ड देने को कहा था जिसे अभी तक निगम ने नहीं दिया है। वही मामला फर्स्ट अपील तक जाने पर भी रिकॉर्ड नहीं दिया गया है।
कोट्स
विजिलेंस हेड क्वार्टर से मुझे इस मामले की जांच करने के आदेश दिए है। मेरी तरफ से निगम को पांच दिन के अंदर रिकार्ड देने के लिए कहा गया था। अभी तक रिकॉर्ड नहीं दिया गया है, जबकि शिकायतकर्ता के बयान हमने दर्ज कर लिए हैं। अगर निगम अफसर रिकॉर्ड नहीं देना चाहते, तो इसका मतलब दाल में कुछ काला जरूर है। रिकॉर्ड देने के लिए निगम को रिमाइंडर लेटर भेजा जाएगा।
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रजिंदर कुमार, इंस्पेक्टर विजिलेंस
--कोट--
विभागीय स्तर पर जांच की जाएगी, अगर कोई खामी सामने आई तो विजिलेंस विभाग को बता दी जाएगी।
केपी बराड़, निगम कमिश्नर
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डीसी रेट पर काम कर रहे सफाई सेवकों को लेकर डाली गई थी आरटीआई
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मांग निगम से सफाई सेवकों का रिकॉर्ड
निगम अफसर बोले, खुद कर लेंगे जांच, विजिलेंस का कहना जांच तो जारी रहेगी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। निगम में डीसी रेट पर काम कर रहे सफाई सेवकों की जांच को लेकर विजिलेंस और निगम अफसर आमने सामने आ चुके हैं। हेडक्वार्टर से जांच के आदेश मिलने के बाद स्थानीय विजिलेंस अफसरों ने 16 नवंबर को मामले की जांच शुरू कर निगम से पांच दिन में रिकॉर्ड देने के लिए कहा था। यह समय पूरा हो चुका है, लेकिन निगम ने विजिलेंस को रिकॉर्ड नहीं दिया है। निगम मुलाजिम यूनियन इस जांच को निगम कार्य में हस्तक्षेप बता निगम कमिश्नर को रिकॉर्ड नहीं देने की मांग कर रहे हैं।
यह है मामला
लुधियाना निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल ने 17 सितंबर 2018 को विजिलेंस हेड क्वार्टर चंडीगढ़ में शिकायत दी थी कि लुधियाना निगम में कई मुलाजिमों को ठेके पर रखा गया है लेकिन यह मुलाजिम सिर्फ कागजों में काम करते हैं। इन्हें निगम में तैनात अधिकारियों ने अपने स्तर पर रखा है। हर महीने इनका वेतन इन अधिकारियों की जेबों में जा रहा है। ऐसा कर निगम खजाने को चूना तो लगाया जा रहा है, वही शहर की सफाई व्यवस्था पर भी उल्टा असर पड़ रहा है। इस मामले को लेकर उन्होंने आरटीआई के तहत ठेके पर रखे मुलाजिमों को रिकॉर्ड देने को कहा था जिसे अभी तक निगम ने नहीं दिया है। वही मामला फर्स्ट अपील तक जाने पर भी रिकॉर्ड नहीं दिया गया है।
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कोट्स
विजिलेंस हेड क्वार्टर से मुझे इस मामले की जांच करने के आदेश दिए है। मेरी तरफ से निगम को पांच दिन के अंदर रिकार्ड देने के लिए कहा गया था। अभी तक रिकॉर्ड नहीं दिया गया है, जबकि शिकायतकर्ता के बयान हमने दर्ज कर लिए हैं। अगर निगम अफसर रिकॉर्ड नहीं देना चाहते, तो इसका मतलब दाल में कुछ काला जरूर है। रिकॉर्ड देने के लिए निगम को रिमाइंडर लेटर भेजा जाएगा।
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रजिंदर कुमार, इंस्पेक्टर विजिलेंस
--कोट--
विभागीय स्तर पर जांच की जाएगी, अगर कोई खामी सामने आई तो विजिलेंस विभाग को बता दी जाएगी।
केपी बराड़, निगम कमिश्नर