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पंथक शक्ति को मजबूती प्रदान करने में टोहड़ा का अहम योगदान-लौंगोवाल
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:36 PM IST
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पंथक को मजबूती प्रदान करने में टोहड़ा का अहम योगदान: लौंगोवाल
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा की 14वीं बरसी ज्ञानी दित सिंह आडीटोरियम बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजनियरिंग कालेज में मनाई गई। जिसमें पंथ रत्न जथेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा यादगारी सोसायटी द्वारा धार्मिक समारोह करवाया गया। जिसमें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने समूह पंथक जत्थेबंदियों को एक मंच पर इकट्ठा होने का न्योता देते हुए धर्म प्रचार लहर में शामिल होने की अपील की। लौंगोवाल ने कहा कि आज पंजाब के हालातों अनुसार गुरुओं की धरती और सिख की विलक्षण पहचान खतरे में है और पंथक शक्ति बिखरने से हमें निराशा के आलम बीच में से गुजरना पड़ रहा है। लौंगोवाल ने कहा कि पंथ रत्न जथेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा की सोच पंथक होने के साथ-साथ राजसी चेतना भरपूर थी उन्होंने हर व्यक्ति को साथ लेकर पंथक शक्ति को मजबूत किया। लोंगोवाल ने जत्थेदार करनैल सिंह पंजोली को जत्थेदार टोहड़ा का अनुकरणात्मिक (नादी) पुत्र बताते कहा कि वह जत्थेदार टोहड़ा की पंथक विचारधारा का सही वारिस हैं। इस मौके ढाडी दरबार में पंथक ढाडी भाई मिलखा सिंह मौजी ने साका ननकाना साहिब के विषय तथा भाई निर्मल सिंह नूर ने पंथक जरनैल हरी सिंह नलूआ बारे इतिहास सुना कर संगत को निहाल किया। इस मौके पिछले 26 साल से यू.पी. की बरेली जेल से रिहा होकर आए भाई वरयाम सिंह का विशेष सम्मान किया गया।
फोटो कैप्शन:01जीबीजीपी04: जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा की बरसी पर एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल को सम्मानित करते करनैल सिंह पंजोली।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा की 14वीं बरसी ज्ञानी दित सिंह आडीटोरियम बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजनियरिंग कालेज में मनाई गई। जिसमें पंथ रत्न जथेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा यादगारी सोसायटी द्वारा धार्मिक समारोह करवाया गया। जिसमें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने समूह पंथक जत्थेबंदियों को एक मंच पर इकट्ठा होने का न्योता देते हुए धर्म प्रचार लहर में शामिल होने की अपील की। लौंगोवाल ने कहा कि आज पंजाब के हालातों अनुसार गुरुओं की धरती और सिख की विलक्षण पहचान खतरे में है और पंथक शक्ति बिखरने से हमें निराशा के आलम बीच में से गुजरना पड़ रहा है। लौंगोवाल ने कहा कि पंथ रत्न जथेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा की सोच पंथक होने के साथ-साथ राजसी चेतना भरपूर थी उन्होंने हर व्यक्ति को साथ लेकर पंथक शक्ति को मजबूत किया। लोंगोवाल ने जत्थेदार करनैल सिंह पंजोली को जत्थेदार टोहड़ा का अनुकरणात्मिक (नादी) पुत्र बताते कहा कि वह जत्थेदार टोहड़ा की पंथक विचारधारा का सही वारिस हैं। इस मौके ढाडी दरबार में पंथक ढाडी भाई मिलखा सिंह मौजी ने साका ननकाना साहिब के विषय तथा भाई निर्मल सिंह नूर ने पंथक जरनैल हरी सिंह नलूआ बारे इतिहास सुना कर संगत को निहाल किया। इस मौके पिछले 26 साल से यू.पी. की बरेली जेल से रिहा होकर आए भाई वरयाम सिंह का विशेष सम्मान किया गया।
फोटो कैप्शन:01जीबीजीपी04: जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा की बरसी पर एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल को सम्मानित करते करनैल सिंह पंजोली।