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मोगा पासपोर्ट स्कैंडलः दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट धारक महिला काबू

Tue, 30 Aug 2016 04:42 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/मोगा
ब्यूरो,अमर उजाला/मोगा Updated Tue, 30 Aug 2016 04:42 PM IST
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moga passport scam, woman arrested, delhi airport, moga
काबू - फोटो : अमर उजाला
थाना सिटी में आठ वर्ष पहले 13 जुलाई 2008 को पुलिस कर्मी की शिकायत पर दर्ज  पासपोर्ट घोटाले में दल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट धारक महिला को इमिग्रेशन अधिकारियों ने काबू कर मोगा पुलिस के हवाले किया है।
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यह महिला जाली दस्तावेजों के साथ फर्जी नाम पर पासपोर्ट बनाकर 8 वर्ष पहले अमेरिका चली गई थी। अब वहां से नागरिकता हासिल कर अमेरिका पासपोर्ट पर भारत लौट रही थी। 
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घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच टीम जिला पुलिस की अपराध शाखा ने आरोपी महिला को स्थानीय क्षेत्र मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत ने महिला और अन्य से पूछताछ के लिए दो दिन का पुलिस रिमांड दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला का असली नाम परमजीत कौर पुत्री बलवंत सिंह गांव नागनवा थाना मजीठा जिला अमृतसर है। 
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उसने साल 2007 में रणजीत कौर टुरना पत्नी पलविंदर सिंह टुरना निवासी गांव दुनेके नाम पर एजेंटों के जरिए जाली दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट हासिल किया था। वह 2008 में इस जाली दस्तावेजों पर बने पासपोर्ट पर अमेरिका चली गई और वहां शादी कर ली थी। उसने जाली दस्तावेजों पर बने पासपोर्ट पर अमेरिका की नागरिकता भी हासिल कर ली और वह अमेरिका से जारी पासपोर्ट पर भारत लौट रही थी। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट धारक महिला को इमिग्रेशन अधिकारियों ने काबू कर मोगा पुलिस के हवाले कर दिया। 

विशेष जांच टीम के मुताबिक जाली दस्तावेजों पर पासपोर्ट बनाकर विदेशों में गए तकरीबन 58 महिलाओं समेत 325 एनआरआई गिरफ्तारी के डर से अपने वतन आने के लिए तरस रहे हैं लेकिन पुलिस की ओर से इन फर्जी पासपोर्ट धारकों की गिरफ्तारी के लिए देश की सभी पासपोर्टों को एलओसी जारी की हुई है। 


विशेष जांच टीम ने मोगा से संबंधित 2002 से 2008 तक 795 पासपोर्ट फाइलों की जांच के दौरान करीब 395 जाली दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्टों की पुष्टि की थी। इस घोटाले में चंडीगढ़ की 14 प्रमुख ट्रेवल एजेंसियों के संचालक, 6 ट्रेवल एजेंट समेत 92 आरोपी अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। इनमें से तकरीबन एक दर्जन आरोपियों को पुलिस ने बेगुनाह करार देकर केस से निकाल दिया है। एक दर्जन आरोपी अदालत में गैर हाजिर होने के कारण उन्हें भगोड़ा करार देने की कार्रवाई अदालत में चल रही है। इस केस में नामजद 3 तत्कालीन हवलदारों रणजीत सिंह, गुरदयाल सिंह और जसविंदर सिंह को विभाग ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। घोटाले में जालंधर, गुरदासपुर, होशियारपुर, मोगा, लुधियाना, फरीदकोट के रहते लोगों ने पुलिस और ट्रैवल एजेंसियों की मिलीभगत से जाली दस्तावेजों जन्म सर्टिफिकेट, राशन कार्ड तैयार कर मोगा की गांधी रोड, गांव दुनेके, गांव चड़िक, बाघापुराना गलत पते पर पासपोर्ट जारी करवाए थे।
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