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‘सिर्फ गाड़ी लूटने के लिए डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पर की थी फायरिंग’
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Thu, 09 Jul 2015 09:54 PM IST
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कपूरथला की सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत पैंथे पर हमला
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एक सुनियोजित वारदात नहीं, बल्कि अपराधियों ने अचानक घटना को अंजाम दिया
था। उनका मकसद सिर्फ इनोवा गाड़ी को लूटना था, जिसमें पैंथे सवार थे। पुलिस
अधिकारियों के अनुसार यह खुलासा जालंधर में तीन दिन पहले मुठभेड़ के बाद
पकड़े सुक्खा भाऊ, सुक्खी विधीपुरिया और फतेह सिंह से पूछताछ के बाद हुआ
है।
एसीपी क्राइम हरजिंदर सिंह का कहना है कि सुक्खा भाऊ, सुक्खी विधीपुरिया और फतेह सिंह ने तीन-चार हत्याएं कर गौंडर से मिलना था। इसके लिए उनको एक वाहन की जरूरत थी। इसके लिए कपूरथला मार्ग पर जाते उनको एक नई इनोवा गाड़ी दिख गई। उन्होंने रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक (विक्रमजीत पैंथे) अपनी पत्नी के साथ बातचीत में मशगूल थे। इसलिए वे उनकी ओर नहीं देख पाए। दो बार हमलावरों ने पैंथे को रुकने का इशारा किया। आखिरकार इनोवा को लूटने के लिए उन्होंने गोलियां चलानी शुरू कर दी, लेकिन इस बीच रेहड़ी वालों ने शोर मचा दिया तो लुटेेरे बाइक पर फरार हो गए।
पुलिस की इस कहानी ने मामले में यू टर्न ले लिया है। क्योंकि पहले दिन प्रेसवार्ता में पुलिस ने कहा था कि बाइक पर सवार सुक्खा विधीपुरिया व फतेह सिंह ने कपूरथला मार्ग पर डीएसपी जेल विक्रमजीत पैंथे पर गोलियां चलाई थी। अब पुलिस का दावा है कि हमलावरों में सुक्खा भाऊ और सुक्खी विधीपुरिया शामिल था। एसीपी क्राइम हरजिंदर सिंह ने तो स्पष्ट कहा कि अभी तक की जांच में सिर्फ गाड़ी लूटने की कहानी सामने आ रही है। उनका मकसद पैंथे को मारना नहीं था। लुटेरों को सिर्फ इनोवा की जरूरत थी, जिसको लेकर आगे उन्होंने होशियारपुर चले जाना था। होशियारपुर में पैंथे की गाड़ी को छोड़कर वहां से नई कार को लूटना था। बाद में अपने गिरोह के सदस्यों के साथ चार हत्याएं करनी थी।
पुलिस के अनुसार पहली हत्या फगवाड़ा में सन्नी नामक युवक की करनी थी। दूसरी हत्या विधीपुरिया ने अपने ही इलाके में रहने वाले एक युवक की करनी थी, जो सुक्खा काहलवां का साथी रहा है। इसके बाद सुक्खी विधीपुरिया ने अपनी प्रेमिका की हत्या करनी थी। क्योंकि उसकी प्रेमिका ने अपने बारे में उसकी पत्नी को बता दिया था। वह खुद विधीपुरिया से शादी करना चाहती थी। इसके बाद फतेह सिंह ने उन लोगों को ठिकाने लगाना था, जिनकी दुश्मनी उसके साथ नवांशहर इलाके में चल रही थी। बहरहाल, जिस तरह से मामला रोजाना यू टर्न ले रहा है, उसमें डीएसपी पैंथे का यह बयान कि मामले में मास्टर माइंड कोई और ही है। इससे कहानी संदेहास्पद होती जा रही है।
वहीं डिप्टी सुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत पैंथे का कहना है कि यह जांच का विषय है। उन पर हमला सुनियोजित तरीके से किया गया है।
पुलिस जांच में पता चला है कि सुक्खा काहलवां की हत्या करने वाला मास्टर माइंड जयपाल फिरोजपुर का था। जयपाल फिरोजपुरिया ने सुक्खा काहलवां हत्याकांड का तानाबाना इस ढंग से बुना था कि उसने एक कवरिंग पार्टी भी आगे तैयार रखी थी। कहीं भी पुलिस उनके साथ भिड़ जाए तो कवरिंग पार्टी अटैक कर डाले। जांच में सामने आया है कि सुक्खी विधीपुरिया, सुक्खा भाऊ और फतेह ने चार हत्याओं को अंजाम देने दे बाद सीधा गौंडर के साथ जाकर मिलना था।
एसीपी क्राइम हरजिंदर सिंह का कहना है कि सुक्खा भाऊ, सुक्खी विधीपुरिया और फतेह सिंह ने तीन-चार हत्याएं कर गौंडर से मिलना था। इसके लिए उनको एक वाहन की जरूरत थी। इसके लिए कपूरथला मार्ग पर जाते उनको एक नई इनोवा गाड़ी दिख गई। उन्होंने रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक (विक्रमजीत पैंथे) अपनी पत्नी के साथ बातचीत में मशगूल थे। इसलिए वे उनकी ओर नहीं देख पाए। दो बार हमलावरों ने पैंथे को रुकने का इशारा किया। आखिरकार इनोवा को लूटने के लिए उन्होंने गोलियां चलानी शुरू कर दी, लेकिन इस बीच रेहड़ी वालों ने शोर मचा दिया तो लुटेेरे बाइक पर फरार हो गए।
पुलिस की इस कहानी ने मामले में यू टर्न ले लिया है। क्योंकि पहले दिन प्रेसवार्ता में पुलिस ने कहा था कि बाइक पर सवार सुक्खा विधीपुरिया व फतेह सिंह ने कपूरथला मार्ग पर डीएसपी जेल विक्रमजीत पैंथे पर गोलियां चलाई थी। अब पुलिस का दावा है कि हमलावरों में सुक्खा भाऊ और सुक्खी विधीपुरिया शामिल था। एसीपी क्राइम हरजिंदर सिंह ने तो स्पष्ट कहा कि अभी तक की जांच में सिर्फ गाड़ी लूटने की कहानी सामने आ रही है। उनका मकसद पैंथे को मारना नहीं था। लुटेरों को सिर्फ इनोवा की जरूरत थी, जिसको लेकर आगे उन्होंने होशियारपुर चले जाना था। होशियारपुर में पैंथे की गाड़ी को छोड़कर वहां से नई कार को लूटना था। बाद में अपने गिरोह के सदस्यों के साथ चार हत्याएं करनी थी।
पुलिस के अनुसार पहली हत्या फगवाड़ा में सन्नी नामक युवक की करनी थी। दूसरी हत्या विधीपुरिया ने अपने ही इलाके में रहने वाले एक युवक की करनी थी, जो सुक्खा काहलवां का साथी रहा है। इसके बाद सुक्खी विधीपुरिया ने अपनी प्रेमिका की हत्या करनी थी। क्योंकि उसकी प्रेमिका ने अपने बारे में उसकी पत्नी को बता दिया था। वह खुद विधीपुरिया से शादी करना चाहती थी। इसके बाद फतेह सिंह ने उन लोगों को ठिकाने लगाना था, जिनकी दुश्मनी उसके साथ नवांशहर इलाके में चल रही थी। बहरहाल, जिस तरह से मामला रोजाना यू टर्न ले रहा है, उसमें डीएसपी पैंथे का यह बयान कि मामले में मास्टर माइंड कोई और ही है। इससे कहानी संदेहास्पद होती जा रही है।
वहीं डिप्टी सुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत पैंथे का कहना है कि यह जांच का विषय है। उन पर हमला सुनियोजित तरीके से किया गया है।
पुलिस जांच में पता चला है कि सुक्खा काहलवां की हत्या करने वाला मास्टर माइंड जयपाल फिरोजपुर का था। जयपाल फिरोजपुरिया ने सुक्खा काहलवां हत्याकांड का तानाबाना इस ढंग से बुना था कि उसने एक कवरिंग पार्टी भी आगे तैयार रखी थी। कहीं भी पुलिस उनके साथ भिड़ जाए तो कवरिंग पार्टी अटैक कर डाले। जांच में सामने आया है कि सुक्खी विधीपुरिया, सुक्खा भाऊ और फतेह ने चार हत्याओं को अंजाम देने दे बाद सीधा गौंडर के साथ जाकर मिलना था।