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केएमवी कॉलेज की पूर्व प्रिंसिपल रीटा बावा के हत्याकांड का मामला

Fri, 01 Mar 2019 09:55 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Fri, 01 Mar 2019 09:55 PM IST
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केएमवी कॉलेज की पूर्व प्रिंसिपल रीटा बावा के हत्याकांड का मामला
चार लोगों की हत्या में नामजद आरोपी 11 साल बाद पकड़ा
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केएमवी कॉलेज की पूर्व प्रिंसिपल रीटा बावा के हत्याकांड का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। साल 2008 में केएमवी कॉलेज की पूर्व प्रिंसिपल रीटा बावा समेत चार लोगों की हत्या में नामजद एक ओर भगोड़े आरोपी को कमिश्नरेट पुलिस ने पकड़ा है। गिरफ्तार हुए आरोपी की पहचान बिहार के जिला पूर्णिया के रहने वाले मनोज यादव पुत्र जगदीश यादव के रूप में हुई है।

पुलिस ने 11 साल पर बाद इस भगोड़े को काबू किया। अब भी इस केस में नामजद तीन आरोपी साचिन यादव, राम कुमार उर्फ रामू और गणेश सवरनकार भगोड़े हैं। बता दें कि छह जनवरी, 2008 को केएमवी कॉलेज की प्रिंसिपल रीटा बावा, उनके दो सिक्योरिटी गार्ड और एक नौकर की कॉलेज कैंपस में ही हत्या कर दी गई थी। प्रिंसिपल समेत मारे गए चारों लोगों के शवों को सबसे पहले एक नौकरानी ने देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी थी। हत्या की शिकार हुई कन्या महाविद्यालय (केएमवी) की प्रिंसिपल रीटा बावा तलाकशुदा थी और अपने आवास में अकेली रहा करती थी। पुलिस ने इस केस में पहले अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से तीन आरोपियों अब्दुल रसूद, मोहम्मद रहिमन व रमनदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जबकि चौथे आरोपी भौतू यादव को 6 साल की कैद हुई थी। इसके अलावा चार आरोपी भगोड़े थे, जिनमें से पुलिस ने एक आरोपी मनोज यादव को पकड़ लिया है। वहीं तीन आरोपी साचिन यादव, राम कुमार उर्फ रामू और गणेश सवरनकार अब भी भगोड़े हैं।
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