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बठिंडा में ईंधन संकट: ग्रामीण पेट्रोल पंपों पर स्टाॅक खत्म, शहर में फिलहाल राहत; डीसी बोले-कोई समस्या नहीं

Sat, 28 Mar 2026 03:48 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब) Published by: Nivedita Updated Sat, 28 Mar 2026 03:48 PM IST
सार

स्थानीय पेट्रोल पंप मालिकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से डिपो से ईंधन की आपूर्ति बाधित चल रही है। इस वजह से आउट एरिया में स्थित पंपों का स्टाक पहले ही खत्म हो गया। 

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Fuel Crisis Deepens in Bathinda Stocks Depleted at Rural Petrol Pumps
बठिंडा डबवाली रोड पर खाली पड़ा पेट्रोल पंप - फोटो : संवाद

विस्तार

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण देश के कई हिस्सों में ईंधन संकट की स्थिति बनती जा रही है। बठिंडा के ग्रामीण और शहर से बाहर स्थित पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टाक खत्म होने की सूचनाएं आ रही है। 

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हालांकि, शहर के अंदर स्थित अधिकतर पेट्रोल पंपों पर अभी ईंधन उपलब्ध है, लेकिन वहां भी दबाव लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के पंप बंद होने के कारण बड़ी संख्या में वाहन चालक अब शहर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे शहर के पंपों पर कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। अगर स्थिति यही रही तो आने वाले दिनों में शहर में भी संकट गहरा सकता है।
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दूसरी तरफ डिप्टी कमिशनर राजेश धीमान का कहना था कि ऐसी कोई भी समस्या नहीं है। वो लगातार पूरी नजर बनाए हुए है। अगर पेट्रोल डीजल का संकट गहराता है तो ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ जाएगी, क्योंकि गेहूं की फसल कटाई करने का सीजन सिर पर है। 
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स्थानीय पेट्रोल पंप मालिकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से डिपो से ईंधन की आपूर्ति बाधित चल रही है। इस वजह से आउट एरिया में स्थित पंपों का स्टाक पहले ही खत्म हो गया। 

डबवाली रोड पर स्थित पंप मालिक विनोद बंसल ने बताया कि डिपो से नियमित सप्लाई नहीं मिलने के कारण हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के पंप पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि शहर के पंप भी सीमित स्टाक पर चल रहे हैं। ईंधन की कमी का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों के लोगों पर पड़ रहा है। उन्हें पेट्रोल-डीजल के लिए कई किलोमीटर दूर शहर आना पड़ रहा है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है। टैक्सी चालक, आटो चालक और छोटे व्यापारी इस स्थिति से खासे परेशान हैं। 

उनका कहना है कि ईंधन की कमी के कारण उनका रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है। पंप संचालकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विनोद बंसल ने बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान से अपील की है कि वे इस गंभीर स्थिति पर तुरंत ध्यान दें और डिपो अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द ईंधन की आपूर्ति बहाल कराएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो शहर में भी पूरी तरह संकट उत्पन्न हो सकता है।

सरकार पहले से ही इंतजाम करें 

किसान नेता काका सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया एवं अन्य मीडिया के जरिए सूचनाएं देखने को मिल रही कि जिले के ग्रामीण एरिया में पेट्रोल डीजल का संकट गहरा रहा है, अगर वाकई संकट गहरा रहा है तो किसानों को बहुत ज्याद मुिश्कल हो जाएगी, क्योंकि गेहूं की फसल काटने का सीजन सिर पर है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ड्रम एवं टंकी में पेट्रोल डीजल ना भरने के आदेश जारी किए गए है, वो कुछ हद तो ठीक भी है, लेकिन किसानों के लिए ठीक नहीं है। ऐसे में किसानों के लिए छूट होनी चाहिए ताकि किसान अपनी गेहूं की फसल को समय पर काट सकें।

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