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किसानों से मंत्रियों की बैठक: सड़कों से हटेंगे किसान, लेकिन जारी रहेगा धरना, सरकार ने दो दिन का समय मांगा

Sun, 27 Oct 2024 07:48 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 27 Oct 2024 07:48 PM IST
सार

पंजाब के फगवाड़ा में किसान नेताओं और पंजाब सरकार के मंत्रियों के बीच अहम बैठक हुई। यह बैठक किसानों के धरने और प्रदेश की मंडियों में धान की खरीद को लेकर हुई है। बैठक में फूड एंड सप्लाई मंत्री लाल चंद कटारूचक्क और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां किसानों से बात की।

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Minister Lal Chand Kataruchak and Agriculture Minister Gurmeet Singh Khudian meeting with farmer leaders in Ph
फगवाड़ा में किसान नेताओं के साथ बैठक। - फोटो : संवाद

विस्तार

पंजाब में मंडियों से धान की उठान ठीक से न होने और डीएपी की कमी के मुद्दे को लेकर चल रहे संघर्ष के चलते पंजाब सरकार ने किसानों के साथ बैठक की। खाद्य आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह ने इस बैठक में किसानों को बताया कि एक-दो दिन में धान का उठान रफ्तार पकड़ेगा, जिसके चलते किसानों को आगे परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसी के चलते किसान सभी पांच हाईवे से अपना धरना हटाने का तैयार हो गए हैं, लेकिन हाईवे किनारे अपना धरना जारी रखेंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वह दोबारा हाईवे जाम कर देंगे।
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किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमने यह फैसला लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया है। लेकिन हम सारी स्थिति पर नजर रखेंगे। अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संघर्ष के बारे में फैसला लिया जाएगा। किसानों ने अमृतसर-दिल्ली राजमार्ग फगवाड़ा, बदरुखां, संगरूर-बठिंडा हाईवे, उगरू, मोगा-फिरोजपुर राजमार्ग, सठियाली पुल गुरदासपुर टांडा हाईवे और बटाला रेलवे स्टेशन पर रेलवे लाइन को को जाम कर दिया था। 
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पंधेर ने कहा कि अब नमी की शर्त पूरी करने के बावजूद आढ़तियों की तरफ से फसल पर कट लगाया जा रहा था। सरकार ने फैसला किया है कि इस कट की भरपाई आढ़तियों से करवाई जाएगी। न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्य मंडी बोर्ड ने कहा कि 140 लाख मीट्रिक टन धान के लिए 3850 शैलरों के साथ समझौता किया गया है और जिनमें से 2900 चालू हैं। नेताओं ने मांग की कि समझौते को सार्वजनिक किया जाए, जिस पर सरकार सहमत हो गई है। 
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पंधेर ने कहा कि सरकार ने माना है कि आज तक 19 लाख मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग हुई है। 49 लाख टन धान आज मंडियों में पहुंच चुका है। इस तरह अब 30 लाख टन धान मंडियों में पड़ा है, जिसके कारण मंडियां धान से फुल हो रखी है। उन्होंने केंद्र के साथ मुख्यमंत्री की बैठक को सार्वजनिक करने के अलावा जब तक धान की खरीद पूरी नहीं होती, तब तक मंडियों को खुली रखने की मांग की है। इस पर भी सरकार ने सहमति जताई है। इससे पहले सीएम भगवंत मान ने मसले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से फिर संपर्क किया है। साथ ही इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।



फसल पर कट की भरपाई आढ़तियों से करेंगे : कटारूचक्क
खाद्य आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि किसानों की शिकायत है कि कई मंडियों में धान की खरीद एमएसपी पर नहीं की जा रही है और फसल की खरीद पर कट लगाया जा रहा है। किसानों से ऐसे केसों की जानकारी मांगी गई है। सभी केसों में आढ़तियों से भरपाई करवाई जाएगी और ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि 3850 मिलरों ने सरकार के साथ पंजीकरण किया है, जिसमें 30 हजार मिलरों को काम आवंटित किया गया है और 28 हजार मिलरों ने काम भी करना शुरू कर दिया है। सरकार की अपील है कि त्यौहारों के सीजन के चलते मिलर नियमित रूप से धान का उठान करें। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां ने कहा कि डीएपी की खाद की कमी नहीं आएगी, क्योंकि सीएम मान ने केंद्र के समक्ष ये मामला उठाया है। जो प्राइवेट डीलर खाद के साथ अन्य सामग्री किसानों को बेचने पर मजबूर करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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