पंजाब में पांच दिन भारी बारिश: भाखड़ा-पौंग बांधों के फ्लड गेट खोले, सात जिलों में बाढ़; चपेट में सैकड़ों गांव
हिमाचल प्रदेश में हो रही जोरदार बारिश व बादल फटने की घटनाओं के चलते पंजाब के छह जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं मौसम विभाग ने अगले पांच दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
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पंजाब में भारी बारिश हो रही है। आगे भी मौसम खराब रहेगा, जिससे सूबे में बाढ़ का खतरा बरकरार है। वहीं मौसम विभाग ने शुक्रवार से पांच दिन तक कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। शनिवार को भारी से बेहद भारी बारिश अलर्ट है। बुधवार को को लुधियाना में 23.0 एमएम, पटियाला में 14.4 एमएम, फिरोजपुर में 14.0 एमएम, रूपनगर में 42.0 एमएम, एसबीएस नगर में 6.5 एमएम, फाजिल्का में 5.0 एमएम की बारिश दर्ज की गई।
हिमाचल प्रदेश में हो रही जोरदार बारिश व बादल फटने की घटनाओं के चलते पंजाब के छह जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पानी की बढ़ती आमद के कारण लगातार दूसरे दिन भाखड़ा और पौंग बांधों से पानी छोड़ा गया जिसका असर फिरोजपुर, तरनतारन, होशियारपुर, गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का और कपूरथला जिलों में साफ दिखाई दिया। सैकड़ों गांवों में पानी भर गया है। इससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
वहीं, पाकिस्तान में बांध टूटने से फिरोजपुर में बीएसएफ की चौकी डूब गई है। चौकी चारों ओर से पानी से घिर गई है। बीएसएफ जवान मिट्टी के बैग लगाकर पानी रोकने का प्रयास कर रहे हैं। पाकिस्तान की तरफ से टूटे बांध का पानी गट्टी राजोके व टेंडी वाला गांवों में भर गया है। यहां अरबी, मिर्च और धान की फसल नष्ट हो गई है। ग्रामीण मंगल सिंह व गुरदेव सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 वाले हालात बनते जा रहे हैं। उस समय भी पाकिस्तान की तरफ से बाढ़ आई थी। इस बीच, डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने गांव धीरा घारा व आले वाला के साथ लगते सतलुज दरिया के बांध का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मिट्टी के बैग लगाकर बांध के कमजोर हिस्से को मजबूत करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एसडीएम अपने-अपने इलाके में दरिया के किनारे बसे गांव पर पूरी नजर रखे हुए हैं।
खतरे के निशान से 14 फीट नीचे है पानी
भाखड़ा के डैम के फ्लड गेट 24 घंटों से अधिक खुले रहने के बावजूद डैम के जलस्तर में एक फीट की वृद्धि दर्ज की गई है। गोबिंदसागर झील में पानी की आमद 58,671 क्यूसेक दर्ज की गई है जिससे भाखड़ा बांध का जलस्तर 1666 फीट के पास जा पंहुचा जो खतरे के निशान से 14 फीट दूर है। भाखड़ा डैम से टर्बाइनों के माध्यम से 36 हजार और फ्लड गेटों से सात हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। एसडीएम नंगल ने भाखड़ा बांध से बुधवार को कुल 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में हैं।
पौंग बांध से 65,846 क्यूसिक पानी छोड़ा
पौंग बांध की महाराणा प्रताप झील से बुधवार को 65,846 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की वजह से ब्यास नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की जा रही है। डीसी होशियारपुर अशिका जैन ने अधिकारियों को हर समय अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। बीबीएमबी के अधिकारियों ने बताया कि हर तरह की स्थिति पर लगातार 24 घंटे दिन रात के समय बीबीएमबी प्रबंधन के सहित जिलाधीश होशियारपुर, जिलाधीश कांगड़ा के अलावा स्थानीय सिविल प्रशासन के द्वारा भी पल पल की निगरानी रखी जा रही है।
स्वां नदी में बाढ़ से आवाजाही बंद, कीरतपुर–मनाली हाईवे भी धंसा
नंगल में स्वां नदी में पानी आने से एलगरां पुल धंस गया जिससे आवाजाही बंद हो गई है। इस पुल का प्रयोग करते हुए नूरपुरबेदी से नंगल व उपमंडल के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा हिमाचल का संपर्क बाधित हो गया है। एसडीएम सचिन पाठक ने लोगों से अपील की है कि प्रशासन के आदेशों का कड़ाई से पालन करें। वहीं, कीरतपुर-मनाली मुख्य मार्ग पर कल्याणपुर क्षेत्र के पास सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया है। यहां बड़ा हादसा हो सकता है।
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