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भगवानपुरिया की मां की हत्या: हरजीत कौर की बेटे के नाम से थी दहशत, सरपंच रही, नेताओं से बना लेती थी नजदीकियां

Sat, 28 Jun 2025 02:18 PM IST
अंकेश ठाकुर पंकज शर्मा, अमृतसर
पंकज शर्मा, अमृतसर Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sat, 28 Jun 2025 02:18 PM IST
सार

पंजाब का नामी गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। हरजीत कौर की अपने बेटे के नाम से काफी दहशत थी। पंजाब में जिस दल की सरकार होती थी हरजीत कौर उस पार्टी के नेताओं से नजदीकियां बना लेती थी। 

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Gangster Jaggu Bhagwanpuria mother Harjeet Kaur murdered know about her
घटना का सीसीटीवी। - फोटो : संवाद

विस्तार

कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां हरजीत कौर की शूटरों ने वीरवार देर रात गोलियां मार कर हत्या कर दी। इस हमले में हरजीत कौर का बॉडीगार्ड करणवीर भी मारा गया। गांव भेखो वाल निवासी करणवीर सिंह जग्गू के रिश्तेदार का बेटा बताया जा रहा है। हरजीत कौर गांव की पूर्व सरपंच थी। जिस पार्टी की पंजाब में सत्ता होती थी, हरजीत कौर उसी के साथ जुड़ जाती थी। 

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अकाली दल बादल की सरकार के कार्यकाल में हरजीत कौर अकाली दल के साथ रही। कांग्रेस की सरकार दौरान उसने कांग्रेसी नेता रंधावा के साथ नजदीकियां बना रखी थीं। अब वह आम आदमी पार्टी के साथ नजदीकियां रख रही थी। हरजीत कौर के काम जग्गू के चलते प्रशासन व समाज में हो जाते थे। हरजीत कौर की अपने बेटे के नाम से काफी दहशत थी। हरजीत की हत्या की जिम्मेदारी बंबीहा गैंग ने ली है।
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जग्गू भगवानपुरिया अपराध की दुनिया में साल 2012 से सक्रिय है। वह 2015 से जेल में बंद है। शुरुआत में वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का दोस्त था, लेकिन बाद में उनके बीच दुश्मनी हो गई। इसके बाद जग्गू ने अलग गैंग बना लिया। लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने जग्गू पर सिद्धू मूसेवाला के दो हत्यारों का सुराग पंजाब पुलिस को देने का आरोप लगाया था। उसने कनाडा में भी कई हत्याओं को अंजाम देने का दावा किया है, जिसमें सुक्खा दुनुके का मर्डर भी शामिल है। कभी जग्गू बिक्रम सिंह मजीठिया के काफी निकट था। अकाली दल में चर्चा है कि जब मजीठिया का नाम काफी निकटता से जुड़ने लगा तो उसने जग्गू से दूरी बना ली। बता दें कि जग्गू का परिवार पिछड़े वर्ग से है। जग्गू ने नाम कमाने के लिए कई अपराध किए।

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सिलचर जेल भी रहा भगवानपुरिया

मार्च 2025 में उसे एनसीबी ने पीआईटी‑एनडीपीएस एक्ट के तहत बठिंडा जेल से असम की सिलचर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया। जेल प्रशासन का मानना था कि जेल के भीतर जग्गू मोबाइल फोन से गतिविधियों चलाता रहा। जग्गू पर 2012 से अब तक 100 से 128 से अधिक मामलों में नशा, हत्याएं, जबरिया वसूली, हथियार रख-रखाव, ड्रग तस्करी आदि के केस दर्ज हैं। जग्गू सितंबर 2014 क्रॉस-फायरिंग मामले में अपराध की दुनिया में चमका, जहां मजीठा के सोहियां कलां में पुलिस और जग्गू के बीच गोलीबारी हुई। इस मामले में बिक्रम मजीठिया उसकी मां हरजीत कौर के कहने पर जग्गू को गिरफ्तारी न करने पर पुलिस प्रशासन पर दबाव डालते रहे।

मूसेवाला केस में भी जुड़ा नाम

जग्गू का नाम सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी जुड़ा। जग्गू की पहले लॉरेंस बिश्नोई के साथ पहले मित्रता थी। बाद में दुश्मनी रही। जग्गू के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग और हथियार तस्करी के पाकिस्तान, अफगानिस्तान और कनाडा‑अमेरिका तक कनेक्शन है। जेल में रहते हुए उसका साम्राज्य जेल से बाहर भी संचालित है, जिसमें हेरोइन, अफीम तस्करी, जबरन वसूली और मर्डर थ्रेट के आरोप हैै। वर्ष 2015 में हथियार और हेरोइन मामले में उसे 12 साल की सज़ा और 1.5 लाख रुपये जुर्माने की सजा हुई। जुलाई 2012 के एक गंभीर मामले में मुकदमा एनडीपीएस में दर्ज था, जिसमें गवाह सामने न आने के कारण उसे बरी कर दिया गया। जग्गू अभी तक 19 मामलों में बरी है। जबकि लगभग 70 से 128 एफआई आर विभिन्न आपराधिक धाराओं में लंबित हैं।

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