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Crime: खुद को बताता था गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का भाई, शोरूम मालिक से मांगे 1 करोड़, अपराधी बना 24 साल का युवक
Sun, 20 Apr 2025 03:55 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 20 Apr 2025 03:55 PM IST
सार
24 का युवक अपराध की दुनिया में आ गया, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि इसका अंजाम क्या होगा। युवक ने शोरूम मालिक को कॉल कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। पुलिस ने जांच की और अब आरोपी पुलिस हिरासत में है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का खुद को भाई बताकर एक ऑटोमोबाइल शोरूम मालिक से 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले आरोपी को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने शनिवार को दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी फरीदकोट के बरगाड़ी का 24 साल का लवजीत सिंह है।
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लवजीत सिंह पुलिस की गिरफ्त में न आ सके इसके लिए फिरौती मांगने के लिए वह वर्चुअल नंबरों और सोशल मीडिया एप्स का उपयोग करता था। आरोपी ने मोहाली के एक ऑटोमोबाइल शोरूम मालिक से 1 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी और राशि न देने की स्थिति में शिकायतकर्ता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी थी।
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सोशल मीडिया एक्टिविटी से पकड़ा गया आरोपी
एजीटीएफ के एआईजी गुरमीत चौहान ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि अपराधी लवजीत सोशल मीडिया का शौकीन था और एक शानदार जीवन शैली की आस ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। आरोपी पुलिस हिरासत से बचने के लिए रंगदारी कॉल करते हुए अपनी पहचान छुपाने के लिए वर्चुअल नंबरों और एन्क्रिप्टेड एप्स का उपयोग करता था। जब उन्हें शिकायत मिली तो आरोपी के यूजर आईडी और अन्य तकनीकी इनपुट खंगाले गए। एजीटीएफ ने एसएएस नगर के सोहाना पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली है।
मोहाली से पकड़ा गया आरोपी
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एजीटीएफ प्रमोद बान ने कहा कि रंगदारी के बारे में शिकायत मिली थी और कार्रवाई करते हुए एजीटीएफ की पुलिस टीमों ने तकनीकी जानकारी और खुफिया सूचना के माध्यम से कॉल करने वाले के असल ठिकाने का पता लगाया, जिससे आरोपी लवजीत की पहचान हुई और उसे मोहाली से गिरफ्तार कर लिया गया।
एजीटीएफ के एआईजी गुरमीत चौहान ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि अपराधी लवजीत सोशल मीडिया का शौकीन था और एक शानदार जीवन शैली की आस ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। आरोपी पुलिस हिरासत से बचने के लिए रंगदारी कॉल करते हुए अपनी पहचान छुपाने के लिए वर्चुअल नंबरों और एन्क्रिप्टेड एप्स का उपयोग करता था। जब उन्हें शिकायत मिली तो आरोपी के यूजर आईडी और अन्य तकनीकी इनपुट खंगाले गए। एजीटीएफ ने एसएएस नगर के सोहाना पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली है।
मोहाली से पकड़ा गया आरोपी
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एजीटीएफ प्रमोद बान ने कहा कि रंगदारी के बारे में शिकायत मिली थी और कार्रवाई करते हुए एजीटीएफ की पुलिस टीमों ने तकनीकी जानकारी और खुफिया सूचना के माध्यम से कॉल करने वाले के असल ठिकाने का पता लगाया, जिससे आरोपी लवजीत की पहचान हुई और उसे मोहाली से गिरफ्तार कर लिया गया।
गायकों, कारोबारियों और अमीरों को मिल रही धमकियां
एडीजीपी बान ने बताया कि तीन महीने पहले एजीटीएफ ने मलयेशिया से चलाए जा रहे एक जाली रंगदारी रैकेट का पर्दाफाश किया था। इसमें पंजाब भर में गायकों, कारोबारियों और अमीर व्यक्तियों को निशाना बनाया जा रहा था। अपराधी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों के रूप में पीड़ितों और उनके परिवारों को डरा कर पैसे वसूलता था।
फर्जी रंगदारी की कॉल्स से सावधान रहें लोग
एडीजीपी प्रमोद बान ने नसीहत देते हुए लोगों को फर्जी रंगदारी कॉलों से सावधान रहने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हाल ही में यह देखा गया है कि कई अज्ञात अपराधी जिनका किसी भी गिरोह या गैंगस्टरों से कोई संबंध नहीं होता, ऐसे संगठनों का नाम लेकर लोगों के डर का फायदा उठा रहे हैं। अपराधियों द्वारा किए गए अन्य अपराधों और अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए और जांच की जा रही है।
एडीजीपी बान ने बताया कि तीन महीने पहले एजीटीएफ ने मलयेशिया से चलाए जा रहे एक जाली रंगदारी रैकेट का पर्दाफाश किया था। इसमें पंजाब भर में गायकों, कारोबारियों और अमीर व्यक्तियों को निशाना बनाया जा रहा था। अपराधी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों के रूप में पीड़ितों और उनके परिवारों को डरा कर पैसे वसूलता था।
फर्जी रंगदारी की कॉल्स से सावधान रहें लोग
एडीजीपी प्रमोद बान ने नसीहत देते हुए लोगों को फर्जी रंगदारी कॉलों से सावधान रहने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हाल ही में यह देखा गया है कि कई अज्ञात अपराधी जिनका किसी भी गिरोह या गैंगस्टरों से कोई संबंध नहीं होता, ऐसे संगठनों का नाम लेकर लोगों के डर का फायदा उठा रहे हैं। अपराधियों द्वारा किए गए अन्य अपराधों और अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए और जांच की जा रही है।