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Amritsar News: ट्रेड लाइसेंस रिन्यू न करवाने वाले कारोबारियों को निगम लगाएगा 25 फीसदी जुर्माना
Thu, 28 May 2026 10:27 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Thu, 28 May 2026 10:27 PM IST
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ट्रेड लाइसेंस की अवधि को तीन साल के लिए बढ़ाए निगम : मनीष सेठ
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का लक्ष्य पूरा करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। निगम ने व्यापार लाइसेंस नवीनीकरण न करवाने वाले कारोबारियों पर शिकंजा कसना शुरू किया है। इन पर 25 फीसदी जुर्माना लगाने की रणनीति बनाई गई है।
1 मार्च से 30 अप्रैल तक लगभग 6 हजार व्यापार लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ था। निगम का अनुमान है कि शहर में 60 हजार से अधिक कारोबारी इस दायरे में आते हैं। हालांकि, निगम के अभिलेखों में केवल 16 हजार व्यापार लाइसेंस दर्ज हैं। आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बताया कि जनगणना सर्वेक्षण में औद्योगिक प्रतिष्ठानों का पता चलेगा। 2010 में हुई जनगणना में 47,742 दुकानें, दफ्तर और 520 होटल, अतिथि गृह सामने आए थे। पिछले 16 वर्षों में शहर में तेजी से वाणिज्यिक निर्माण हुए हैं। निगम का अनुमान है कि 72 फीसदी कारोबारियों ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है।
जुर्माने का प्रावधान और शुल्क
आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बताया कि 30 जून तक व्यापार लाइसेंस नवीनीकरण पर 25 फीसदी जुर्माना लगेगा। 1 अक्तूबर से 28 फरवरी तक नवीनीकरण करवाने पर 100 फीसदी जुर्माना देना होगा। स्वच्छता शुल्क जमा न होने पर 30 सितंबर तक 10 फीसदी, जुलाई से 30 सितंबर तक 50 फीसदी और 1 अक्तूबर से 28 फरवरी तक 20 फीसदी जुर्माना लगेगा। निगम ने व्यापार लाइसेंस शुल्क 500 रुपये और वार्षिक स्वच्छता शुल्क 300 रुपये निर्धारित किया है। अन्य श्रेणी के बड़े प्रतिष्ठानों पर स्वच्छता शुल्क अधिक है।
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लाइसेंस की अनिवार्यता और सुझाव
म्यूनिसिपल काॅरपोरेशन अधिनियम 1976 की धारा 343 (1) के तहत कारखाने, कार्यशालाएं, विवाह स्थल, होटल, अतिथि गृह, भोजनालय, तंबू घर, भंडार, गोदाम, व्यापारिक प्रतिष्ठान, मरम्मत घर और सभी प्रकार की दुकानों के लिए व्यापार लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों को बंद या सील किया जा सकता है। कारोबारी मनीष सेठ ने सुझाव दिया है कि व्यापार लाइसेंस की अवधि एक साल के बजाय तीन साल की जानी चाहिए। उन्होंने निगम में कर्मचारियों की कमी को इसका कारण बताया।
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अमृतसर। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का लक्ष्य पूरा करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। निगम ने व्यापार लाइसेंस नवीनीकरण न करवाने वाले कारोबारियों पर शिकंजा कसना शुरू किया है। इन पर 25 फीसदी जुर्माना लगाने की रणनीति बनाई गई है।
1 मार्च से 30 अप्रैल तक लगभग 6 हजार व्यापार लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ था। निगम का अनुमान है कि शहर में 60 हजार से अधिक कारोबारी इस दायरे में आते हैं। हालांकि, निगम के अभिलेखों में केवल 16 हजार व्यापार लाइसेंस दर्ज हैं। आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बताया कि जनगणना सर्वेक्षण में औद्योगिक प्रतिष्ठानों का पता चलेगा। 2010 में हुई जनगणना में 47,742 दुकानें, दफ्तर और 520 होटल, अतिथि गृह सामने आए थे। पिछले 16 वर्षों में शहर में तेजी से वाणिज्यिक निर्माण हुए हैं। निगम का अनुमान है कि 72 फीसदी कारोबारियों ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है।
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जुर्माने का प्रावधान और शुल्क
आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बताया कि 30 जून तक व्यापार लाइसेंस नवीनीकरण पर 25 फीसदी जुर्माना लगेगा। 1 अक्तूबर से 28 फरवरी तक नवीनीकरण करवाने पर 100 फीसदी जुर्माना देना होगा। स्वच्छता शुल्क जमा न होने पर 30 सितंबर तक 10 फीसदी, जुलाई से 30 सितंबर तक 50 फीसदी और 1 अक्तूबर से 28 फरवरी तक 20 फीसदी जुर्माना लगेगा। निगम ने व्यापार लाइसेंस शुल्क 500 रुपये और वार्षिक स्वच्छता शुल्क 300 रुपये निर्धारित किया है। अन्य श्रेणी के बड़े प्रतिष्ठानों पर स्वच्छता शुल्क अधिक है।
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लाइसेंस की अनिवार्यता और सुझाव
म्यूनिसिपल काॅरपोरेशन अधिनियम 1976 की धारा 343 (1) के तहत कारखाने, कार्यशालाएं, विवाह स्थल, होटल, अतिथि गृह, भोजनालय, तंबू घर, भंडार, गोदाम, व्यापारिक प्रतिष्ठान, मरम्मत घर और सभी प्रकार की दुकानों के लिए व्यापार लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों को बंद या सील किया जा सकता है। कारोबारी मनीष सेठ ने सुझाव दिया है कि व्यापार लाइसेंस की अवधि एक साल के बजाय तीन साल की जानी चाहिए। उन्होंने निगम में कर्मचारियों की कमी को इसका कारण बताया।