पन्नू के रेफरेंडम 2020 की निकली हवा, नहीं मिला पंजाबियों का समर्थन
श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास कर रेफरेंडम 2020 के लिए मतदाता पंजीकरण की शुरुआत करने की घोषणा करने वाले आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू को पंजाबियों का समर्थन नहीं मिला। एसजीपीसी की टास्क फोर्स रेफरेंडम 2020 के लिए की जाने वाली किसी भी संभावित अरदास के अवसर पर जुटने वाले लोगों को रोकने के प्रति सतर्क थी।
वहीं, श्री अकाल तख्त में अरदास न कर पाने से बौखलाए आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक रूसी पोर्टल के माध्यम से पंजाब में लोगों के लिए ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण शुरू करने की घोषणा कर दी। अमर उजाला को मिली एक मेल में पन्नू ने लिखा है कि एक योजना के तहत मतदाता पंजीकरण के लिए रूस के वेब पोर्टल को चुना, क्योंकि रूस आधारित वेबसाइट उपयोगकर्ता के अनुकूल है। यह पोर्टल अंग्रेजी के साथ-साथ पंजाबी भाषा में भी जानकारी प्रदान करता है।
शनिवार सुबह से ही पुलिस बल के सैकड़ों जवान श्री हरमंदिर साहिब के आसपास के इलाकों में तैनात कर दिए गए थे। सादी वर्दी में पुलिस अधिकारी व जवान सचखंड परिसर विशेष कर श्री अकाल तख्त साहिब प्रांगण में संदिग्ध लोगों पर नजर रखे हुए थे। पुलिस ने सचखंड के बाहर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे।
कई वर्षों बाद पुलिस ने एक जिप्सी में लाइट मशीन गन से लैस पुलिस बल तैनात किया था। सुबह छह बजे से सचखंड के आसपास के इलाकों में पेट्रोलिंग शुरू कर दी गई थी। एसजीपीसी ने मीडिया को सचखंड के भीतर कैमरों सहित प्रवेश करने से रोक दिया। इस मामले में किसी भी पुलिस अधिकारी ने मीडिया से बात नहीं की।
15 जून को श्री अकाल तख्त के जत्थेदार को पत्र लिख मांगा था आशीर्वाद
आतंकी पन्नू ने 15 जून को श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को एक पत्र लिख खालिस्तानी मूवमेंट को आगे बढ़ाने के लिए आशीर्वाद मांगा था। पन्नू ने लिखा था कि चार जुलाई को रेफरेंडम 2020 के लिए मतदाता पंजीकरण शुरू करने से पहले श्री अकाल तख्त साहिब में संगठन के लोग अरदास करेंगे। इसके आधार पर ही शनिवार को पुलिस ने चाक चौबंद सुरक्षा की थी।
भारत विरोधी गतिविधियों के लिए रूसी साइबर स्पेस का इस्तेमाल
अलगाववादी संगठन और प्रो-खालिस्तान ग्रुप सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने शनिवार को एक रूसी पोर्टल के माध्यम से रेफरेंडम 2020 के लिए ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण शुरू किया। ऐसे में भारत विरोधी गतिविधियों को रूसी साइबर स्पेस पर स्थान मिलने से नई मुसीबत खड़ी हो गई है। रूसी वेबसाइट www.punjabfree.ru से पंजीकरण करवाया जा रहा है।
भारत और रूस के बीच दोस्ताना रिश्ते हैं लेकिन भारत विरोधी गतिविधियों के लिए रूसी साइबर स्पेस का इस्तेमाल दोनों देशों के बीच खटास पैदा कर सकता है। यह भारतीय खुफिया एजेंसियों के लिए भी खतरे की घंटी है। कुछ दिन पहले जब पन्नू ने ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण की बात कही थी तब से कयास लगाए जा रहे थे कि पन्नू अमेरिकन वेब स्पेस का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन पन्नू ने शनिवार को जिस वेबसाइट को तैयार कर ऑनलाइन वोटिंग शुरू करवाई, वह रूस के साइबर स्पेस की निकली। रूस के पास अपनी धरती से काम करने के लिए वेब पोर्टल्स के लिए सबसे कठोर कानूनी ढांचा है। ऐतिहासिक रूप से करीबी भारत-रूस संबंधों को देखते हुए, एक रूसी डोमेन पर भारत-विरोधी अभियान चलाने से कई सवाल उठे हैं।