{"_id":"5f774c778ebc3ea965637341","slug":"scattering-started-in-the-strike-in-sgpc-campus-amritsar-news-pkl3897052133","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसजीपीसी परिसर में लगाए धरने में आने लगा बिखराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसजीपीसी परिसर में लगाए धरने में आने लगा बिखराव
विज्ञापन
लापता पावन स्वरूप मामले के आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए सतिकार कमेटी और सिख संगठनों द्वारा एसजीपीसी परिसर में लगाया धरना बरगाड़ी मोर्चे की तरह बिखरने लगा है। वीरवार रात धरने की अगुवाई कर रहे मुख्य सिख संगठन के मुखिया सुखजीत सिंह खोसे ने एसजीपीसी मुख्यालय तेजा सिंह समुंद्री हाल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इस पर वहां मौजूद अन्य संगठनों ने खोसे का साथ देने से साफ इंकार कर दिया। इससे नाराज खोसे श्री हरमंदिर साहिब के नजदीक स्थित अपने निवास पर चले गए। खोसे को मनाने के लिए सिख संगठनों के नेता उनके घर गए लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पंथक हलकों में चर्चा छिड़ गई की कि धरने की आड़ में सिख संगठन के कुछ नेता अपनी नेतागिरी चमका रहे हैं।
पंथक सूत्रों के अनुसार जब से एसजीपीसी में सिख संगठनों ने धरना शुरू किया है, उसी दिन से नेता आपस में उलझते रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने गुरुद्वारा अटारी साहिब में घोषणा की थी कि गुरुद्वारा दीवान हाल मंजी साहिब के बाहर धरना शुरू किया जाएगा। एसजीपीसी ने जब गुरुद्वारा साहिब के किवाड़ बंद कर दिए तब कुछ आगू संगत के साथ एसजीपीसी मुख्यालय के बाहर बैठ गए थे। इस बात पर भी सिख संगठनों में वैचारिक मतभेद पैदा हो गए थे। सिख संगठनों द्वारा गठित सात सदस्य कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि किसी भी मुद्दे पर उनको विश्वास में नहीं लिया गया है। यह कमेटी दावा करती रही है कि एसजीपीसी को दिए गए 9 मांगों के पत्र में से आठ मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं। प्रदर्शन के 19 दिन बीत जाने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन सी मांगें एसजीपीसी ने स्वीकार की हैं। एसजीपीसी परिसर में लगाए गए धरने में संगत की कम उपस्थिति इस बात का संकेत है कि जिस जोश के साथ धरना शुरू हुआ था, वह अब कम हो रहा है।
संगठन एकजुटता से करें फैसले : प्रो. बलजिंदर सिंह
श्री अकाल तख्त साहिब के समानांतर जत्थेदार भाई जगतार सिंह द्वारा गठित कमेटी के मुखिया प्रोफेसर बलजिंदर सिंह ने कहा कि इस मोर्चे के साथ जुड़े सभी संगठन कोई फैसला संगत और आपसी सहमति से करें। इससे ही मोर्चे की शक्ति बढ़ेगी।
विज्ञापन
एसजीपीसी सिख संगठनों के साथ नहीं चाहती टकराव : अहली
एसजीपीसी सचिव महिंदर सिंह अहली के अनुसार, एसजीपीसी सिख संगठनों के साथ किसी भी टकराव के हक में नहीं है। सिख संगठनों का आरोप था कि एसजीपीसी ऊंची आवाज में लाउड स्पीकर लगा कर धरने के समर्थन में पहुंच रही संगत को परेशान कर रही है। एसजीपीसी ने लाउड स्पीकर बंद करवा दिए हैं।
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह दखल दें : रंधावा
एसजीपीसी के पूर्व सचिव कुलवंत सिंह रंधावा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को एक खत भेज कर अपील की है कि वह लापता स्वरूपों के मामले में संगत के शक दूर करें। यदि इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब ने कोई दखल न दिया तो स्थिति खराब हो सकती है।
विज्ञापन
पंथक सूत्रों के अनुसार जब से एसजीपीसी में सिख संगठनों ने धरना शुरू किया है, उसी दिन से नेता आपस में उलझते रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने गुरुद्वारा अटारी साहिब में घोषणा की थी कि गुरुद्वारा दीवान हाल मंजी साहिब के बाहर धरना शुरू किया जाएगा। एसजीपीसी ने जब गुरुद्वारा साहिब के किवाड़ बंद कर दिए तब कुछ आगू संगत के साथ एसजीपीसी मुख्यालय के बाहर बैठ गए थे। इस बात पर भी सिख संगठनों में वैचारिक मतभेद पैदा हो गए थे। सिख संगठनों द्वारा गठित सात सदस्य कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि किसी भी मुद्दे पर उनको विश्वास में नहीं लिया गया है। यह कमेटी दावा करती रही है कि एसजीपीसी को दिए गए 9 मांगों के पत्र में से आठ मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं। प्रदर्शन के 19 दिन बीत जाने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन सी मांगें एसजीपीसी ने स्वीकार की हैं। एसजीपीसी परिसर में लगाए गए धरने में संगत की कम उपस्थिति इस बात का संकेत है कि जिस जोश के साथ धरना शुरू हुआ था, वह अब कम हो रहा है।
विज्ञापन
संगठन एकजुटता से करें फैसले : प्रो. बलजिंदर सिंह
श्री अकाल तख्त साहिब के समानांतर जत्थेदार भाई जगतार सिंह द्वारा गठित कमेटी के मुखिया प्रोफेसर बलजिंदर सिंह ने कहा कि इस मोर्चे के साथ जुड़े सभी संगठन कोई फैसला संगत और आपसी सहमति से करें। इससे ही मोर्चे की शक्ति बढ़ेगी।
विज्ञापन
एसजीपीसी सिख संगठनों के साथ नहीं चाहती टकराव : अहली
एसजीपीसी सचिव महिंदर सिंह अहली के अनुसार, एसजीपीसी सिख संगठनों के साथ किसी भी टकराव के हक में नहीं है। सिख संगठनों का आरोप था कि एसजीपीसी ऊंची आवाज में लाउड स्पीकर लगा कर धरने के समर्थन में पहुंच रही संगत को परेशान कर रही है। एसजीपीसी ने लाउड स्पीकर बंद करवा दिए हैं।
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह दखल दें : रंधावा
एसजीपीसी के पूर्व सचिव कुलवंत सिंह रंधावा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को एक खत भेज कर अपील की है कि वह लापता स्वरूपों के मामले में संगत के शक दूर करें। यदि इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब ने कोई दखल न दिया तो स्थिति खराब हो सकती है।