प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना के बावजूद विकास की गंगा बही। साल 2020 में विकास की कई योजनाएं परवान चढ़ी। शहर को जाम से मुक्त कराने से लेकर रफ्तार बढ़ाने तक की दिशा में बेहतर कार्य हुआ। शहर को चौकाघाट फ्लाईओर मिला। इसके अलावा काशी प्रयागराज हाईवे की सौगात मिली। कोरोना काल में भी विकास कार्य की गति धीमी नहीं हुई। शुरुआत दिनों को छोड़ दिया जाए तो बाद में मजदूरों की संख्या बढ़ाकर काम को पूरा कराया गया। यही नहीं पहली बार ड्रोन के इस्तेमाल से कोरोना काल में सैनिटाइजेशन का काम हुआ। पीटीएमएस (प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम) पहली बार लागू किया गया। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के साथ ही करसड़ा का कूड़ा प्लांट से खाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई।
Year Ender 2020: पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में कोरोना काल में भी बही विकास की गंगा, मिलीं ये सौगातें
कैंट पर लगने वाले जाम से पीएम ने दिलाई मुक्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को चौकाघाट फ्लाईओवर की सौगात दी थी। इस फ्लाईओवर के बनने से शहर में जाम की समस्या में कुछ कमी आई है। 171 करोड़ रुपये से तैयार इस फ्लाईओवर के बनने से तीस मिनट का सफर तीन मिनट में पूरा होगा। इसके चालू होने से कैंट स्टेशन पर लगने वाले जाम से निजात मिली। चौकाघाट से लहरतारा जाने में अब लोग फ्लाईओवर का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह वही फ्लाईओवर है, जिसे रोडवेज से सीधा लहरतारा तक लाया गया है।
काशी से प्रयागराज की दूरी में लगने वाला समय हुआ कम
देवदीपावली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी प्रयागराज हाईवे की सौगात दी थी। 72.64 किमी लंबे हाईवे के बनने से जहां चार घंटे का समय लगता था। वहीं अब डेढ़ से दो घंटे का समय लग रहा है। इसे तैयार करने में एनएचएआई ने 2447 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह सड़क काशी में 20 किमी, भदोही में 35.64 किमी, इलाहाबाद में 15 किमी और दो किमी मिर्जापुर में है। यह सड़क पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्वर्णिम चर्तुभुज योजना का हिस्सा है।
वरुणा पार से हुई डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की शुरुआत
लंबे समय के इंतजार के बाद वरुणा पार इलाके में दो अक्तूबर को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की शुरुआत की गई। इसका अच्छा परिणाम मिलने के बाद अब इसे बाकी बचे चार जोन में लागू करने की तैयारी है। बीते कई सालों से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर विवाद हो रहा था। आखिरकार इस साल लोगाें को नई सुविधा मिली। यही नहीं करसड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र से खाद और बिजली बनाने का काम शुरू हुआ। यहां से खाद किसानों को दी जा रही है।
पहली बार लागू किया गया पीटीएमएस
जीआईएस सर्वे के बाद जब 25 हजार भवन स्वामी ऐसे मिले जो गृहकर नहीं देते थे। तो नगर निगम ने पीटीएमएस (प्रापर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम) की सुविधा लागू की गई। इस सुविधा से अब लोगों को घर बैठे अपने भवन के टैक्स के बारे में जानकारी मिल रही है। इसके लिए कार्यालयों की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है। पहले इसके लिए जोन से लेकर मुख्यालय तक लोगों को दौड़ लगानी पड़ती थी। ऑनलाइन मानीटरिंग सिस्टम होने से अब किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होगी।