सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही साइबर अपराधों में भी काफी वृद्धि हुई है। महिलाएं ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, अश्लील चैटिंग, जासूसी या साइबर अपराध की शिकार हो रही हैं। वह जागरूकता और अपने अधिकारों की जानकारी के अभाव में शिकायत नहीं कर पातीं। यदि आप भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती हैं तो आपको अपने अधिकारों और इससे जुड़े कानूनों को जानना बेहद जरूरी है। ये जानकारी आपको मुश्किल परिस्थितियों में काम आएगी।
सोशल मीडिया इस्तेमाल करती हैं तो पढ़ें खबर, आपके साथ जरूर होता होगा यह, मुश्किलों में आएगा काम
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जाने क्या होता है साइबर हैरेसमेंट -
- आपके सोशल मीडिया अकाउंट जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम वगैरह पर कोई जासूसी करे।
- कोई आपको आपत्तिजनक तस्वीर भेजे, सोशल मीडिया पर आपको गाली दे, अपशब्द कहे या नुकसान पहुंचाने की धमकी दे।
- आपकी निजी तस्वीरें एडिट करके इंटरनेट पर डाल दे।
- आप के मना करने के बाद भी आप से संपर्क करे या बातचीत करने की कोशिश करे तो यह सब साइबर क्राइम के अंतर्गत आता है।
ये कानून देंगे आपका साथ -
अगर कोई भी व्यक्ति ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करें या कोई ऐसी हरकत करें जिससे किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचे तो यहां आईपीसी की धारा 509 का इस्तेमाल कर सकते हैं।
धारा 509 कहती है कि ऐसा कोई शब्द, हरकत या इशारा जो औरत की इज्जत को ठेस पहुंचाए वह अपराध है। अगर आपको कोई बदनाम कर रहा हो या ऐसा कुछ लिख रहा है जिससे आपको मानसिक परेशानी हो रही है तो आप उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 499 के तहत शिकायत करा सकती हैं। कोई शब्द, फोटो या वीडियो जिससे किसी व्यक्ति की बदनामी हो सके उसे अपराध माना जाता है।
यदि कोई आपको तेजाब फेंकने, दुष्कर्म, जान से मारने या आंतरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा है तो इसमें आईपीसी की धारा 503 के तहत शिकायत दर्ज करा सकती हैं। भारत में किसी भी दुष्कर्म पीड़ित, यौन उत्पीड़न की शिकार रही पीड़िता का असली नाम उजागर नहीं कर सकते। अगर कोई सोशल मीडिया पर ऐसा करता है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 228ए के तहत शिकायत की जा सकती है।
जाने कैसे दर्ज होगी शिकायत
अगर आप साइबर अपराध की शिकार हैं तो आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करा सकती हैं। इसके लिए आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करा सकती हैं। यह जरूरी नहीं कि आप उस इलाके के थाने में शिकायत दर्ज कराएं जिस इलाके में घटना हुई है।
शिकायत दर्ज कराने में आप वकील की मदद भी ले सकती हैं। एफआईआर करते वक्त आपको कुछ कागजात और जरूरी सूचनाएं भी देनी पड़ेगी। जैसे- आपकी ईमेल आईडी, पता, नाम फोन नंबर, घर का पता।
अगर आपकी शिकायत दर्ज नहीं हो रही है तो है तो आप न्यायिक मजिस्ट्रेट या कमिश्नर को भी पत्र लिख सकती हैं। अगर आपके शहर में साइबर क्राइम सेल नहीं है तो आपको अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करानी होगी। अगर आपके शहर में साइबर सेल है तो आप साइबर क्राइम सेल के प्रमुख को एक लिखित शिकायत दे सकती हैं। इसमें आपको विस्तार से बताना होगा कि आपके साथ क्या हुआ है और जरूरी जानकारी भी देनी होगी।