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ईयरफोन लगाकर गाना सुन रही थी रसोइया, बच्चे चीखते रहे, मासूम मिड डे मिल के भगौने में तड़पती रही
Tue, 04 Feb 2020 10:37 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 04 Feb 2020 10:37 AM IST
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Midday Meal incident
- फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर में लालगंज थाना क्षेत्र के रामपुर अतरी गांव के प्राथमिक विद्यालय में बच्ची की मौत मामले में डीएम के आदेश पर हेड मास्टर को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही रसोइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है। डीएम सुशील कुमार पटेल ने बीएसए को मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। मासूम के परिजनों का आरोप है कि रसोईया ने न सिर्फ ईयरफोन लगाया था बल्कि बच्चों ने जब उसे आंचल के गिरने के बारे में बताया तो वह उसे निकालने के लिए करछुल खोज रही थी। इसके बाद अध्यापक ने बाहर निकाला। ज्यादा देर तक गर्म सब्जी के भगौने में रहने के कारण आंचल 80 प्रतिशत तक झुलस गई। इसके चलते उसकी मौत हो गई। रसोइया या विद्यालय के अन्य लोग बालिका को बाहर निकालने के लिए भगौने को पलट देते तो वह बच जाती।
Midday Meal incident
- फोटो : अमर उजाला
मासूम के परिजनों का आरोप है कि रसोईया ने न सिर्फ ईयरफोन लगाया था बल्कि बच्चों ने जब उसे आंचल के गिरने के बारे में बताया तो वह उसे निकालने के लिए करछुल खोज रही थी। इसके बाद अध्यापक ने बाहर निकाला। ज्यादा देर तक गर्म सब्जी के भगौने में रहने के कारण आंचल 80 प्रतिशत तक झुलस गई। इसके चलते उसकी मौत हो गई। रसोइया या विद्यालय के अन्य लोग बालिका को बाहर निकालने के लिए भगौने को पलट देते तो वह बच जाती।
विलाप करते हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
नमक रोटी मामला हुआ ताजा
प्राथमिक विद्यालय में सब्जी के भगौने में गिरने से मासूम की मौत मामले ने अहरौरा के प्राथमिक विद्यालय सिउर में छात्रों को नमक रोटी बांटे जाने के मामले को ताजा कर दिया। अभिभावकों की ओर से प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को बेहतर व्यवस्था न दिए जाने की शिकायतें की जाती रहती हैं। गाहे-बगाए दुर्व्यवस्था और लापरवाही के मामले भी सामने आते रहते हैं। मामला संज्ञान में आने पर प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर देते है। कार्रवाई का असर कुछ दिन रहता है, पर इसके बाद फिर व्यवस्थाएं बेपटरी हो जाती हैं।
प्राथमिक विद्यालय में सब्जी के भगौने में गिरने से मासूम की मौत मामले ने अहरौरा के प्राथमिक विद्यालय सिउर में छात्रों को नमक रोटी बांटे जाने के मामले को ताजा कर दिया। अभिभावकों की ओर से प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को बेहतर व्यवस्था न दिए जाने की शिकायतें की जाती रहती हैं। गाहे-बगाए दुर्व्यवस्था और लापरवाही के मामले भी सामने आते रहते हैं। मामला संज्ञान में आने पर प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर देते है। कार्रवाई का असर कुछ दिन रहता है, पर इसके बाद फिर व्यवस्थाएं बेपटरी हो जाती हैं।
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बच्ची का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विद्यालय में तैनात हैं छह रसोइया
प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का विलय होने के कारण पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार यादव ही चार्ज पर हैं। सहायक अध्यापक के रूप में नवनीत कुमार वर्मा, अनुदेशक अर्जुन हैं। प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षामित्र कुसुम देवी, गायत्री देवी, ममता सिंह, कविता सिंह की नियुक्ति है । प्राथमिक विद्यालय में कुल 116 की जगह 43 और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 172 की जगह 82 बच्चे उपस्थित थे। इनके मध्याह्न भोजन के लिए छह रसोइया लीलावती देवी, कमलावती देवी, सोना देवी, मोना देवी, रीता देवी, नगीना देवी रखी गई हैं।
प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का विलय होने के कारण पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार यादव ही चार्ज पर हैं। सहायक अध्यापक के रूप में नवनीत कुमार वर्मा, अनुदेशक अर्जुन हैं। प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षामित्र कुसुम देवी, गायत्री देवी, ममता सिंह, कविता सिंह की नियुक्ति है । प्राथमिक विद्यालय में कुल 116 की जगह 43 और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 172 की जगह 82 बच्चे उपस्थित थे। इनके मध्याह्न भोजन के लिए छह रसोइया लीलावती देवी, कमलावती देवी, सोना देवी, मोना देवी, रीता देवी, नगीना देवी रखी गई हैं।
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बच्ची का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
भाइयों के साथ गई थी, मिल गई मौत
मासूम की मौत होने पर उसका पिता बार-बार यही कह कर रोने लगते हैं कि मासूम आंचल भाइयों के साथ स्कूल पढ़ने जाने की जिद करती थी। क्या पता था कि उसी स्कूल में उसकी मौत होगी। जब आंचल भगौने में गिर तो पिता भागीरथी ड्यूटी पर थे। तभी प्रधान पति का फोन आया। मामले की जानकारी होते ही भागीरथी के हाथ से मोबाइल गिर गया। वह बैंक में ही रोने लगे। इस पर कर्मचारियों ने उसे ढांढस बंधाते हुए घर पहुंचाया। घर पहुंचते ही उनकी पत्नी लिपट कर रोने लगी। दोनों दीपनगर निजी अस्पताल पहुंचे। वहां दोनों मासूम की हालत देखकर रोने लगे। डाक्टर के रेफर करने के बाद मंडलीय अस्पताल आए। वहां पर मासूम के उपचार के दौरान मौत होने पर बेहोश हो गए।
मासूम की मौत होने पर उसका पिता बार-बार यही कह कर रोने लगते हैं कि मासूम आंचल भाइयों के साथ स्कूल पढ़ने जाने की जिद करती थी। क्या पता था कि उसी स्कूल में उसकी मौत होगी। जब आंचल भगौने में गिर तो पिता भागीरथी ड्यूटी पर थे। तभी प्रधान पति का फोन आया। मामले की जानकारी होते ही भागीरथी के हाथ से मोबाइल गिर गया। वह बैंक में ही रोने लगे। इस पर कर्मचारियों ने उसे ढांढस बंधाते हुए घर पहुंचाया। घर पहुंचते ही उनकी पत्नी लिपट कर रोने लगी। दोनों दीपनगर निजी अस्पताल पहुंचे। वहां दोनों मासूम की हालत देखकर रोने लगे। डाक्टर के रेफर करने के बाद मंडलीय अस्पताल आए। वहां पर मासूम के उपचार के दौरान मौत होने पर बेहोश हो गए।