गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को गंगा का पानी अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस मंच का ज्यादातर हिस्सा डूब गया। वहीं, शीतला माता का विग्रह और मंदिर पूरी तरह से डूब गया। गंगा के जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस ने मोटरबोट पर आरती देखने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस चौकी तक पानी पहुंच चुका है।
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Ganga ghat varanasi
- फोटो : रोहित सोनकर
मंगलवार को केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 68.42 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जलस्तर में चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही थी। जबकि दोपहर बाद दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ा। शाम सात बजे गंगा का जलस्तर 68.70 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से 1.56 मीटर नीचे है। अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस के मंच तक पानी पहुंच गया।
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Ganga ghat varanasi
- फोटो : एजेंसी
दशाश्वमेध घाट पर स्थित शीतला माता मंदिर में बीते देर रात पानी प्रवेश कर चुका था और शाम तक मंदिन डूब गया। मंदिर का सिर्फ ऊपरी हिस्सा ही पानी से बाहर दिख रहा है। गंगा के मंदिर में प्रवेश के चलते मां शीतला का मुखौटा बीती रात ही आरती के बाद अहिल्याबाई स्टेट में अहिलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित कर दिया गया। मंगलवार से नित्य का राग-भोग व दर्शन-पूजन शुरू हो गया है।
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- फोटो : रोहित सोनकर
वहीं, नमो घाट पर नमस्ते स्कल्पचर का निचला हिस्सा भी डूब गया है। अस्सी से राजघाट के बीच घाट के सभी मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। कई मंदिरों के तो सिर्फ शिखर ही नजर आ रहे हैं। जल पुलिस प्रभारी ने राजकिशोर पांडेय ने बताया कि दशाश्वमेघ घाट पर होने वाली गंगा आरती अब सांकेतिक रूप से होगी। मणिकर्णिका घाट पर छतों पर और हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवदाह हो रहा है।
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- फोटो : एजेंसी
गंगा आरती के समय नाविक श्रद्धालुओं को नाव और मोटर बोट पर बैठाकर आरती दिखाते हैं। बढ़ते जलस्तर की वजह से इस पर रोक लगा दी गई है। घाटों पर सुरक्षा की दृष्टि से एनडीआरएफ और पीएसी तैनात की गई है।
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