सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कानपुर में 8 पुलिस वालों के हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल खड़ा किया। वाराणसी सर्किट हाउस में ओमप्रकाश राजभर ने पत्रकारों से कहा कि यूपी और एमपी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था का राज खुल रहा था। सरकार ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए फर्जी एनकाउंटर किया है।
Vikas Dubey Encounter News: ओमप्रकाश राजभर के तीखे बोल कहा- यूपी सरकार ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए किया फर्जी एनकाउंटर
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उसके जिंदा रहने से सरकार के कई मंत्री, विधायक, अधिकारी बेनकाब हो सकते थे। सरकार ने इन सबको बचाने के लिए ऐसा किया है। बीजेपी उसे लगातार संरक्षण दे रही थी। उसके पुलिस के अधिकारियों से भी अच्छे ताल्लुकात थे। फरीदाबाद से लेकर उज्जैन तक उसकी मदद करने वालों की कोई कमी नहीं थी। सीबीआई चीफ और ईडी चीफ सब गुजराती है। किससे जांच की उम्मीद की जाए।
दरअसल, मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर से पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे शुक्रवार को कानपुर ले जाते समय वाहन पलटने के बाद भागने लगा। इसी दौरान आत्मसमर्पण करने की चेतावनी के बावजूद नहीं रुकने पर एसटीएफ के हाथों एनकाउंटर में मारा गया।
एनकाउंटर पर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने के डर से सरकार पलटने से बचाई गई है।
अखिलेश के अलावा बसपा अध्यक्ष मायावती, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, दिग्विजय सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी इस एनकाउंटर को लेकर संदेह जाहिर किया है। मायावती ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मुठभेड़ में विकास दुबे की मौत पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, 'कानपुर पुलिस हत्याकांड के मुख्य आरोपी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को मध्य प्रदेश से कानपुर लाते समय आज पुलिस की गाड़ी के पलटने व उसके भागने पर यूपी पुलिस द्वारा मार गिराए जाने आदि के समस्त मामलों की माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह उच्चस्तरीय जांच इसलिए भी जरूरी है ताकि कानपुर नरसंहार में शहीद हुए 8 पुलिसकर्मियों के परिवार को सही इंसाफ मिल सके।