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सेहतमंद होने गए पर रास्ते में मिली मौत, परिवार में अब नहीं बचा कोई पुरुष सदस्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 10 Apr 2018 02:16 PM IST
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रोते बिलखते मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के जौनपुर में सोमवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार की तीन पीढ़िया काल के गाल में समा गईं। हादसे ने एक कुल को उजाड़ दिया। परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
इसी ट्रेलर से हुई दघर्टना
- फोटो : अमर उजाला
रामधारी के निरोग जीवन के लिए उनके पुत्र और पौत्र डाक्टर के यहां जा रहे थे, किसे मालूम था कि नियति तीनों की उम्र ही छीन लेगी। हादसे के बाद से मेदपुर बनकट गांव में मातमी सन्नाटा पसरा गया। बीच-बीच में महिलाओं की चीख और चीत्कार सन्नाटा बीच-बीच में टूटता था।
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- फोटो : अमर उजाला
मेदपुर बनकट निवासी रामधारी पाल की तबियत नासाज चल रही थी। उनको स्वस्थ और शतायु बनाने की कामना से इकलौते पुत्र नागेंद्र उन्हें लेकर मछलीशहर अस्पताल जा रहे थे। बीमारी के चलते रामधारी बाइक पर ठीक से बैठ नहीं पा रहे थे तो उन्हें संभालने के लिए नरेंद्र ने अपने इकलौते बेटे शशिकांत को दादा को संभालने के लिए बाइक पर बैठा लिया।
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वे घर से 20 किलोमीटर दूर ताजुद्दीनपुर के पास पहुंचे थे तभी सामने से मौत का सामान लिए ट्रेलर आकर टकरा गया। तीन पीढ़ियां एक साथ काल के गाल में समा गईं। हादसे से पूरे परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट गया। परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है। नागेंद्र की मां सुदामा, पत्नी चंपा व तीन पुत्री कंचन, किरन और रिशु हैं।
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इसमें कंचन की शादी हो चुकी है। दो पुत्रियों की शादी होनी है। नागेंद्र पहले होमगार्ड था। मगर उससे परिवार का खर्च नहीं चलता था तो उसने मुंबई जाकर नौकरी कर ली। छह माह पहले घर आया था। उसका पुत्र शशिकांत मथुरा में पालीटेक्निक का छात्र था और दो दिन पहले ही घर आया था। हादसे की सूचना मिलते ही सारा गांव घटना स्थल की ओर दौड़ पड़ा। घर की महिलाएं भी रोते बिलखते मौके पर पहुंच गईं।